Foreign guests liked the hospitality of Madhya Pradesh

MP: विदेशी अतिथियों को भाया मध्य प्रदेश का आतिथ्य, भारतीय संस्कृति, परम्परा, संगीत और कलाओं ने मन मोह लिया

 

विदेशी अतिथियों को भाया मध्य प्रदेश का आतिथ्य, भारतीय संस्कृति, परम्परा, संगीत और कलाओं ने मन मोह लिया

“यूरेशियन एशियन ग्रुप” की 41वीं प्लेनरी मीटिंग के समापन अवसर पर संस्कृति संचालनालय द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन

इंदौर : मध्यप्रदेश शासन द्वारा “यूरेशियन एशियन ग्रुप” की 41वीं प्लेनरी मीटिंग का आयोजन ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर इंदौर में किया जा रहा है। इस प्रतिनिधि मण्डल के लिए आज ब्रिलियंट कंन्वेंशन सेंटर इन्दौर में आयोजित समापन कार्यक्रम के अवसर पर संस्कृति संचालनालय मध्य प्रदेश द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ संयोजित की गई।
इस अवसर पर पहली प्रस्तुति विश्व प्रसिद्ध मैहर वाद्यवृंद की सांगीतिक प्रस्तुति हुई, जिसकी शुरुआत मार्च फास्ट की धुन से हुई। नलतरंग, सितार, सरोद, तबला, हारमोनियम, वायलिन, सारंगी, इसराज जैसे वाद्ययंत्रों से निकली सुरीली धुनों ने देश—विदेश से पधारे अतिथियों का मन मोह लिया। इसके बाद “सिंदूरा” धुन प्रस्तुत की गई। देवी के सिंदूर को देखकर महान संगीतज्ञ उस्‍ताद अलाउद्दीन खां ने यह धुन बनाई थी। इसका प्रभाव यह होता है कि जब व्यक्ति देवी के सामने होता है तो मन में जो उमंग आती है इस धुन में उसी का चित्रण होता है। इसके बाद “घूमर” धुन की प्रस्तुति हुई। इस धुन को सुन अतिथियों को उमंग और सम्मान की अनुभूति हुई। अंतिम प्रस्तुति बागेश्री कानड़ा की रही। विश्व प्रसिद्ध अली अकबर द्वारा रचित यह रचना, जिसमें सामूहिक वातावरण का प्रदर्शन किया जाता है। इसमें सवाल-जवाब झाला इत्यादि का बहुत ही आकर्षक चित्रण किया गया है।
अगली प्रस्तुति सितार—मोहन वीणा जुगलबंदी की रही। इसमें इंदौर के सुप्रसिद्ध सितार वादक पंडित श्री अरुण मोरोने और मोहन वीणा वादक पंडित श्री सतीश खानवलकर की जुगलबंदी ने सभागार में शास्त्रीय संगीत के सौंदर्य को बिखेर दिया। उनकी प्रस्तुति राग चारुकेशी पर आधारित रही, जिसमें एक लघु आलाप, दो बंदिशें जो तीन ताल में निबद्ध रहीं, प्रस्तुत की। प्रस्‍तुति का समापन द्रुत झाला के साथ हुआ। तबले पर श्री उमेश बाकरे और श्री कुणाल लहरे ने संगत की।


अगले क्रम में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्राप्त कोरियोग्राफर सुश्री जयलक्ष्मी ईश्वर द्वारा संकल्पित और संयोजित मध्य प्रदेश भारत की “स्वर की समता” में मध्य प्रदेश और देश की संस्कृति, परम्परा और पर्यटन को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत “माता पृथ्वी” पर आधारित श्लोकों से हुई, इसके बाद भारत और EAG देशों की सांस्कृतिक विविधता नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत की गई। इसके बाद मध्य प्रदेश की प्रमुख विरासत और संस्कृति को नृत्य और दृश्यों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। कपड़ों की विरासत प्रस्तुति में महारानी अहिल्याबाई होल्कर को महेश्वरी साड़ी की परम्परा को स्थापित करने का श्रेय दिया जाता है। इस खंड में बुनाई संस्कृति को प्रदर्शित किया गया। अंत में ग्रैंड सिंफनी प्रस्तुति के अंतर्गत वैश्विक अस्तित्व के सामंजस्यपूर्ण संगीत के रूपक को प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति सुप्रसिद्ध फ़िल्मीट्रॉनिक्स बैंड की रही। अपने जोशीले अंदाज और ऊर्जा से भरी आवाज से बैंड ने संपूर्ण सभागार में उपस्थित अतिथियों को संगीत के जादू में बांध दिया। उन्होंने हॉलीवुड, बॉलीवुड के साथ रॉक म्यूजिक आधारित गीतों से शाम को यादगार बना दिया। इस बैंड का संयोजन सुश्री मर्लिन डिसूजा ने किया। कार्यक्रम में केंद्रीय अतिरिक्त वित्त सचिव श्री विवेक अग्रवाल, EAG प्लेनरी ग्रुप अध्यक्ष श्री यूरी चिकानचिन,
संचालक संस्कृति विभाग मध्यप्रदेश शासन श्री एन. पी.नामदेव, संभाग आयुक्त श्री दीपक सिंह, कलेक्टर श्री आशीष सिंह सहित EAG प्लेनेटरी ग्रुप के सदस्य देशों के प्रतिनिधि गण उपस्थित थे।

