Rahul giving speech inflation

महंगाई पर भाषण दे रहे राहुल की फिसली जुबां, आटे को गलती से लीटर में बताया

 

नई दिल्ली। आपने शायद गौर किया हो कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी जब कभी-भी केंद्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेने के लिए कोई-भी कदम उठाते हैं, तो बेचारे खुद की ही दुर्गति करवा लेते हैं। आज फिर से केंद्र सरकार को घेरने के चक्कर में राहुल भरी सभा में अपनी छीछालेदर करवा बैठे। हुआ यूं कि उन्होंने मोदी सरकार को घेरने के लिए हल्ला बोल रैली बुलाई थी। जिसमें कांग्रेस के तनाम नेताओं नें अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इस बीच राहुल फुल फॉर्म में भी नजर आएं। कभी महंगाई, तो कभी बेरोजगारी, तो कभी सीमा सुरक्षा, तो कभी सरहदी सुरक्षा, तो कभी रणनीतिक कमजोरियों को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा, लेकिन अफसोस किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और इस बीच कुछ ऐसा हो गया कि राहुल भईया सोशल मीडिया पर फिर से उपहास के पात्र बन गए।
दरअसल, उन्होंने कह दिया कि साल 2014 में आट 22 रुपए लीटर मिलता था, जो कि आज बढ़कर 40 रुपए लीटर हो चुका है। अब जरा गौर कीजिएगा कि कांग्रेस नेता ने आटे जैसे खाद्य पदार्थ के लिए लीटर जैसे मापक सूचक का उपयोग किया है, जबकि आटा, चावल और दाल जैसे पदार्थों के लिए किलो और ग्राम जैसे सूचक उपयोग किए जाते हैं। ऐसे में अब अगर राहुल गांधी जैसे शख्स के मुंह से आटे के लिए लीटर शब्द निकल जाए, तो सोशल मीडिया पर तो उनकी बैंड बजनी तय ही है। तो ऐसा ही कुछ अभी हो रहा है। हालांकि, राहुल ने बाद में अपनी गलती मान ली थी और आटे के लिए किलो शब्द का उपयोग किया। लेकिन, अब सोशल मीडिया पर वो लोगों के निशाने पर आ ही चुके हैं। उनकी जमकर बैंड बजाई जा रही है।

 

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Date : 05 September 2022 Posted By : EDITOR
महंगाई पर भाषण दे रहे राहुल की फिसली जुबां, आटे को गलती से लीटर में बताया
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नई दिल्ली। आपने शायद गौर किया हो कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी जब कभी-भी केंद्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेने के लिए कोई-भी कदम उठाते हैं, तो बेचारे खुद की ही दुर्गति करवा लेते हैं। आज फिर से केंद्र सरकार को घेरने के चक्कर में राहुल भरी सभा में अपनी छीछालेदर करवा बैठे। हुआ यूं कि उन्होंने मोदी सरकार को घेरने के लिए हल्ला बोल रैली बुलाई थी। जिसमें कांग्रेस के तनाम नेताओं नें अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इस बीच राहुल फुल फॉर्म में भी नजर आएं। कभी महंगाई, तो कभी बेरोजगारी, तो कभी सीमा सुरक्षा, तो कभी सरहदी सुरक्षा, तो कभी रणनीतिक कमजोरियों को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा, लेकिन अफसोस किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और इस बीच कुछ ऐसा हो गया कि राहुल भईया सोशल मीडिया पर फिर से उपहास के पात्र बन गए।
दरअसल, उन्होंने कह दिया कि साल 2014 में आट 22 रुपए लीटर मिलता था, जो कि आज बढ़कर 40 रुपए लीटर हो चुका है। अब जरा गौर कीजिएगा कि कांग्रेस नेता ने आटे जैसे खाद्य पदार्थ के लिए लीटर जैसे मापक सूचक का उपयोग किया है, जबकि आटा, चावल और दाल जैसे पदार्थों के लिए किलो और ग्राम जैसे सूचक उपयोग किए जाते हैं। ऐसे में अब अगर राहुल गांधी जैसे शख्स के मुंह से आटे के लिए लीटर शब्द निकल जाए, तो सोशल मीडिया पर तो उनकी बैंड बजनी तय ही है। तो ऐसा ही कुछ अभी हो रहा है। हालांकि, राहुल ने बाद में अपनी गलती मान ली थी और आटे के लिए किलो शब्द का उपयोग किया। लेकिन, अब सोशल मीडिया पर वो लोगों के निशाने पर आ ही चुके हैं। उनकी जमकर बैंड बजाई जा रही है।

 

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