32 parties got support on 'one country-one election'

One Nation, One Election: 32 पार्टियों का मिला समर्थन… एक देश-एक चुनाव’ पर

32 पार्टियों का मिला समर्थन… एक देश-एक चुनाव’ पर जानिए किस पार्टी का क्या रहा रुख

नई दिल्ली : मोदी सरकार ने अपने तीसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने के बाद ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ की दिशा में ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया है। इस प्रस्ताव के कार्यान्वयन में कई चुनौतियाँ मौजूद हैं, लेकिन सरकार का विश्वास है कि इनका समाधान किया जा सकता है। ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ का लक्ष्य सभी चुनावों को एक साथ कराना है, जिससे चुनावी प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाया जा सके। इससे चुनावी खर्च में कमी, प्रशासनिक बोझ में कमी और राजनीतिक स्थिरता में वृद्धि होने की संभावना है।
कोविंद कमेटी का गठन और रिपोर्ट
मोदी सरकार ने ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ की संभावनाओं की जांच के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई थी। इस कमेटी ने 18,626 पन्नों की रिपोर्ट मार्च में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपी। इस रिपोर्ट को लेकर मोदी सरकार का मानना है कि यदि सभी राजनीतिक दल एकजुट होकर कार्य करें, तो ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ की दिशा में आगे बढ़ना संभव है। यह योजना चुनावी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने का एक प्रयास है।
इन पार्टियों ने किया समर्थन
वन नेशन-वन इलेक्शन’ प्रस्ताव का समर्थन करने वाले राजनीतिक दलों में सत्ताधारी बीजेपी के अलावा कई क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दल शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित दल शामिल हैं:
अन्नाद्रमुक
ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन
अपना दल (सोनेलाल)
असम गण परिषद
बीजू जनता दल
लोक जनशक्ति पार्टी (आर)
मिजो नेशनल फ्रंट
नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी
शिवसेना
जनता दल (यूनाइटेड)
सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा
शिरोमणि अकाली दल
यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल

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Date : 19 September 2024 Posted By : EDITOR
One Nation, One Election: 32 पार्टियों का मिला समर्थन… एक देश-एक चुनाव’ पर
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32 पार्टियों का मिला समर्थन... एक देश-एक चुनाव' पर जानिए किस पार्टी का क्या रहा रुख

नई दिल्ली : मोदी सरकार ने अपने तीसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने के बाद 'वन नेशन-वन इलेक्शन' की दिशा में ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया है। इस प्रस्ताव के कार्यान्वयन में कई चुनौतियाँ मौजूद हैं, लेकिन सरकार का विश्वास है कि इनका समाधान किया जा सकता है। 'वन नेशन-वन इलेक्शन' का लक्ष्य सभी चुनावों को एक साथ कराना है, जिससे चुनावी प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाया जा सके। इससे चुनावी खर्च में कमी, प्रशासनिक बोझ में कमी और राजनीतिक स्थिरता में वृद्धि होने की संभावना है।
कोविंद कमेटी का गठन और रिपोर्ट
मोदी सरकार ने 'वन नेशन-वन इलेक्शन' की संभावनाओं की जांच के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई थी। इस कमेटी ने 18,626 पन्नों की रिपोर्ट मार्च में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपी। इस रिपोर्ट को लेकर मोदी सरकार का मानना है कि यदि सभी राजनीतिक दल एकजुट होकर कार्य करें, तो 'वन नेशन-वन इलेक्शन' की दिशा में आगे बढ़ना संभव है। यह योजना चुनावी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने का एक प्रयास है।
इन पार्टियों ने किया समर्थन
वन नेशन-वन इलेक्शन' प्रस्ताव का समर्थन करने वाले राजनीतिक दलों में सत्ताधारी बीजेपी के अलावा कई क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दल शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित दल शामिल हैं:
अन्नाद्रमुक
ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन
अपना दल (सोनेलाल)
असम गण परिषद
बीजू जनता दल
लोक जनशक्ति पार्टी (आर)
मिजो नेशनल फ्रंट
नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी
शिवसेना
जनता दल (यूनाइटेड)
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शिरोमणि अकाली दल
यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल

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