मोदी सरकार पर हमलावार खरगे……..भारत-अमेरिका संयुक्त वक्तव्य में रूसी तेल के बारे में कुछ नहीं कहा गया
मोदी सरकार पर हमलावार खरगे……..भारत-अमेरिका संयुक्त वक्तव्य में रूसी तेल के बारे में कुछ नहीं कहा गया
यह समझौता रणनीतिक स्वायत्तता, किसानों, पशुधन और कपड़ा क्षेत्र को कमजोर करता
नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे को लेकर केंद्र की मोदी सरकार की आलोचना कर दावा किया कि यह भारत की रणनीतिक स्वायत्तता, किसानों, पशुधन और कपड़ा क्षेत्र को कमजोर करता है। इस समझौते को जनसंपर्क का दिखावा बताकर कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने सवाल उठाया कि क्या यह भारत के रणनीतिक और आर्थिक हितों की रक्षा करता है। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा कि 9 फरवरी को जारी व्हाइट हाउस के समझौते संबंधी तथ्य पत्र में ऐसी शर्तें बताई गई हैं जो 6 फरवरी के भारत-अमेरिका संयुक्त वक्तव्य में शामिल नहीं थीं।
कांग्रेस नेता खरगे ने इस बात पर जोर दिया कि वक्तव्य में रूस से तेल खरीदना बंद करने की भारत की प्रतिबद्धता को 25 प्रतिशत अतिरिक्त अमेरिकी शुल्क हटाने की शर्त के रूप में सूचीबद्ध किया था, जो उनके अनुसार भारत की संप्रभुता का सीधा हनन है। सोशल मीडिया पोस्ट पर खरगे ने लिखा कि हमें बताया गया था कि भारत-अमेरिका संयुक्त वक्तव्य में रूसी तेल के बारे में कुछ नहीं कहा गया है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने सार्वजनिक रूप से इसके विपरीत ट्वीट किया था। अब व्हाइट हाउस के फैक्ट शीट में स्पष्ट रूप से रूसी संघ से तेल खरीदना बंद करने की भारत की प्रतिबद्धता को अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ हटाने की शर्त के रूप में सूचीबद्ध किया है। मोदी सरकार ने भारत की संप्रभुता के इस हनन पर सहमति जाहिर की हैं क्यों? कांग्रेस पार्टी ने पहले ही उस कार्यकारी आदेश का खुलासा कर दिया था जिसके तहत भारत को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तेल आयात के लिए अमेरिकी निगरानी में रखा गया था।
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