Ambika Agarwal Promoter Uttam Organic Fertichem Pvt Ltd

Madhya Pradesh : फर्टिलाइजर कंपनी उत्तम आर्गेनिक फर्टिकेम प्रायवेट लिमिटेड के कर्ताधर्ताओं ने फर्जी हस्ताक्षर करके हडपी कंपनी

Madhya Pradesh : फर्टिलाइजर कंपनी उत्तम आर्गेनिक फर्टिकेम प्रायवेट लिमिटेड के कर्ताधर्ताओं ने फर्जी हस्ताक्षर करके हडपी कंपनी

– अम्बिका अग्रवाल ने लगाये आरोप
– थाना तुकोगंज में की गई है षिकायत, जांच जारी
– करोडों रूपयों की अफरा-तफरी

इंदौर: उत्तम आर्गेनिक फर्टिकेम प्रायवेट लिमिटेड जिसका वर्तमान में कार्यालय 601 क्लिंफटन कॉरपोरेट, इंदौर में है और इस फैक्ट्ी का संचालन निमराणी में किया जा रहा है। इस कंपनी की स्थापना अम्बिका अग्रवाल और राजेष उपाध्याय ने 50-50 प्रतिषत हिस्सेदारी के साथ वर्ष 2010 में शुरू की थी। इस कंपनी में बाद में राजेष उपाध्याय, सोनू अग्रवाल, आस्था अग्रवाल, हरगोविंद यादव, सुरेंद्र कुमार मल्लिक इत्यादि ने मिलकर अम्बिका अग्रवाल के फर्जी हस्ताक्षर करते हुए कंपनी के शेयर्स अन्य लोगों को ट्ांसफर कर दिये। इसके चलते अम्बिका अग्रवाल की हिस्सेदारी 50 फीसदी से गिरकर 2.5 प्रतिषत पर आ गई है।
मध्यप्रदेष शासन से सब्सिडी प्राप्त करते हुए फर्टिलाइजर निर्माण और विक्रय करने वाली इंदौर आधारित उत्तम आर्गेनिक फर्टिकेम प्रायवेट लिमिटेड कंपनी में एक प्रमोटर अम्बिका अग्रवाल के फर्जी हस्ताक्षर करके पहले इनका इस्तीफा कॉरपोरेट मंत्रालय में फाइल किया गया, इसके बाद प्रमोटर की होल्डिंग 50 फीसदी से 2.5 फीसदी पर ले आये हैं। फर्जी हस्ताक्षर का जब पता चला तो प्रमोटर अम्बिका अग्रवाल ने ईडी नई दिल्ली, पुलिस मुख्यालय भोपाल, ईओडब्ल्यू समेत कई स्थानों पर षिकायतें की तो अब यह मामला पुलिस कमिनर के पास पहुंचा जहां इसमें जांच के आदेष दिये गये हैं, थाना तुकोगंज में इस प्रकरण की जांच जारी है।
इस संबंध में स्पष्ट है कि अम्बिका अग्रवाल के फर्जी हस्ताक्षर करते हुए यह सब घोटाला किया है। इस संबंध में पुलिस ने संबंधित पक्षों के बयान लेकर जांच शुरू कर दी हैं, शीघ्र इस संबंध में इन सभी कंपनी के कर्ताधर्ताओं के खिलाफ प्रकरण पंजीबध्द होगा। दस्तावेज संलग्न है।
मिनिस्ट्ीज ऑफ कंपनीज ने जारी किये नोटिस
कपंनी की वर्तमान में नेटवर्थ 50 करोड रूपये हैं और इस कंपनी का मुख्य कार्य फर्टिलाइजर का हैं और मध्यप्रदेष शासन को यह फर्टिलाइजर सप्लाय भी कर रही है। अम्बिका अग्रवाल ने उनके साथ हुई धोखाधडी की षिकायत रजिस्ट्ॉर ऑफ कम्पनीज ग्वालियर के समक्ष की गई है। रजिस्ट्ार ने इस संबंध में जांच के आदेष देने के साथ ही कंपनी के कर्ताधर्ताओं को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। रजिस्ट्ार महोदय द्वारा बताया गया था कि धोखाधडी की षिकायत पुलिस में की जा सकती है, इसी आधार पर हमने पुलिस में षिकायत की है।