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Date : 28 November 2024 Posted By : EDITOR
MP: विदेशी अतिथियों को भाया मध्य प्रदेश का आतिथ्य, भारतीय संस्कृति, परम्परा, संगीत और कलाओं ने मन मोह लिया
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विदेशी अतिथियों को भाया मध्य प्रदेश का आतिथ्य, भारतीय संस्कृति, परम्परा, संगीत और कलाओं ने मन मोह लिया

"यूरेशियन एशियन ग्रुप" की 41वीं प्लेनरी मीटिंग के समापन अवसर पर संस्कृति संचालनालय द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन

इंदौर : मध्यप्रदेश शासन द्वारा "यूरेशियन एशियन ग्रुप" की 41वीं प्लेनरी मीटिंग का आयोजन ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर इंदौर में किया जा रहा है। इस प्रतिनिधि मण्डल के लिए आज ब्रिलियंट कंन्वेंशन सेंटर इन्दौर में आयोजित समापन कार्यक्रम के अवसर पर संस्कृति संचालनालय मध्य प्रदेश द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ संयोजित की गई।
इस अवसर पर पहली प्रस्तुति विश्व प्रसिद्ध मैहर वाद्यवृंद की सांगीतिक प्रस्तुति हुई, जिसकी शुरुआत मार्च फास्ट की धुन से हुई। नलतरंग, सितार, सरोद, तबला, हारमोनियम, वायलिन, सारंगी, इसराज जैसे वाद्ययंत्रों से निकली सुरीली धुनों ने देश—विदेश से पधारे अतिथियों का मन मोह लिया। इसके बाद "सिंदूरा" धुन प्रस्तुत की गई। देवी के सिंदूर को देखकर महान संगीतज्ञ उस्‍ताद अलाउद्दीन खां ने यह धुन बनाई थी। इसका प्रभाव यह होता है कि जब व्यक्ति देवी के सामने होता है तो मन में जो उमंग आती है इस धुन में उसी का चित्रण होता है। इसके बाद "घूमर" धुन की प्रस्तुति हुई। इस धुन को सुन अतिथियों को उमंग और सम्मान की अनुभूति हुई। अंतिम प्रस्तुति बागेश्री कानड़ा की रही। विश्व प्रसिद्ध अली अकबर द्वारा रचित यह रचना, जिसमें सामूहिक वातावरण का प्रदर्शन किया जाता है। इसमें सवाल-जवाब झाला इत्यादि का बहुत ही आकर्षक चित्रण किया गया है।
अगली प्रस्तुति सितार—मोहन वीणा जुगलबंदी की रही। इसमें इंदौर के सुप्रसिद्ध सितार वादक पंडित श्री अरुण मोरोने और मोहन वीणा वादक पंडित श्री सतीश खानवलकर की जुगलबंदी ने सभागार में शास्त्रीय संगीत के सौंदर्य को बिखेर दिया। उनकी प्रस्तुति राग चारुकेशी पर आधारित रही, जिसमें एक लघु आलाप, दो बंदिशें जो तीन ताल में निबद्ध रहीं, प्रस्तुत की। प्रस्‍तुति का समापन द्रुत झाला के साथ हुआ। तबले पर श्री उमेश बाकरे और श्री कुणाल लहरे ने संगत की।


अगले क्रम में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्राप्त कोरियोग्राफर सुश्री जयलक्ष्मी ईश्वर द्वारा संकल्पित और संयोजित मध्य प्रदेश भारत की “स्वर की समता” में मध्य प्रदेश और देश की संस्कृति, परम्परा और पर्यटन को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत "माता पृथ्वी" पर आधारित श्लोकों से हुई, इसके बाद भारत और EAG देशों की सांस्कृतिक विविधता नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत की गई। इसके बाद मध्य प्रदेश की प्रमुख विरासत और संस्कृति को नृत्य और दृश्यों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। कपड़ों की विरासत प्रस्तुति में महारानी अहिल्याबाई होल्कर को महेश्वरी साड़ी की परम्परा को स्थापित करने का श्रेय दिया जाता है। इस खंड में बुनाई संस्कृति को प्रदर्शित किया गया। अंत में ग्रैंड सिंफनी प्रस्तुति के अंतर्गत वैश्विक अस्तित्व के सामंजस्यपूर्ण संगीत के रूपक को प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति सुप्रसिद्ध फ़िल्मीट्रॉनिक्स बैंड की रही। अपने जोशीले अंदाज और ऊर्जा से भरी आवाज से बैंड ने संपूर्ण सभागार में उपस्थित अतिथियों को संगीत के जादू में बांध दिया। उन्होंने हॉलीवुड, बॉलीवुड के साथ रॉक म्यूजिक आधारित गीतों से शाम को यादगार बना दिया। इस बैंड का संयोजन सुश्री मर्लिन डिसूजा ने किया। कार्यक्रम में केंद्रीय अतिरिक्त वित्त सचिव श्री विवेक अग्रवाल, EAG प्लेनरी ग्रुप अध्यक्ष श्री यूरी चिकानचिन,
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