Raidas ek vichar excitement among the audience shri ramayan

महोबिया फिल्म्स ने अपने ‘माइथोलॉजी यूनिवर्स’ का किया विस्तार: ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ की टीम फिर साथ आई ‘रैदास – एक विचार’ के लिए

महोबिया फिल्म्स ने अपने ‘माइथोलॉजी यूनिवर्स’ का किया विस्तार: ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ की टीम फिर साथ आई ‘रैदास – एक विचार’ के लिए

संत गुरु रविदास जी महाराज के जीवन, शिक्षाओं और विचारधारा पर आधारित होगी फिल्म; हिंदी और छत्तीसगढ़ी में बनेगी फिल्म, 2027 में वर्ल्डवाइड रिलीज़ से पहले मुख्य कलाकार की तलाश के लिए देशव्यापी कास्टिंग सर्च शुरू करेंगे निर्माता

मुंबई: महाकाव्य श्री रामायण कथा की रिलीज़ को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है और इसी बीच महाबिया फिल्म्स ने अपने माइथोलॉजी यूनिवर्स का विस्तार करते हुए अपनी अगली फिल्म की घोषणा कर दी है। महाबिया फिल्म्स प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने संत गुरु रविदास जी महाराज के जीवन, उनकी शिक्षाओं और उनके विचारों से प्रेरित अपनी अगली फिल्म ‘रैदास – एक विचार’ का पहला पोस्टर जारी किया है।

यह फिल्म महोबिया फिल्म्स के बढ़ते हुए माइथोलॉजी यूनिवर्स की अगली कड़ी है। महाकाव्य श्री रामायण कथा के बाद एक बार फिर वही टीम भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण कहानी को बड़े पर्दे पर लेकर आ रही है। ‘रैदास – एक विचार’ हिंदी और छत्तीसगढ़ी भाषा में बनाई जाएगी, ताकि संत गुरु रविदास जी महाराज की जीवन यात्रा, विचारधारा और संदेश को देशभर के दर्शकों तक पहुंचाया जा सके।

इस प्रोजेक्ट से इसके निर्माताओं का एक बेहद व्यक्तिगत जुड़ाव भी है। प्रकाश महोबिया छत्तीसगढ़ सर्व रविदास समाज के प्रदेश संरक्षक हैं, जबकि सह-निर्माता संजय बुंदेला सर्व रविदास समाज के संभागीय अध्यक्ष के रूप में जुड़े हुए हैं। समाज के साथ उनके इस जुड़ाव के कारण संत गुरु रविदास जी महाराज के जीवन और शिक्षाओं को पर्दे पर लाने की जिम्मेदारी उनके लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

फिल्म की आधिकारिक घोषणा हो चुकी है, हालांकि इसके मुख्य कलाकारों का चयन अभी बाकी है। संत गुरु रविदास जी महाराज की भूमिका निभाने वाले अभिनेता की तलाश के लिए निर्माता देशभर में एक व्यापक कास्टिंग सर्च शुरू करने की तैयारी में हैं। इस प्रक्रिया में भारत के अलग-अलग क्षेत्रों और फिल्म इंडस्ट्री से प्रतिभाओं को देखा जाएगा।

निर्माताओं के अनुसार, इस भूमिका के लिए सिर्फ स्टारडम या किसी बड़े नाम को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी। उनकी तलाश ऐसे अभिनेता की है, जो संत रविदास जी के व्यक्तित्व से जुड़ी आध्यात्मिक गहराई, सादगी, करुणा और दृढ़ विश्वास को पर्दे पर पूरी ईमानदारी के साथ प्रस्तुत कर सके।

भक्ति परंपरा के एक प्रमुख संत के रूप में संत रविदास जी को उनकी भक्ति, समानता, मानवीय गरिमा और जाति तथा सामाजिक भेदभाव के विरोध से जुड़े विचारों के लिए याद किया जाता है। उनकी कई रचनाएं श्री गुरु ग्रंथ साहिब में भी शामिल हैं, जो उनके आध्यात्मिक विचारों के व्यापक प्रभाव और उनकी स्थायी प्रासंगिकता को दर्शाता है।

अपनी कविताओं और शिक्षाओं के माध्यम से संत रविदास जी ने ऐसे समाज की कल्पना की, जहां किसी व्यक्ति का मूल्य उसके जन्म या सामाजिक स्थिति से तय न हो। उन्होंने भक्ति, ईमानदार श्रम, शुद्ध विचार और ईश्वर के सामने समानता को आध्यात्मिक जीवन का आधार माना।

