हिन्दु नववर्ष विक्रम संवत 2083 गुड़ी पड़वा – 19 मार्च 2026 गुरुवार
हिन्दु नववर्ष विक्रम संवत 2083 गुड़ी पड़वा – 19 मार्च 2026 गुरुवार
रौद्र नाम संवत्सर संकल्पादौ वर्षपर्यन्तम योजनीयम्
UNN: श्री महाकाल पञ्चांग उज्जैन, विश्व पञ्चांगम् काशी हिन्दू विश्वविद्यालय प्रकाशितम्, एवं काशी महावीर पञ्चांगम् एवं अन्य ज्योतिषीय ग्रन्थो के आधार पर पुजन, पाठ, तप, जप, संकल्पादि में वर्षपर्यन्त रौद्र नामक संवत्सर ही कहा जायेगा। रौद्र नामक संवत्सर के राजा – गुरु, मन्त्री-मंगल, मेघेश-चन्द्र होंगे। संवत्सर का फल – वर्षा मध्यम हो, विश्वभर के राजाओ में क्षोभ हो, आम जनता में पीड़ा होगी, सोने-चाँदी महंगे होगे। फसलो पर कीड़ो का प्रकोप, सुदुर क्षेत्रो मे भूकंप, वायुयान दुर्घटना, वर्ष के अन्त में शान्ति होने लगेगी। सूदुर प्रदेशों में फसले अच्छी होगी, देश की सैन्य शक्ति बढ़ेगी, कहीं-कही अतिवृष्टी होगी।
चैत्र नवरात्र प्रारंभ – घटस्थापना मुहुर्त – 19 मार्च 2026
शुभ मुहुर्त – सुबह 6:57 बजे से 8:04 बजे तक
अभिजित मूहुर्त – दोप. 12:11 बजे से 12:59 बजे तक
लाभ मुहुर्त – दोप. 12:35 बजे से 2:05 बजे तक
अमृत मुहुर्त – दोप. 2:05 बजे से 3:36 बजे तक
माता का आगमन –इस वर्ष माता का आगमन डोली पर व प्रस्थान हाथी पर हो रहा है। डोली पर आने से भय एवं कष्ट मे वृद्धी होती है। हाथी पर जाने से सूख ,समृध्दी ,शान्ति बढ़ती है। नवरात्रि में शक्ति उपासना के लिये किये जाने वाले दैविय अनुष्ठान–अपने क्षेत्र के विद्वान ब्राम्हणो द्वारा दुर्गासप्तशति, श्री सूक्त के पाठ करवाए। रामचरित मानस के पाठ करवाए। अपनी गुरु परम्परा, कुल परम्परा के अनुसार पुजन, पाठ, होम, जाप इत्यादि करे । कन्याभोजन कराए। अपने गुरुमन्त्र, इष्टमन्त्र का जाप करे । सात्विक भाव से देवी का पुजन करे। लाल चन्दन, कनेर पुष्प, गुलाब पुष्प, बिल्व पत्र से पुजन करे। नवरात्रि पर माँ को प्रसन्न करने व कामनाओं की पूर्ति के लिये नौ दिन माँ जगदम्बा को लगाए जाने वाले भोग-
प्रतिपदा – गोघृत
द्वितीया -शक्कर
तृतीया -गाय का दूध
चतुर्थी – मालपुआ
पञ्चमी – केला
षष्ठी – शहद
सप्तमी- गुड़
अष्टमी – नारियल
नवमी – धान का लावा
“भोग सामग्री माँ भगवती को अर्पण कर दक्षिणा सहीत ब्राम्हण को दान करनी चाहीये। देवी की प्रसन्नता के लिये सेब, अनार, अंगूर, एवं अन्य ऋतुफलो का भोग लगाकर दक्षिणा के साथ ब्राम्हण को दे। तन्त्र मार्ग में दिक्षित साधक अपनी गुरुपरम्परा के अनुसार साधना करे। हिन्दू नववर्ष एवं चैत्र नवरात्र की आप सभी सनातनियों को हार्दिक शुभकामनाएँ बधाई ।
पं कपिल शर्मा (काशी महाराज)
मो 9630100200