ऐसे किया फ्रॉड
प्रमोटर अम्बिका अग्रवाल के फर्जी हस्ताक्षर करके डायरेक्टर पद से इस्तीफा कॉरपोरेट मंत्रालय पर अपलोड कर दिया। इसके बाद बोर्ड मीटिंग्स की गई और छह वर्षों में बोर्ड मीटिंग्स में अलग-अलग लोगों को इस कंपनी के शेयर्स अलॉट किये, जबकि यह सभी प्रमोटर को जारी किये जाने चाहिए थे। बोर्ड मीटिंग्स में भी प्रमोटर के फर्जी हस्ताक्षर कर दिये गये। यह सभी तथ्य रिकॉर्ड पर हैं। अलग-अलग लोगों को शेयर्स अलॉट किये जाने के कारण प्रमोटर की हिस्सेदारी कंपनी में 50 प्रतिषत से 2.5 प्रतिषत पर आ गई। कंपनी की वार्षिक मीटिंग्स में प्रमोटर अम्बिका अग्रवाल को न तो बुलाया जाता है और न ही इस संबंध में कोई जानकारी दी जा रही है। अम्बिका अग्रवाल ने कई बार कंपनी को पत्र भी लिखे हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया जाता है। कंपनीज एक्ट में हर शेयर होल्डर को सभी जानकारियां दी जाना अनिवार्य है, लेकिन यह सभी जानकारियां इसलिये छुपाई जा रही है, क्योंकि कंपनी में वित्तीय अनियमितताओं के साथ-साथ एक बडी साजिष अम्बिका अग्रवाल के खिलाफ रची है। वार्षिक बैठक और फर्जी हस्ताक्षर संबंधी दस्तावेज संलग्न है।
कंपनी के खिलाफ प्रकरण
उत्तम आर्गेनिक फर्टिकेम केवल फर्जी हस्ताक्षर करके फर्जीवाडा ही नहीं किया है बल्कि इस कंपनी के खिलाफ प्रदेषभर में कई प्रकरण भी दर्ज है। अमानक फर्टिलाइजर बनाने को लेकर कई प्रकरण विचाराधीन हेाने के बावजूद विपणन समितियों द्वारा इसी कंपनी से फर्टिलाइजर की खरीदी की जा रही है। पिछले वर्ष इस कंपनी को मध्यप्रदेष शासन ने करोडों रूपयों का भुगतान किया हैं। कंपनी द्वारा जो फैक्ट्ी निमराणी में संचालित की जा रही है वहां पर शासन द्वारा निर्धारित मानक एवं उपयुक्त संसाधन मौजूद नहीं है। इस संबंध में अम्बिका अग्रवाल ने मध्यप्रदेष शासन विपणन संघ को भी षिकायतें की है, जो कि विचाराधीन है।
लीज का दुरूपयोग
निमरानी में औद्योगिक विकास निगम की भूमि पर यह फैक्ट्ी संचालित की जा रही है। यहां भी कंपनी ने अलग-अलग कंपनियां दिखा रखी है और इन सभी कंपनियांे के नाम पर सब-लीज पर दे दिया है। इस तरह की षिकायत मिलने के बाद खरगोन जिला उद्योग केंद्र ने इस कंपनी की लीज निरस्त कर दी है, लेकिन वर्तमान में यह प्रकरण भोपाल मंत्रालय में विचाराधीन है। इस मामले में भी अम्बिका अग्रवाल ने सारी सूचनाएं मंत्रालय को दी है जहां यह कार्यवाहियां चल रही है।
कंपनी में करोडों की अफरा-तफरी की
उत्तम आर्गेनिक फर्टिकेम में डायरेक्टर रहे इसके अतिरिक्त कंपनी के कई निर्णय बोर्ड मीटिंग्स में मेरे फर्जी हस्ताक्षर के आधार पर लिये हैं। कीमती दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर आरोपियों ने अवैध लाभ प्राप्त किया है। यह सभी डायरेक्टर्स ने करोडों रूपयों की अफरा-तफरी की है।
