Shikara Service centre of water tourism in State CM Dr. Yadav

Madhya Pradesh: भोपाल की झीलों में कश्मीर का एहसास — CM डॉ. मोहन यादव ने शुरू की भव्य शिकारा सेवा

Madhya Pradesh : भोपाल की झीलों में कश्मीर का एहसास — CM डॉ. मोहन यादव ने शुरू की भव्य शिकारा सेवा

प्रदेश के जल-पर्यटन को राष्ट्रीय पटल पर मिलेगी एक नई पहचान

पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार — CM मोहन यादव ने बड़े तालाब में 20 नई शिकारा सेवाएँ शुरू कीं

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राजा भोज की नगरी भोपाल में लगभग एक हजार साल पहले बने बड़े तालाब में ‘शिकारा नाव’ सेवा का शुभारंभ ऐतिहासिक अवसर है। इन नवीन 20 शिकारों के माध्यम से पर्यटकों को कश्मीर की प्रसिद्ध डल झील का आनंद, झीलों की नगरी भोपाल में ही मिल जाएगा। शिकारों में पर्यटकों के लिए खान-पान एवं आरामदायक बैठक व्यवस्था की गई है। ये शिकारे प्रदेश के जल-पर्यटन (वॉटर टूरिज्म) को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलवाएंगे। प्रदेशवासी पर्यटन सेवा का लाभ उठाने के लिए आगे आएं। एम.पी. टूरिज्म, वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को भी आगे बढ़ा रहा है। शिकारा सेवा का आनंद उठाते हुए पर्यटक स्वदेशी उत्पादों की खरीद भी कर पाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने वन्य जीवों के पुनर्वास में भी इतिहास रचा है। आज अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर कूनो में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को बोट क्लब भोपाल पर ‘शिकारा नाव’ सेवा को झंडी दिखाने के बाद यह विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंदर कल्याण, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार, विधायक एवं अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल विशेष रूप से उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को लेकर आपार संभावनाएं विद्यमान हैं। नर्मदा वैली सहित प्रदेश की बड़ी-बड़ी जल परियानाओं के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित करने वाली गतिविधियां को बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। पिछले एक साल में उज्जैन आने वाले पर्यटकों की संख्या 7 करोड़ के पार पहुंच गई।

शिकारे की सैर का लिया आनंद – मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिकारों को फ्लेग ऑफ करने के बाद बड़े तालाब में शिकारे की सैर का आनंद लिया और उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और गणमान्य नागरिकों ने शिकारा बोट रेस्टोरेंट से चाय, पोहा, समोसे एवं फलों का जायका लिया। साथ ही फ्लोटिंग बोट मार्केट से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की पारम्परिक कला बाग और बटिक वस्त्रों, जैविक उत्पादों आदि की खरीदारी भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोट क्लब पर मौजूद छात्र-छात्राओं के साथ सेल्फी ली और अथितियों के साथ टेलीस्कोप से सूर्य के दर्शन किए। टेलीस्कोप की बोट क्लब पर व्यवस्था वैज्ञानिक पर्यटन को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आंचलिक विज्ञान केंद्र भोपाल द्वारा की गई थी।
पर्यटन विकास से स्थानीय स्तर पर बढ़ेंगे रोजगार के अवसर : वि.स. अध्यक्ष श्री तोमर
विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि राजधानी की इतनी बड़ी झील में शिकारा सेवा की शुरुआत बहुत आकर्षक है। इससे प्रदेश में पर्यटन के अवसर बढ़ेंगे, पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी तो स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
देश के दिल भोपाल का विशेष दर्जा है – हरियाणा वि.स. अध्यक्ष श्री हरविंदर
शिकारा सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंदर कल्याण भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भोपाल सभी भारतवासियों के दिल के करीब है, यह शहर देशभर में अलग दर्जा हासिल किए हुए है। बड़े तालाब में शिकारे चलते देखने का दृश्य अविस्मरणीय है। वरिष्ठ विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेशवासियों को कश्मीर की डल झील जैसा अनुभव भोपाल में होगा। नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव, डल झील के शिकारों के माध्यम से कश्मीर को मध्यप्रदेश ले आए हैं। मध्यप्रदेश टूरिज्म की यह पहल सराहनीय है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर शिकारों का संचालन किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सभी 20 शिकारों का निर्माण प्रदूषण रहित आधुनिक तकनीक से किया गया है। इनका निर्माण ‘फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीयूरिथेन’ और उच्च गुणवत्ता वाली नॉन-रिएक्टिव सामग्री से हुआ है, जो जल के साथ किसी भी प्रकार की रासायनिक क्रिया नहीं करती। इससे बड़े तालाब की पारिस्थितिकी और जल की शुद्धता पूर्णतः सुरक्षित रहेगी। ये शिकारे अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्था द्वारा निर्मित किए गए हैं, जिनके द्वारा निर्मित शिकारे केरल, बंगाल और असम में भी पर्यटकों द्वारा अत्यंत पसंद किए जा रहे हैं। भोपाल का बोट क्लब इन आकर्षक शिकारों के साथ पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। शिकारों पर नौकायन का आनंद लेने के साथ पर्यटक बर्ड वाचिंग, हैंडीक्रॉफ्ट प्रोडक्ट, स्थानीय व्यंजन, आर्गेनिक वेजिटेबल्स और फ्रूट्स आदि भी खरीद सकेंगे।
इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप अहिरवार, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, जिलाध्यक्ष श्री रवींद्र यति सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में पर्यटन प्रेमी उपस्थित थे।
“प्रमुख बिन्दु”
राजा भोज की नगरी भोपाल में लगभग एक हजार साल पहले बने बड़े तालाब में ‘शिकारा नाव’ सेवा का शुभारंभ ऐतिहासिक अवसर।
नवीन 20 शिकारों के माध्यम से पर्यटकों को कश्मीर की प्रसिद्ध डल झील का आनंद, झीलों की नगरी भोपाल में ही मिल जाएगा।
शिकारों में पर्यटकों के लिए खान-पान एवं आरामदायक बैठक व्यवस्था की गई है।
एम.पी. टूरिज्म, वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को भी आगे बढ़ा रहा है।
शिकारा सेवा का आनंद उठाते हुए पर्यटक स्वदेशी उत्पादों की खरीद भी कर पाएंगे।
मध्यप्रदेश ने वन्य जीवों के पुनर्वास में भी इतिहास रचा है।
विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंदर कल्याण, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार, विधायक एवं अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल विशेष रूप से उपस्थित।
प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को लेकर आपार संभावनाएं विद्यमान है।
नर्मदा वैली सहित प्रदेश की बड़ी-बड़ी जल परियानाओं के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित करने वाली गतिविधियां को बढ़ाया जा रहा है।
राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है।
पिछले एक साल में उज्जैन आने वाले पर्यटकों की संख्या 7 करोड़ के पार पहुंच गई।

