चयनकर्ता हमेशा ही बेहतरीन खिलाड़ी को बनाना चाहिए : अमरनाथ
चयनकर्ता हमेशा ही बेहतरीन खिलाड़ी को बनाना चाहिए : अमरनाथ
जयपुर । पूर्व क्रिकेटर मोहिंदर अमरनाथ ने कहा है कि जब आप काफी सीनियर होते हैं तो खेल में रनों की भूख पहले की तरह नहीं रह जाती। ऐसें चयनकर्ताओं की भूमिका और अहम हो जाती है। इससे भी फर्क पड़ता है कि चयनकर्ताओं में कितना अनुभव है और उनमें क्या योग्यता है। माना जा रहा है कि अमरनाथ ने ये बात रोहित शर्मा और विराट कोहली को खराब प्रदर्शन के बाद भी टीम में बरकरार रखे जाने पर कही हैं। अमरनाथ ने कहा ‘चयनकर्ता हमेशा ही बेहतरीन खिलाड़ी को बनाना चाहिए। वहीं अगर ऐसा नहीं होगा तो वे मजबूत फैसले नहीं ले पाएंगे। रोहित और विराट के बारे में फैसला कोई मजबूत चयनकर्ता ही ले सकता है।’ एक कार्यक्रम में अमरनाथ ने ये बातें कहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘एक समय पर अमरनाथ नाम के साथ ही बीसीसीआई को परेशानी हो जाती थी। मेरे पिता से भी थी और फिर इसी नाम की वजह से हमसे हुई। अगर हमारा सरनेम दूसरा होता, तो हमें टीम से हटाया नहीं किया जाता। ’
उन्होंने कहा कि बिशन सिंह बेदी सबसे बेहतरीन कप्तान थे। वे अपने खिलाड़ियों के लिए लड़ते थे। ऐसे ही इमरान खान बेहतरीन कप्तान थे। अमरनाथ ने साथ ही कहा, ‘सचिन, विराट और सुनील गावस्कर में से किसी को चुनना होगा तो मैं सनी को चुनूंगा।’ मोहिंदर अमरनाथ ने कहा, ‘मैं जहां पढ़ा, वहां अंग्रेजी बोलना तो अपराध ही था। मैं हिंदी में लिखता था और बाद में उसे ट्रांसलेट करता था। उन्होंने कहा कि मेरे पिता जानते थे कि हम क्रिकेटर बन गए, तो हम क्या बन जाएंगे। वे हमेशा ऐसे ही व्यवहार करते थे। चोट लगती थी, तो यह नहीं कि आराम करो. वे कहते थे कि बर्फ लगाओ और खेलने जाओ।’ अमरनाथ ने कहा कि वे हमेशा संदेह में रहते थे कि अगला मैच खेलेंगे या नहीं पर चुनौती हमेशा आपको तैयार करती है। वैसे भी दो मैच में गलत खेला और आप बाहर हालांकि कई खिलाड़ियों को ज्यादा मौके मिलते हैं। अमरनाथ ने कहा, ‘लेकिन इसने मुझे तैयार होने के और अपनी कमजोरियों पर काम करने के अवसर दिये।