यही विचार ‘रैदास – एक विचार’ की मूल नींव है और इसी के साथ यह फिल्म महोबिया फिल्म्स के माइथोलॉजी यूनिवर्स में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ती है, जो भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और दार्शनिक विरासत से जुड़ी कहानियों को सिनेमाई रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

निर्माताओं के अनुसार, फिल्म सिर्फ संत रविदास जी के जीवन की घटनाओं को सिलसिलेवार तरीके से दिखाने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि उन विचारों और सिद्धांतों को भी सामने लाएगी, जिनके माध्यम से एक संत ने समाज में मौजूद गहरे भेदभाव और सामाजिक विभाजन पर सवाल उठाए और जिनकी गूंज आज भी पीढ़ियों तक सुनाई देती है।

फिल्म का पहला अनाउंसमेंट पोस्टर भी इसी सोच को दर्शाता है। इसमें मुख्य किरदार का चेहरा सामने लाने के बजाय एक गांव के माहौल में संत को पुरुषों और महिलाओं के एक समूह के सामने बैठे हुए दिखाया गया है, जबकि पीछे उगता हुआ सूरज नजर आता है।

पोस्टर पर लिखा है:

“एक संत… एक विचार… जिसने बदल दी संसार की सोच”

निर्माता प्रकाश महोबिया ने बताया कि यह प्रोजेक्ट उनके और पूरी टीम के लिए बेहद खास है।