1. राजेष उपाध्याय डीन क्रमांक 02266182 दिनांक 15.12.2011 वर्तमान में प्रमोटर।
2. हरगोविंद यादव डीन 02504828 डायरेक्टर हैं और हस्ताक्षर प्रमाणित किये हैं।
3. सोनू अग्रवाल डीन 00445110 दिनांक 06.11.2023 और वर्तमान में एमडी है।
4. आस्था अग्रवाल डीन 03015822 दिनांक 07.05.2017 तक रही।
5. महेष चंद्र डीन 05146189 और इन्होंने ही हस्ताक्षर प्रमाणित किये हैं।
6. सुरेंद्र कुमार मलिक डीन08783368 वर्तमान डायरेक्टर।
किस तारीख पर क्या हुआ
31/03/2010 कंपनी की स्थापना अम्बिका अग्रवाल और राजेष उपाध्याय द्वारा।
31/03/2011 कंपनी ने 32 हजार शेयर्स अलॉट किये।
30/03/13 कंपनी ने 42 हजार शेयर्स अलॉट किये।
01/02/14 कंपनी ने 1,02,132 शेयर्स अलॉट किये।
13/01/15 कंपनी ने 58446 शेयर्स अलॉट किये।
06/02/15 कंपनी ने 26382 शेयर्स अलॉट किये।
12/03/15 कंपनी ने 43176 शेयर्स अलॉट किये।
22/01/16 कंपनी ने 36889 शेयर्स अलॉट किये।
02/03/16 कंपनी ने 10132 शेयर्स अलॉट किये।
30/09/22 बोर्ड मीटिंग में फर्जी हस्ताक्षर सर्टिफाइ महेषचंद्र ने किये।
30/09/23 बोर्ड मीटिंग में फर्जी हस्ताक्षर सर्टिफाई महेषचंद्र ने किये।
30/09/24 बोर्ड मीटिंग में फर्जी हस्ताक्षर सर्टिफाइ महेषचंद्र ने किये।
पंजाब नेषनल बैंक को लगा चूके हैं चूना
उत्तम आर्गेनिक फर्टिकेम में डायरेक्टर रहे सोनू पिता बंसीलाल अग्रवाल पूर्व में भी पंजाब नेषनल बैंक को करोडों रूपयों का चूना लगा चुके हैं। इनके खिलाफ बैंक ने कुर्की आदेष भी जारी किया था। इसके अलावा नकली घी बनाने के मामले में भी राष्ट्ीय सुरक्षा कानून के प्रकरण पंजीबध्द हुए थे। पंजाब नेषनल बैंक ने वर्ष 2011 में इनकी सभी संपत्तियां कुर्क कर ली थी। सोनू अग्रवाल, बंसीलाल अग्रवाल और सचिन अग्रवाल दिवालिया हो गए थे, और इन सभी को अम्बिका अग्रवाल और इनके पिता दिनेष अग्रवाल ने लाखों रूपयों की मदद की ताकि यह दोबारा से बिजनेस कर सके। कुछ समय के बाद से ही इन सभी के द्वारा अम्बिका अग्रवाल की प्रॉपर्टी पर कब्जा करने का प्रयास करने लगे और अपने घर से और दहेज लाने की मांग करने लगे जब इन सभी के मंसूबे जब पूरे नहीं हुए तो सभी ने मिलकर अम्बिका अग्रवाल को घर से निकाल दिया। अम्बिका अग्रवाल ने वर्ष 2023 में इन सभी के खिलाफ प्रकरण पंजीबध्द करवाया है और वर्तमान में सभी प्रकरण विचाराधीन है।
यहां कर चुके हैं षिकायतें
1. पुलिस महानिरीक्षक को षिकायत की थी जो ट्ांसफर होकर वर्तमान में तुकोगंज पुलिस थाने पर विचाराधीन है। यहां अभी तक बयान हो चुके हैं, हस्ताक्षरों की जांच करवाई जा रही हैं और पुलिस अधिकारियों ने प्रकरण दर्ज करने का आष्वासन दिया है।
2. कंपनी मामलों के मंत्रालय में षिकायत की थी, जहां नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
