Patanjali Ayurveda accused of misleading advertisement

Patanjali Ayurveda पर दवाओं के भ्रामक विज्ञापन का आरोप, 2300 करोड़ रुपए का नुकसान

Patanjali Ayurveda पर दवाओं के भ्रामक विज्ञापन का आरोप, 2300 करोड़ रुपए का नुकसान

नई दिल्ली : बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका दिया, जिसके बाद बुधवार को पतंजलि फूड्स के शेयर में 4 फीसदी से अधिक की गिरावट देखने को मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद और उसके मैनेजिंग डायरेक्टर आचार्य बालकृष्ण को दवाओं के विज्ञापनों में ‘भ्रामक दावे’ ना करने के अपने वादे से पीछे हटने के लिए अवमानना नोटिस भेजा। जिसका असर शेयर बाजार में लिस्टिड कंपनी के शेयर में देखने को मिला। रामदेव की कंपनी को करीब 2300 करोड़ रुपए का नुकसान हो गया।
कंपनी के शेयर में गिरावट
कोर्ट के फैसले के बाद बुधवार को कंपनी के शेयर में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है। बीएसई पर पतंजलि फूड्स के शेयर में 4.46% की गिरावट दर्ज की गई है और यह 1548.00 रुपए के दिन के निचले स्तर पर आ गए। जबकि एक दिन पहले मंगलवार को कंपनी का शेयर 1620.20 रुपए पर बंद हुआ था।
105 मिनट में 2300 करोड़ रुपए डूबे
कंपनी के शेयर में गिरावट की वजह से कंपनी की वैल्यूएशन में भी काफी कमी देखने को मिली। 105 मिनट के कारोबारी सत्र के दौरान रामदेव की कंपनी के करीब 2300 करोड़ रुपए डूब गए। एक दिन पहले कंपनी की वैल्यूएशन 58,650.40 करोड़ रुपए थी। सुबह 11 बजे 56,355.35 करोड़ रुपए पर आ गई। इसका मतलब है 105 मिनट में कंपनी की वैल्यूएशन में 2,295.05 करोड़ रुपए की गिरावट देखने को मिली। मौजूदा समय में कंपनी की वैल्यूएशन 56,471.20 रुपए पर है।
इस पर भी लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि को हृदय रोग और अस्थमा जैसी बीमारियों के इलाज का दावा करने वाले उत्पादों को बढ़ावा देने से भी रोक दिया। यह फैसला इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) द्वारा कोर्ट में सबूत पेश करने के बाद आया, जिसमें द हिंदू अखबार में पतंजलि का विज्ञापन और एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी शामिल थी, जहां कंपनी ने योग की मदद से शुगर और अस्थमा को पूरी तरह से ठीक करने का दावा किया था। अदालत ने पतंजलि को पिछले अदालत के आदेश का उल्लंघन करते हुए पाया, जिसने पतंजलि को भ्रामक विज्ञापन जारी करने और भ्रामक दावे करने से रोक दिया था। हालांकि, उसी दिन एक नियामक फाइलिंग में पतंजलि फूड्स ने कहा कि भारत की सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियां पतंजलि फूड्स लिमिटेड से संबंधित नहीं हैं, जो एक स्वतंत्र लिस्टिड यूनिट है और खाद्य तेल और खाद्य एफएमसीजी के क्षेत्र में काम करती है।

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