“महाकाव्य श्री रामायण कथा के बाद हम चाहते थे कि हमारी अगली फिल्म भी भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जड़ों से निकले, लेकिन इस बार इससे हमारा जुड़ाव और भी व्यक्तिगत है। संत गुरु रविदास जी महाराज हमारे समाज के लिए बेहद श्रद्धेय संत हैं और छत्तीसगढ़ सर्व रविदास समाज से जुड़े होने के कारण उनकी कहानी को पर्दे पर लाने की जिम्मेदारी मेरे लिए और भी बड़ी है। लेकिन साथ ही, उनका संदेश कभी सिर्फ किसी एक समाज तक सीमित नहीं रहा। समानता, सम्मान, भक्ति और मानवता को लेकर उनके विचार हर व्यक्ति के लिए हैं।”
उन्होंने आगे कहा:
“रैदास – एक विचार के जरिए हमारा प्रयास है कि उनकी विचारधारा को आज की नई पीढ़ी तक सिनेमा के माध्यम से पहुंचाया जाए। हम ऐसी फिल्म बनाना चाहते हैं जिस पर हमारा समाज गर्व कर सके, लेकिन साथ ही यह हर भारतीय की कहानी और विचारों से जुड़ सके। इस फिल्म के साथ हम महोबिया फिल्म्स के माइथोलॉजी यूनिवर्स की सोच को भी आगे बढ़ा रहे हैं, जहां भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी कहानियों को बड़े स्तर पर सिनेमाई रूप दिया जा सके।”
कास्टिंग प्रक्रिया को लेकर प्रकाश महोबिया ने कहा कि संत रविदास जी की भूमिका के लिए सही अभिनेता चुनने में जल्दबाजी नहीं की जाएगी।
“संत रविदास जी की भूमिका के लिए सही अभिनेता को चुनना हमारे सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक होगा। हम सिर्फ किसी स्टार के नाम या उसकी लोकप्रियता को नहीं देख रहे हैं। हमारी तलाश ऐसे कलाकार की है जो इस किरदार की शांति, दृढ़ता, करुणा और आध्यात्मिक शक्ति को अपने भीतर उतार सके। इसी वजह से हम अपने मुख्य कलाकार को तय करने से पहले देशव्यापी कास्टिंग सर्च करने जा रहे हैं।”
सह-निर्माता संजय बुंदेला, जो सर्व रविदास समाज के संभागीय अध्यक्ष के रूप में भी जुड़े हुए हैं, ने कहा कि यह फिल्म टीम के लिए भावनात्मक और सामाजिक, दोनों तरह की जिम्मेदारी लेकर आती है।
“संत गुरु रविदास जी महाराज की शिक्षाओं ने पीढ़ियों को दिशा दी है। जो लोग समाज के बीच पले-बढ़े हैं और जिन्होंने समाज के साथ करीब से काम किया है, उनके लिए यह सिर्फ एक फिल्म का विषय नहीं है। इसके साथ एक भावनात्मक जिम्मेदारी जुड़ी हुई है। हम चाहते हैं कि उनका जीवन, उनके संघर्ष और उनका संदेश सिर्फ हमारे समाज तक सीमित न रहे, बल्कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे और खासकर युवा पीढ़ी उनसे जुड़ सके।”
निर्देशक अभिषेक सिंह के लिए सबसे बड़ी चुनौती ऐसी फिल्म बनाना है, जिसमें संत का जीवन और उनकी विचारधारा दोनों बराबर महत्वपूर्ण हों।
“मेरे लिए रैदास – एक विचार सिर्फ एक पारंपरिक बायोपिक नहीं हो सकती, जहां हम संत के जीवन की एक घटना से दूसरी घटना तक पहुंचते जाएं। कई मायनों में इस फिल्म का सबसे महत्वपूर्ण किरदार स्वयं उनका विचार है। हम दर्शकों को यह समझाना चाहते हैं कि संत रविदास जी किस दौर में रहे, उन्होंने किन सवालों को उठाया और उनके aशब्द सदियों बाद भी इतने प्रासंगिक क्यों हैं। अभिषेक सिंह ने आगे बताया कि फिल्म में एक वास्तविक और प्रभावशाली पीरियड वर्ल्ड तैयार करने के साथ-साथ कहानी को आज के दर्शकों के लिए भी सहज और जुड़ाव वाली रखने पर ध्यान दिया जाएगा। उनका जीवन हमें भावनात्मक, दार्शनिक और सिनेमाई स्तर पर बहुत कुछ देता है, लेकिन साथ ही यह जिम्मेदारी भी देता है कि हम उनकी शिक्षाओं की मूल भावना के प्रति ईमानदार रहें। फिल्म की दुनिया उस दौर, वहां के लोगों, संगीत और आध्यात्मिकता से गहराई से जुड़ी होगी। लेकिन इसके साथ भावनाएं ऐसी होनी चाहिए जिनसे आज का दर्शक भी जुड़ सके।”
उन्होंने आगे कहा: फिल्म को हिंदी और छत्तीसगढ़ी में बनाने से हमें इसकी सांस्कृतिक जड़ों को बनाए रखने का अवसर मिलेगा और साथ ही संत रविदास जी की कहानी और उनके विचारों को ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुंचाने का रास्ता भी खुलेगा।”
महाकाव्य श्री रामायण कथा के बाद ‘रैदास – एक विचार’ महोबिया फिल्म्स के माइथोलॉजी यूनिवर्स के विस्तार की दिशा में एक और कदम है, जिसके जरिए निर्माता भारत के आध्यात्मिक इतिहास, संत परंपरा और दार्शनिक विरासत से जुड़ी कहानियों को बड़े पर्दे पर लाने की अपनी सोच को आगे बढ़ा रहे हैं।
फिल्म का निर्माण प्रकाश महोबिया और संजय बुंदेला कर रहे हैं, निर्देशन अभिषेक सिंह का है और जुगल किशोर तिवारी एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं।
फिल्म पर रिसर्च और प्री-प्रोडक्शन का काम जारी है। देशव्यापी कास्टिंग प्रक्रिया के बाद फिल्म की स्टार कास्ट और शूटिंग शेड्यूल से जुड़ी अन्य जानकारियों की घोषणा की जाएगी।
‘रैदास – एक विचार’ के साथ महोबिया फिल्म्स अपने माइथोलॉजी यूनिवर्स को एक और महत्वपूर्ण कहानी से विस्तार दे रहा है — एक ऐसा सिनेमाई संसार, जिसमें भारत के संतों, आध्यात्मिक परंपराओं और सदियों पुराने विचारों को आज की पीढ़ी तक बड़े पर्दे के माध्यम से पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
‘रैदास – एक विचार’ 2027 में वर्ल्डवाइड थिएट्रिकल रिलीज़ के लिए निर्धारित है।

×
Date : 26 September 2026 Posted By : EDITOR
महोबिया फिल्म्स ने अपने ‘माइथोलॉजी यूनिवर्स’ का किया विस्तार: ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ की टीम फिर साथ आई ‘रैदास – एक विचार’ के लिए
News Image

महोबिया फिल्म्स ने अपने ‘माइथोलॉजी यूनिवर्स’ का किया विस्तार: ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ की टीम फिर साथ आई ‘रैदास – एक विचार’ के लिए

