इंदौर दूषित पानी कांड : इंदौर नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव पर गिरी गाज, 2 बड़े अफसर भी सस्पेंड
इंदौर दूषित पानी कांड : इंदौर नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव पर गिरी गाज, 2 बड़े अफसर भी सस्पेंड
CM ने कहा है कि भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण हुई घटना में राज्य सरकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। इस संबंध में कठोर निर्णय लिए जा रहे हैं।
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में गंदा पानी पीने से हुई मौतों के मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार देर रात को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर की गई पोस्ट में कहा, ‘इंदौर नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, पीएचई के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित किया गया है। इसके अलावा इंदौर नगर निगम के आयुक्त दिलीप कुमार यादव को भी हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
इंदौर: भागीरथपुरा दूषित पानी और 15 मौतों के बाद आखिरकार CM डॉ. मोहन यादव ने तगड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने शाम को मामले की समीक्षा के बाद नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव की सीधे तौर पर लापरवाही मानते हुए उन्हें हटाने के निर्देश दिए हैं। दो अन्य अधिकारियों को भी सस्पेंड कर दिया गया है।
जानकारी अनुसार CM मोहन यादव ने देर शाम इंदौर भागीरथपुरा मामले में वरिष्ठ अधिकारियों से जानकारी लेते हुए पूरे मामले की समीक्षा की है। अधिकारियों ने उन्हें एक-एक बिंदु से अवगत कराया है। इसके बाद सीएम ने सीधे तौर पर इस पूरी लापरवाही में नगर निगम कमिश्नर दिलीप कुमार यादव को लापरवाह मानते हुए हटाने के निर्देश दिए। आयुक्त के अलावा निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, PHE के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित किया गया है।
इसके साथ ही इंदौर नगर निगम में तीन नए अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। खरगोन जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकाश सिंह, आलीराजपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर सिंह और इंदौर उप परिवहन आयुक्त आशीष कुमार पाठक को निगम में अपर आयुक्त बनाया गया है।
सरकार ने हाईकोर्ट में कहा- सिर्फ 4 मौत हुईं शुक्रवार को ही सरकार ने हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश की है कि इंदौर में दूषित पानी से सिर्फ 4 मौतें हुई हैं। सरकार की यह रिपोर्ट तब आई है, जब मृतकों के परिजन और अस्पतालों के जरिए 15 मौतों की जानकारी सामने आ चुकी है। अगली सुनवाई 6 जनवरी को होगी।
