महाराष्ट्र में ‘मेयर’ की जंग 2026 : BMC नतीजों के बाद रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ शुरू
महाराष्ट्र में ‘मेयर’ की जंग 2026 : BMC नतीजों के बाद रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ शुरू
मुंबई। महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों के नतीजों के ठीक एक दिन बाद देश की सबसे अमीर नगर पालिका (बीएमसी) में मेयर पद को लेकर घमासान शुरू हो गया है। बहुमत के जादुई आंकड़े से दूर रह गई पार्टियों के बीच अब जोड़-तोड़ और पार्षदों को टूटने से बचाने की कवायद तेज हो गई है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी शिवसेना के सभी 29 पार्षदों को ताज होटल में शिफ्ट कर दिया है। बीएमसी का गणित : भाजपा को 25 पार्षदों की दरकार 227 सीटों वाली बीएमसी में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। नतीजों की स्थिति इस प्रकार है:
भाजपा : 89 सीटें (सबसे बड़ी पार्टी)
शिवसेना (शिंदे) : 29 सीटें
बहुमत का आंकड़ा : 114
भाजपा को अपना मेयर बनाने के लिए कम से कम 25 और पार्षदों के समर्थन की जरूरत है। ऐसे में शिंदे गुट के 29 पार्षद किंगमेकर की भूमिका में हैं।
कैबिनेट मीटिंग से गायब रहे दोनों डिप्टी सीएम
चुनावी नतीजों के बाद महायुति गठबंधन (भाजपा-शिंदे-अजित पवार) के भीतर दरार की खबरें भी सामने आ रही हैं। शनिवार को हुई महाराष्ट्र सरकार की कैबिनेट बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री, एकनाथ शिंदे और अजित पवार शामिल नहीं हुए।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेता अपनी पार्टियों के प्रदर्शन से असंतुष्ट हैं और भाजपा के बढ़ते दबदबे से नाराज बताए जा रहे हैं।
हालांकि, शिंदे गुट की ओर से सफाई दी गई कि मुख्यमंत्री की तबीयत ठीक नहीं है।
फडणवीस बोले- कोई विवाद नहीं
राजनीतिक गहमागहमी के बीच डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश की है। उन्होंने कहा, “मेयर कौन बनेगा और कब चुना जाएगा, इसका फैसला मैं, एकनाथ शिंदे और हमारे वरिष्ठ नेता मिलकर करेंगे। गठबंधन में कोई विवाद नहीं है।”
नगर निगम चुनावों में भाजपा का दबदबा
महाराष्ट्र की कुल 29 नगर निगमों में भाजपा का प्रदर्शन शानदार रहा है:
भाजपा: 17 निगमों में स्पष्ट जीत।
महायुति गठबंधन: कुल 25 निगमों पर कब्जा।
अगली राह : सबकी नजरें अब बीएमसी के मेयर चुनाव पर टिकी हैं। क्या भाजपा शिंदे के समर्थन से मेयर की कुर्सी हासिल करेगी या अजित पवार और शिंदे गुट कोई नई शर्त रखेंगे, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
