Hanuman Ansh' Review The film reveals Neem Karoli Baba

Hanuman Ansh Review: नीब करौरी बाबा’ का अनकहा पहलू दिखाती है फिल्म

Hanuman Ansh Review: नीब करौरी बाबा’ का अनकहा पहलू दिखाती है फिल्म

‘नीब करौरी बाबा’ के जीवन का अनकहा पहलू दिखाती है फिल्म
सिर्फ चमत्कार नहीं, मानवता का संदेश… ‘Hanuman Ansh’ में दिखा नीब करौरी बाबा का अनकहा पहलू!
फिल्म में शोभिनाश सत्या (महाराज जी के रूप में), चंदन आनंद, और अन्य कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।
लेखक-निर्देशक विशाल चतुर्वेदी
STAR 3.5

UNN @ Varsha Parikh : आध्यात्मिक फिल्मों की भीड़ में ‘Hanuman Ansh’ एक अलग पहचान बनाने की कोशिश करती है। निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की यह फिल्म सीधे तौर पर नीब करौरी बाबा की बायोपिक नहीं है, बल्कि उनके जीवन, विचारों और सेवा भाव से प्रेरित एक आध्यात्मिक यात्रा को पर्दे पर उतारती है। फिल्म की कहानी एक ऐसे बालक के इर्द-गिर्द घूमती है जो अपनी दिवंगत मां से मिलने की चाह में ईश्वर की तलाश शुरू करता है। इस सफर में वह प्रेम, करुणा, सेवा और भक्ति का वास्तविक अर्थ समझता है और धीरे-धीरे मानवता की सेवा के मार्ग पर चल पड़ता है।
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी सादगी है। यहां चमत्कारों को सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि आस्था और मानवता के संदेश से जोड़ा गया है। नीब करौरी बाबा के जीवन से जुड़े उन पहलुओं को सामने लाने की कोशिश की गई है, जिनके बारे में आम लोग कम जानते हैं।
शोभिनव सत्य, चंदन आनंद और अन्य कलाकारों का अभिनय कहानी को भावनात्मक गहराई देता है। बैकग्राउंड स्कोर और सिनेमैटोग्राफी फिल्म के आध्यात्मिक माहौल को और प्रभावी बनाते हैं।

हनुमान अंश की कहानी?

कहानी का आरंभ भोसले (चंदन आंनद) द्वारा नीब करौरी बाबा के बारे में अपने पोते को बताने से होती है। वह बाबा से अपनी पहली मुलाकात के बारे में बताते हैं जब वह क्रांतिकारी हुआ करते थे। यह दौर था साल 1942 का जब देश गुलाम था। तब बाबा पुलिस से उनकी रक्षा करते हैं। उसके बाद वह बाबा की जीवन यात्रा के बारे में बताते हैं। वहां से कहानी 12 वर्षीय बालक लक्ष्मी नारायण पर आती है, जो अपनी मां की मृत्यु से भीतर तक टूट जाता है। वह अकबरपुर गांव स्थित अपना घर इस विश्वास के साथ छोड़ देता है कि अगर वह ईश्वर को खोज लेगा तो शायद अपनी दिवंगत मां से दोबारा मिल सकेगा। उसकी तलाश उसे मंदिरों, जंगलों, नदियों और गांवों से गुजरती हुई एक लंबी आध्यात्मिक यात्रा पर ले जाती है। धीरे-धीरे उसकी खोज का अर्थ बदलता है। भूखे को भोजन देना, बिना भेदभाव के लोगों से प्रेम करना, करुणा और निस्वार्थ सेवा उसके जीवन का आधार बनते जाते हैं। फिल्म में उनके साथ जुड़े चमत्कार और आध्यात्मिक अनुभवों को भी कहानी में पिरोया गया है।

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