संत गुरु रविदास जी महाराज के जीवन, शिक्षाओं और विचारधारा पर आधारित होगी फिल्म; हिंदी और छत्तीसगढ़ी में बनेगी फिल्म, 2027 में वर्ल्डवाइड रिलीज़ से पहले मुख्य कलाकार की तलाश के लिए देशव्यापी कास्टिंग सर्च शुरू करेंगे निर्माता

मुंबई: महाकाव्य श्री रामायण कथा की रिलीज़ को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है और इसी बीच महाबिया फिल्म्स ने अपने माइथोलॉजी यूनिवर्स का विस्तार करते हुए अपनी अगली फिल्म की घोषणा कर दी है। महाबिया फिल्म्स प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने संत गुरु रविदास जी महाराज के जीवन, उनकी शिक्षाओं और उनके विचारों से प्रेरित अपनी अगली फिल्म ‘रैदास – एक विचार’ का पहला पोस्टर जारी किया है।

यह फिल्म महोबिया फिल्म्स के बढ़ते हुए माइथोलॉजी यूनिवर्स की अगली कड़ी है। महाकाव्य श्री रामायण कथा के बाद एक बार फिर वही टीम भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण कहानी को बड़े पर्दे पर लेकर आ रही है। ‘रैदास – एक विचार’ हिंदी और छत्तीसगढ़ी भाषा में बनाई जाएगी, ताकि संत गुरु रविदास जी महाराज की जीवन यात्रा, विचारधारा और संदेश को देशभर के दर्शकों तक पहुंचाया जा सके।

इस प्रोजेक्ट से इसके निर्माताओं का एक बेहद व्यक्तिगत जुड़ाव भी है। प्रकाश महोबिया छत्तीसगढ़ सर्व रविदास समाज के प्रदेश संरक्षक हैं, जबकि सह-निर्माता संजय बुंदेला सर्व रविदास समाज के संभागीय अध्यक्ष के रूप में जुड़े हुए हैं। समाज के साथ उनके इस जुड़ाव के कारण संत गुरु रविदास जी महाराज के जीवन और शिक्षाओं को पर्दे पर लाने की जिम्मेदारी उनके लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

फिल्म की आधिकारिक घोषणा हो चुकी है, हालांकि इसके मुख्य कलाकारों का चयन अभी बाकी है। संत गुरु रविदास जी महाराज की भूमिका निभाने वाले अभिनेता की तलाश के लिए निर्माता देशभर में एक व्यापक कास्टिंग सर्च शुरू करने की तैयारी में हैं। इस प्रक्रिया में भारत के अलग-अलग क्षेत्रों और फिल्म इंडस्ट्री से प्रतिभाओं को देखा जाएगा।

निर्माताओं के अनुसार, इस भूमिका के लिए सिर्फ स्टारडम या किसी बड़े नाम को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी। उनकी तलाश ऐसे अभिनेता की है, जो संत रविदास जी के व्यक्तित्व से जुड़ी आध्यात्मिक गहराई, सादगी, करुणा और दृढ़ विश्वास को पर्दे पर पूरी ईमानदारी के साथ प्रस्तुत कर सके।

भक्ति परंपरा के एक प्रमुख संत के रूप में संत रविदास जी को उनकी भक्ति, समानता, मानवीय गरिमा और जाति तथा सामाजिक भेदभाव के विरोध से जुड़े विचारों के लिए याद किया जाता है। उनकी कई रचनाएं श्री गुरु ग्रंथ साहिब में भी शामिल हैं, जो उनके आध्यात्मिक विचारों के व्यापक प्रभाव और उनकी स्थायी प्रासंगिकता को दर्शाता है।

अपनी कविताओं और शिक्षाओं के माध्यम से संत रविदास जी ने ऐसे समाज की कल्पना की, जहां किसी व्यक्ति का मूल्य उसके जन्म या सामाजिक स्थिति से तय न हो। उन्होंने भक्ति, ईमानदार श्रम, शुद्ध विचार और ईश्वर के सामने समानता को आध्यात्मिक जीवन का आधार माना।

यही विचार ‘रैदास – एक विचार’ की मूल नींव है और इसी के साथ यह फिल्म महोबिया फिल्म्स के माइथोलॉजी यूनिवर्स में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ती है, जो भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और दार्शनिक विरासत से जुड़ी कहानियों को सिनेमाई रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

निर्माताओं के अनुसार, फिल्म सिर्फ संत रविदास जी के जीवन की घटनाओं को सिलसिलेवार तरीके से दिखाने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि उन विचारों और सिद्धांतों को भी सामने लाएगी, जिनके माध्यम से एक संत ने समाज में मौजूद गहरे भेदभाव और सामाजिक विभाजन पर सवाल उठाए और जिनकी गूंज आज भी पीढ़ियों तक सुनाई देती है।