कानूनी जानकारी के लिए –
1. राजेष जोषी, सुई ज्यूरिस लॉ फर्म, इंदौर फोन 8462000010

मुझे न्याय दिलवाया जावें
मैं, अम्बिका अग्रवाल, आज अपनी आपबीती और मेरे साथ हुए विश्वासघात को दुनिया के सामने रख रही हूँ। यह केवल एक संपत्ति का विवाद नहीं है, बल्कि एक महिला के अस्तित्व और उसके बच्चों के भविष्य के लिए न्याय की पुकार है।
व्यापारिक धोखाधड़ी (2010 – वर्तमान)
कंपनी की स्थापना: वर्ष 2010 में मैंने राजेश उपाध्याय के साथ मिलकर उत्तम आर्गेनिक फर्टिकेम प्राइवेट लिमिटेड की नींव रखी थी। मेरी हिस्सेदारी पचास फीसदी थी।
षड्यंत्र: वर्ष 2011 में राजेश उपाध्याय और उनके साथियों ने मेरे फर्जी हस्ताक्षर कर मुझे डायरेक्टर पद से हटा दिया। पिछले 15 वर्षों में सोची-समझी साजिश के तहत मेरी 50ः हिस्सेदारी को घटाकर मात्र 2.5ः कर दिया गया। मैं कई वर्षों से दस्तावेज मांग रही हूं, लेकिन आज दिनांक तक इन्होंने मुझे कोई दस्तावेज नहीं दिये है।
दस्तावेजों की चोरी: सालों तक मुझसे जानकारी छिपाई गई। 2025 में जब मैंने कंपनी सेक्रेटरी के माध्यम से ऑनलाइन रिकॉर्ड निकाले, तब इस बड़े घोटाले का खुलासा हुआ। मैंने इसकी शिकायत कॉर्पाेरेट मामलों के मंत्रालय (डब्।) और पुलिस कमिश्नर से की है, जिसकी जांच जारी है।
पारिवारिक प्रताड़ना और दहेज उत्पीड़न
मेरा विवाह 2005 में सचिन अग्रवाल से हुआ था। 2011 में जब मेरे पति, देवर (सोनू अग्रवाल) और ससुर (बंसीलाल अग्रवाल) दिवालिया हुए, तब मेरे पिता ने आर्थिक मदद की। मदद के बदले मुझे प्रताड़ना मिली। कैंसर और कोरोना जैसी बीमारी के दौरान भी मुझे दहेज और प्रॉपर्टी उनके नाम करने के लिए डराया-धमकाया गया।
दो साल पहले मुझे घर से निकाल दिया गया। वर्तमान में मेरे द्वारा दर्ज कराए गए मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। मेरे पति की जबरदस्ती दूसरी शादी करवाने के लिए ससुर इमोशनल ब्लैकमेल कर रहे है और मुझे आज भी धमका रहे है।
सुरक्षा की गुहार
आज मैं अपने तीन बच्चों के साथ न्याय के लिए दर-दर भटक रही हूँ। मुझे कंपनी की किसी मीटिंग में नहीं बुलाया जाता और लगातार धमकियां दी जा रही हैं। मैं स्पष्ट करना चाहती हूँ कि यदि मुझे या मेरे बच्चों को कुछ भी होता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर निम्नलिखित लोग जिम्मेदार होंगे।
राजेश उपाध्याय एवं हरगोविंद यादव, सोनू अग्रवाल (देवर), आस्था अग्रवाल (देवरानी) और बंसीलाल अग्रवाल (ससुर)
मुझे कानून और न्याय व्यवस्था पर भरोसा है। मैं अपने हक की लड़ाई आखिरी सांस तक लड़ूंगी। मीडिया इस धोखाधडी को उजागर करें यही मेरी प्रार्थना है।
अम्बिका अग्रवाल, प्रमोटर, उत्तम आर्गेनिक फर्टिकेम प्रायवेट लिमिटेड मोबाइल, 9425307777

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