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Date : 04 December 2025 Posted By : EDITOR
Madhya Pradesh: भोपाल की झीलों में कश्मीर का एहसास — CM डॉ. मोहन यादव ने शुरू की भव्य शिकारा सेवा
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Madhya Pradesh : भोपाल की झीलों में कश्मीर का एहसास — CM डॉ. मोहन यादव ने शुरू की भव्य शिकारा सेवा

प्रदेश के जल-पर्यटन को राष्ट्रीय पटल पर मिलेगी एक नई पहचान

पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार — CM मोहन यादव ने बड़े तालाब में 20 नई शिकारा सेवाएँ शुरू कीं

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राजा भोज की नगरी भोपाल में लगभग एक हजार साल पहले बने बड़े तालाब में 'शिकारा नाव' सेवा का शुभारंभ ऐतिहासिक अवसर है। इन नवीन 20 शिकारों के माध्यम से पर्यटकों को कश्मीर की प्रसिद्ध डल झील का आनंद, झीलों की नगरी भोपाल में ही मिल जाएगा। शिकारों में पर्यटकों के लिए खान-पान एवं आरामदायक बैठक व्यवस्था की गई है। ये शिकारे प्रदेश के जल-पर्यटन (वॉटर टूरिज्म) को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलवाएंगे। प्रदेशवासी पर्यटन सेवा का लाभ उठाने के लिए आगे आएं। एम.पी. टूरिज्म, वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को भी आगे बढ़ा रहा है। शिकारा सेवा का आनंद उठाते हुए पर्यटक स्वदेशी उत्पादों की खरीद भी कर पाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने वन्य जीवों के पुनर्वास में भी इतिहास रचा है। आज अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर कूनो में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को बोट क्लब भोपाल पर 'शिकारा नाव' सेवा को झंडी दिखाने के बाद यह विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंदर कल्याण, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार, विधायक एवं अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल विशेष रूप से उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को लेकर आपार संभावनाएं विद्यमान हैं। नर्मदा वैली सहित प्रदेश की बड़ी-बड़ी जल परियानाओं के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित करने वाली गतिविधियां को बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। पिछले एक साल में उज्जैन आने वाले पर्यटकों की संख्या 7 करोड़ के पार पहुंच गई।