फिल्म का पहला अनाउंसमेंट पोस्टर भी इसी सोच को दर्शाता है। इसमें मुख्य किरदार का चेहरा सामने लाने के बजाय एक गांव के माहौल में संत को पुरुषों और महिलाओं के एक समूह के सामने बैठे हुए दिखाया गया है, जबकि पीछे उगता हुआ सूरज नजर आता है।

पोस्टर पर लिखा है:

“एक संत... एक विचार... जिसने बदल दी संसार की सोच”

निर्माता प्रकाश महोबिया ने बताया कि यह प्रोजेक्ट उनके और पूरी टीम के लिए बेहद खास है।

“महाकाव्य श्री रामायण कथा के बाद हम चाहते थे कि हमारी अगली फिल्म भी भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जड़ों से निकले, लेकिन इस बार इससे हमारा जुड़ाव और भी व्यक्तिगत है। संत गुरु रविदास जी महाराज हमारे समाज के लिए बेहद श्रद्धेय संत हैं और छत्तीसगढ़ सर्व रविदास समाज से जुड़े होने के कारण उनकी कहानी को पर्दे पर लाने की जिम्मेदारी मेरे लिए और भी बड़ी है। लेकिन साथ ही, उनका संदेश कभी सिर्फ किसी एक समाज तक सीमित नहीं रहा। समानता, सम्मान, भक्ति और मानवता को लेकर उनके विचार हर व्यक्ति के लिए हैं।”
उन्होंने आगे कहा:
“रैदास – एक विचार के जरिए हमारा प्रयास है कि उनकी विचारधारा को आज की नई पीढ़ी तक सिनेमा के माध्यम से पहुंचाया जाए। हम ऐसी फिल्म बनाना चाहते हैं जिस पर हमारा समाज गर्व कर सके, लेकिन साथ ही यह हर भारतीय की कहानी और विचारों से जुड़ सके। इस फिल्म के साथ हम महोबिया फिल्म्स के माइथोलॉजी यूनिवर्स की सोच को भी आगे बढ़ा रहे हैं, जहां भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी कहानियों को बड़े स्तर पर सिनेमाई रूप दिया जा सके।”
कास्टिंग प्रक्रिया को लेकर प्रकाश महोबिया ने कहा कि संत रविदास जी की भूमिका के लिए सही अभिनेता चुनने में जल्दबाजी नहीं की जाएगी।
“संत रविदास जी की भूमिका के लिए सही अभिनेता को चुनना हमारे सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक होगा। हम सिर्फ किसी स्टार के नाम या उसकी लोकप्रियता को नहीं देख रहे हैं। हमारी तलाश ऐसे कलाकार की है जो इस किरदार की शांति, दृढ़ता, करुणा और आध्यात्मिक शक्ति को अपने भीतर उतार सके। इसी वजह से हम अपने मुख्य कलाकार को तय करने से पहले देशव्यापी कास्टिंग सर्च करने जा रहे हैं।”
सह-निर्माता संजय बुंदेला, जो सर्व रविदास समाज के संभागीय अध्यक्ष के रूप में भी जुड़े हुए हैं, ने कहा कि यह फिल्म टीम के लिए भावनात्मक और सामाजिक, दोनों तरह की जिम्मेदारी लेकर आती है।
“संत गुरु रविदास जी महाराज की शिक्षाओं ने पीढ़ियों को दिशा दी है। जो लोग समाज के बीच पले-बढ़े हैं और जिन्होंने समाज के साथ करीब से काम किया है, उनके लिए यह सिर्फ एक फिल्म का विषय नहीं है। इसके साथ एक भावनात्मक जिम्मेदारी जुड़ी हुई है। हम चाहते हैं कि उनका जीवन, उनके संघर्ष और उनका संदेश सिर्फ हमारे समाज तक सीमित न रहे, बल्कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे और खासकर युवा पीढ़ी उनसे जुड़ सके।”
निर्देशक अभिषेक सिंह के लिए सबसे बड़ी चुनौती ऐसी फिल्म बनाना है, जिसमें संत का जीवन और उनकी विचारधारा दोनों बराबर महत्वपूर्ण हों।
