अजमेर शरीफ में जश्ने मौला अली व जश्न-ए-गरीब नवाज़ का रूहानी जलसा
अजमेर शरीफ में जश्ने मौला अली व जश्न-ए-गरीब नवाज़ का रूहानी जलसा
मानवता और विश्व शांति का पैगाम
अजमेर । सुल्तान-ए-हिंद सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनउद्दीन हसन चिश्ती (रे अ) के आस्ताने पर जश्ने मौला अली और ‘जश्न-ए-गरीब नवाज़ का रूहानी आयोजन अकीदत के साथ हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मानवता की सेवा और विश्व शांति का पैगाम देना रहा। अजमेर शरीफ की ऐतिहासिक शाहजहानी मस्जिद में आयोजित कार्यक्रम में हज़रत मौलाना वासिफ करीम चिश्ती ने जायरीनों को संबोधित करते हुए बताया कि नया साल हमारे लिए केवल कैलेंडर बदलना नहीं, बल्कि अपने अखलाक (आचरण) और नीयत को बेहतर बनाने का मौका है। ख्वाजा गरीब नवाज का दर वह स्थान है जहाँ से हमेशा प्रेम और भाईचारे की किरणें फूटती हैं।
अमन के लिए विशेष दुआ
कार्यक्रम के दौरान हाजी सैयद सलमान चिश्ती (गद्दीनशीन एवं चेयरमैन चिश्ती फाउंडेशन) की अगुवाई में चादर शरीफ पेश की गई। इस मौके पर बारगाह-ए-ख्वाजा में विशेष दुआ मांगी गई कि यह साल हमारे मुल्क के लिए खुशहाली, बेहतर स्वास्थ्य और आपसी सौहार्द लाने वाला बने।
नात-ख्वानी में शामिल हुए जायरीन
सुबह 10 बजे से शुरू हुई नात-ख्वानी की महफिल में इंदौर से शामिल हुए सैकड़ों अकीदतमंदों ने झूमकर खिराज-ए-अकीदत पेश की। हज़रत औसाफ मोहम्मद चिश्ती की मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में चिश्तीया करीमिया फाउंडेशन के स्वयंसेवकों ने जायरीनों के लिए शानदार इंतजाम किए थे। कार्यक्रम के अंत में लंगर तक्सीम किया गया और सभी ने एक दूसरे को नए साल की मुबारकबाद देते हुए मुल्क की तरक्की का संकल्प लिया।