शिकारे की सैर का लिया आनंद - मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिकारों को फ्लेग ऑफ करने के बाद बड़े तालाब में शिकारे की सैर का आनंद लिया और उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और गणमान्य नागरिकों ने शिकारा बोट रेस्टोरेंट से चाय, पोहा, समोसे एवं फलों का जायका लिया। साथ ही फ्लोटिंग बोट मार्केट से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की पारम्परिक कला बाग और बटिक वस्त्रों, जैविक उत्पादों आदि की खरीदारी भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोट क्लब पर मौजूद छात्र-छात्राओं के साथ सेल्फी ली और अथितियों के साथ टेलीस्कोप से सूर्य के दर्शन किए। टेलीस्कोप की बोट क्लब पर व्यवस्था वैज्ञानिक पर्यटन को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आंचलिक विज्ञान केंद्र भोपाल द्वारा की गई थी।
पर्यटन विकास से स्थानीय स्तर पर बढ़ेंगे रोजगार के अवसर : वि.स. अध्यक्ष श्री तोमर
विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि राजधानी की इतनी बड़ी झील में शिकारा सेवा की शुरुआत बहुत आकर्षक है। इससे प्रदेश में पर्यटन के अवसर बढ़ेंगे, पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी तो स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
देश के दिल भोपाल का विशेष दर्जा है - हरियाणा वि.स. अध्यक्ष श्री हरविंदर
शिकारा सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंदर कल्याण भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भोपाल सभी भारतवासियों के दिल के करीब है, यह शहर देशभर में अलग दर्जा हासिल किए हुए है। बड़े तालाब में शिकारे चलते देखने का दृश्य अविस्मरणीय है। वरिष्ठ विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेशवासियों को कश्मीर की डल झील जैसा अनुभव भोपाल में होगा। नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव, डल झील के शिकारों के माध्यम से कश्मीर को मध्यप्रदेश ले आए हैं। मध्यप्रदेश टूरिज्म की यह पहल सराहनीय है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर शिकारों का संचालन किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सभी 20 शिकारों का निर्माण प्रदूषण रहित आधुनिक तकनीक से किया गया है। इनका निर्माण 'फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीयूरिथेन' और उच्च गुणवत्ता वाली नॉन-रिएक्टिव सामग्री से हुआ है, जो जल के साथ किसी भी प्रकार की रासायनिक क्रिया नहीं करती। इससे बड़े तालाब की पारिस्थितिकी और जल की शुद्धता पूर्णतः सुरक्षित रहेगी। ये शिकारे अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्था द्वारा निर्मित किए गए हैं, जिनके द्वारा निर्मित शिकारे केरल, बंगाल और असम में भी पर्यटकों द्वारा अत्यंत पसंद किए जा रहे हैं। भोपाल का बोट क्लब इन आकर्षक शिकारों के साथ पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। शिकारों पर नौकायन का आनंद लेने के साथ पर्यटक बर्ड वाचिंग, हैंडीक्रॉफ्ट प्रोडक्ट, स्थानीय व्यंजन, आर्गेनिक वेजिटेबल्स और फ्रूट्स आदि भी खरीद सकेंगे।
इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप अहिरवार, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, जिलाध्यक्ष श्री रवींद्र यति सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में पर्यटन प्रेमी उपस्थित थे।
"प्रमुख बिन्दु"
राजा भोज की नगरी भोपाल में लगभग एक हजार साल पहले बने बड़े तालाब में 'शिकारा नाव' सेवा का शुभारंभ ऐतिहासिक अवसर।
नवीन 20 शिकारों के माध्यम से पर्यटकों को कश्मीर की प्रसिद्ध डल झील का आनंद, झीलों की नगरी भोपाल में ही मिल जाएगा।
शिकारों में पर्यटकों के लिए खान-पान एवं आरामदायक बैठक व्यवस्था की गई है।
एम.पी. टूरिज्म, वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को भी आगे बढ़ा रहा है।
शिकारा सेवा का आनंद उठाते हुए पर्यटक स्वदेशी उत्पादों की खरीद भी कर पाएंगे।
मध्यप्रदेश ने वन्य जीवों के पुनर्वास में भी इतिहास रचा है।
विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंदर कल्याण, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार, विधायक एवं अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल विशेष रूप से उपस्थित।
प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को लेकर आपार संभावनाएं विद्यमान है।
नर्मदा वैली सहित प्रदेश की बड़ी-बड़ी जल परियानाओं के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित करने वाली गतिविधियां को बढ़ाया जा रहा है।
राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है।
पिछले एक साल में उज्जैन आने वाले पर्यटकों की संख्या 7 करोड़ के पार पहुंच गई।

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