Budget 2026: बजट में कंटेंट क्रिएटर्स (Content Creators ) और Influencers को तोहफा
Budget 2026: बजट में कंटेंट क्रिएटर्स (Content Creators ) और Influencers को तोहफा, गेमिंग और एनिमेशन को मिलेगा बढ़ावा
स्कूल-कॉलेजों में खुलेंगी कंटेंट क्रिएटर लैब, डिजिटल स्किल्स को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में कंटेंट क्रिएटर्स और डिजिटल इंडस्ट्री के लिए अहम घोषणा की है। सरकार ने एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स यानी AVGC सेक्टर को आगे बढ़ाने के लिए खास कदम उठाने की बात कही है। इसका मकसद युवाओं को नए डिजिटल कौशल देना और भारत की क्रिएटिव इकॉनमी को मजबूत करना है। सरकार मानती है कि यह सेक्टर भविष्य में रोजगार और आय का बड़ा जरिया बन सकता है। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में अब कंटेंट क्रिएटर लैब्स खोली जाएंगीं. जिससे कंटेंट क्रिएट करने वाले युवाओं को काफी फायदा होगा और इसके लिए नए सेटअप लगाए जाएंगे.इससे यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए वीडियो बनाने वाले युवाओं को फायदा मिलेगा। इसके साथ ही सरकार कंटेंट क्रिएटर्स के लिए नए सेटअप भी लगाएगी।
स्कूल और कॉलेजों में बनेंगी कंटेंट क्रिएटर लैब्स
1. बजट 2026 में ऐलान किया गया है कि मुंबई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज की मदद से देश भर में कंटेंट क्रिएटर लैब्स बनाई जाएंगी।
2. ये लैब्स 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में स्थापित होंगी। यहां छात्रों को एनिमेशन, गेमिंग, विजुअल इफेक्ट्स और डिजिटल कंटेंट बनाने की अच्छी ट्रेनिंग दी जाएगी।
3. भारत सरकार का लक्ष्य है कि बड़ी संख्या में युवा डिजिटल इंडस्ट्री के लिए तैयार हो सकें।
2030 तक 20 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत
वित्त मंत्री ने बताया कि AVGC सेक्टर को साल 2030 तक करीब 20 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी। इसी को देखते हुए सरकार स्किल डेवलपमेंट पर जोर दे रही है। इन लैब्स के जरिए करीब 20 लाख छात्रों को ट्रेन करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे न सिर्फ रोजगार के नए मौके बनेंगे, बल्कि भारत की क्रिएटिव इंडस्ट्री को भी वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी और युवाओं को देश में ही अवसर मिलेंगे।
AI और नई तकनीक से बढ़ेगी क्रिएटिव इकॉनमी
1. बजट 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीकों को ग्रोथ का बड़ा जरिया बताया गया है।
2. भारत सरकार का कहना है कि AI आधारित कंटेंट क्रिएशन से प्रोडक्शन तेज होगा और क्वालिटी बेहतर होगी। सरकार मानती है कि सही नीति और निवेश से डिजिटल और क्रिएटिव सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकता है।
सिर्फ डिग्री नहीं, रोजगार के अवसर भी
आज जब सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म करियर के नए मौके बना रहे हैं, सरकार का फोकस युवाओं को सिर्फ डिग्री नहीं बल्कि रोजगार योग्य स्किल्स देने पर है. इस पहल से छात्रों को कम उम्र में ही यह समझ मिल सकेगी कि क्रिएटिव इंडस्ट्री में काम कैसे किया जाता है और उसे प्रोफेशनल लेवल पर कैसे ले जाया जाए.
वित्त मंत्री के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में शुरुआती स्तर से ही रचनात्मक सोच, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और उन्नत मीडिया कौशल को बढ़ावा देना है. इससे न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि भारत इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में भी सक्षम होगा. बजट में शिक्षा क्षेत्र को भी पर्याप्त प्राथमिकता दी गई है. चालू वर्ष में स्कूल शिक्षा के लिए 83 हजार करोड़ रुपये से अधिक और उच्च शिक्षा के लिए लगभग 55 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है. शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना और छात्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना.