“मेरे लिए रैदास – एक विचार सिर्फ एक पारंपरिक बायोपिक नहीं हो सकती, जहां हम संत के जीवन की एक घटना से दूसरी घटना तक पहुंचते जाएं। कई मायनों में इस फिल्म का सबसे महत्वपूर्ण किरदार स्वयं उनका विचार है। हम दर्शकों को यह समझाना चाहते हैं कि संत रविदास जी किस दौर में रहे, उन्होंने किन सवालों को उठाया और उनके aशब्द सदियों बाद भी इतने प्रासंगिक क्यों हैं। अभिषेक सिंह ने आगे बताया कि फिल्म में एक वास्तविक और प्रभावशाली पीरियड वर्ल्ड तैयार करने के साथ-साथ कहानी को आज के दर्शकों के लिए भी सहज और जुड़ाव वाली रखने पर ध्यान दिया जाएगा। उनका जीवन हमें भावनात्मक, दार्शनिक और सिनेमाई स्तर पर बहुत कुछ देता है, लेकिन साथ ही यह जिम्मेदारी भी देता है कि हम उनकी शिक्षाओं की मूल भावना के प्रति ईमानदार रहें। फिल्म की दुनिया उस दौर, वहां के लोगों, संगीत और आध्यात्मिकता से गहराई से जुड़ी होगी। लेकिन इसके साथ भावनाएं ऐसी होनी चाहिए जिनसे आज का दर्शक भी जुड़ सके।”
उन्होंने आगे कहा: फिल्म को हिंदी और छत्तीसगढ़ी में बनाने से हमें इसकी सांस्कृतिक जड़ों को बनाए रखने का अवसर मिलेगा और साथ ही संत रविदास जी की कहानी और उनके विचारों को ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुंचाने का रास्ता भी खुलेगा।”
महाकाव्य श्री रामायण कथा के बाद ‘रैदास – एक विचार’ महोबिया फिल्म्स के माइथोलॉजी यूनिवर्स के विस्तार की दिशा में एक और कदम है, जिसके जरिए निर्माता भारत के आध्यात्मिक इतिहास, संत परंपरा और दार्शनिक विरासत से जुड़ी कहानियों को बड़े पर्दे पर लाने की अपनी सोच को आगे बढ़ा रहे हैं।
फिल्म का निर्माण प्रकाश महोबिया और संजय बुंदेला कर रहे हैं, निर्देशन अभिषेक सिंह का है और जुगल किशोर तिवारी एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं।
फिल्म पर रिसर्च और प्री-प्रोडक्शन का काम जारी है। देशव्यापी कास्टिंग प्रक्रिया के बाद फिल्म की स्टार कास्ट और शूटिंग शेड्यूल से जुड़ी अन्य जानकारियों की घोषणा की जाएगी।
‘रैदास – एक विचार’ के साथ महोबिया फिल्म्स अपने माइथोलॉजी यूनिवर्स को एक और महत्वपूर्ण कहानी से विस्तार दे रहा है — एक ऐसा सिनेमाई संसार, जिसमें भारत के संतों, आध्यात्मिक परंपराओं और सदियों पुराने विचारों को आज की पीढ़ी तक बड़े पर्दे के माध्यम से पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
‘रैदास – एक विचार’ 2027 में वर्ल्डवाइड थिएट्रिकल रिलीज़ के लिए निर्धारित है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Releated

Netflix’s The Great Indian Kapil Show Season 5 Ushers In the ‘Hasi Ka Tyo-ha-ha-har’ with the Cast of Drishyam: The Conclusion

📰 Generate e-Paper Clip Netflix’s The Great Indian Kapil Show Season 5 Ushers In the ‘Hasi Ka Tyo-ha-ha-har’ with the Cast of Drishyam: The Conclusion The season premieres with its first episode airing on September 26, featuring Ajay Devgn, Shriya Saran, Ishita Dutta, Mrunal Jadhav and Jaideep Ahlawat, along with director Abhishek Pathak Fetching content […]

Orry Captures Alia Bhatt’s Full-Circle Moment at ‘Don’t Be Shy’ Screening With Karan Johar, Ranbir Kapoor and Family

📰 Generate e-Paper Clip Orry Captures Alia Bhatt’s Full-Circle Moment at ‘Don’t Be Shy’ Screening With Karan Johar, Ranbir Kapoor and Family Fetching content   Mumbai: Orry shared glimpses from a special screening of Alia Bhatt’s Don’t Be Shy, calling the evening “very special” as he celebrated the actor-turned-producer’s latest chapter. Reflecting on Alia’s journey […]