DC Review: स्टाइल, एक्शन और इमोशन का तगड़ा पैकेज
DC Review: स्टाइल, एक्शन और इमोशन का तगड़ा पैकेज
Cast: Lokesh Kanagaraj, Wamiqa Gabbi, Sanjana Krishnamoorthy, Avinash Raghudevan
Director: Arun Matheswaran
Screenwriter: Arun Matheswaran
star – 3.5
मूवी रिव्यू: DC
UNN @ Varsha Parikh : साउथ सिनेमा के चर्चित फिल्मकार लोकेश कनगराज ने बतौर निर्देशक ‘कैथी’, ‘मास्टर’, ‘विक्रम’, ‘लियो’ और ‘कुली’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों से अपनी अलग पहचान बनाई है। अब वह फिल्म ‘DC: द ब्लडी वैलेंटाइन’ के जरिए अभिनय की दुनिया में कदम रख रहे हैं। लंबे समय से चर्चा में रही यह एक्शन-थ्रिलर 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है और लोकेश का यह नया अवतार दर्शकों को प्रभावित करने में सफल नजर आता है।
निर्देशन में वर्षों का अनुभव रखने वाले लोकेश कनगराज स्क्रीन पर भी आत्मविश्वास से भरपूर दिखाई देते हैं। उनका अभिनय सहज, प्रभावशाली और किरदार के अनुरूप लगता है। फिल्म में वह एक दमदार एक्शन हीरो के रूप में नजर आते हैं, जो अपनी स्क्रीन प्रेजेंस और इंटेंस परफॉर्मेंस से दर्शकों का ध्यान बांधे रखते हैं।
‘DC: द ब्लडी वैलेंटाइन’ सिर्फ एक्शन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसमें ड्रामा, इमोशन और थ्रिल का भी संतुलित मिश्रण देखने को मिलता है। बतौर अभिनेता लोकेश की शुरुआत उम्मीदों पर खरी उतरती है और यह फिल्म उनके करियर के नए अध्याय की मजबूत शुरुआत साबित होती है।
DC की कहानी
कहानी देवदास (लोकेश कनगराज) की है, जो सरकर गैंग का सबसे खतरनाक, गुस्सैल, लेकिन बेहद भरोसेमंद गैंगस्टर है। अपने गैंग में ‘दास’ के नाम से पहचाने जाने वाला यह गैंगस्टर दिल से कोमल है। किशोरावस्था में अपनी मां की हत्या का बदला लेने के लिए उसने हथियार उठा लिए थे। वह और उसकी टीम भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ खड़े होकर ताकतवर लोगों को निशाना बनाते हैं। लेकिन उनकी जिंदगी का मकसद सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए लड़ना है जिनके साथ व्यवस्था अन्याय करती है।
सरकर का गैंग पुलिस के हथियार लूटने के लिए बदनाम है, लेकिन हालात तब बदल जाते हैं जब कुछ भ्रष्ट पुलिसकर्मी एक बेगुनाह गरीब की हत्या कर उसके बेटे की पढ़ाई के लिए जोड़े गए 7 लाख रुपये भी लूट लेते हैं। इस अन्याय के खिलाफ दास और उसकी गैंग पुलिस से सीधी जंग छेड़ देते हैं। मामले की जांच की जिम्मेदारी स्पेशल पुलिस ऑफिसर बोगाराजू को सौंपी जाती है, जिसका एकमात्र लक्ष्य दास और उसकी गैंग का खात्मा है।
इसी बीच दास की जिंदगी में सिंगर पार्वती (संजना कृष्णमूर्ति) की एंट्री होती है और दोनों प्यार में पड़ जाते हैं। लेकिन एक पुलिस मुठभेड़ में बोगाराजू पार्वती की हत्या कर देता है और दास को गिरफ्तार कर लेता है। जेल से फरार होने के बाद दास के सिर पर सिर्फ बदले का जुनून सवार है। वह इस अपराधबोध से भी टूट चुका है कि उसकी वजह से पार्वती की जान गई। तभी उसकी मुलाकात चंद्रा (वामिका गब्बी) से होती है, जो देह व्यापार के दलदल में फंसी है।
अब एक तरफ दास को अपना बदला लेना है, वहीं वह चंद्रा को भी देह व्यापार के नरक से बाहर निकालने की ठान लेता है। कहानी यहां से बदले, इंसाफ और समाज के हाशिए पर खड़े लोगों को नई उम्मीद वाली रोमांचक यात्रा पर निकल पड़ती है।
