Now internet will run through satellite, speed will be available

अब सैटेलाइट से चलेगा इंटरनेट, देश के कोने-कोने से समुद्र तक में मिलेगी स्पीड

अब सैटेलाइट से चलेगा इंटरनेट, देश के कोने-कोने से समुद्र तक में मिलेगी स्पीड

जहां केबल और मोबाइल टॉवर की सुविधा नहीं वहां भी होगी कनेक्टिविटी

नई दिल्ली । भारत में जल्द सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस का शुरु होने वाली है। इस साल जून की शुरूआत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू हो सकती है। दूरसंचार नियामक इस सर्विस के लिए बेस तैयार कर रहा है, जो दूरदराज और समंदर तक में इंटरनेट पहुंचाने में सक्षम है। एक रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) सैटेलाइट कम्युनिकेश के प्राइसिंग और उपयोग पर सिफारिशों के एक सेट को अंतिम रूप दे रहा है, जिसे पिछले दो सालों से तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जैसे ही इसकी रूपरेखा तैयार होगी उसके बाद स्पेक्ट्रम एलोकेट किया जाएगा। रिलायंस जियो इन्फोकॉम, भारती एयरटेल और स्टारलिंक द्वारा सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस की तैयारी कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक एक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज से जुड़ी सिफारिशें अंतिम रूप दिए जाने के करीब हैं। ब्रॉडबैंड की तुलना में यह सर्विस बहुत आगे है। खास बात है कि यह उन इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी देती है जहां केबल या मोबाइल टावर की सुविधा नहीं है। सैटेलाइट इंटरनेट में स्पेस में मौजूद सैटेलाइट्स का इस्तेमाल किया जाता है। दुनिया के कई देशों में सैटेलाइट इंटरनेट का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह ब्रॉडबैंड इंटरनेट की तुलना में ज्यादा महंगा है, क्योंकि सैटेलाइट इंटरनेट से जुड़ी लागत ज्यादा होती है।

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Date : 06 March 2025 Posted By : EDITOR
अब सैटेलाइट से चलेगा इंटरनेट, देश के कोने-कोने से समुद्र तक में मिलेगी स्पीड
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अब सैटेलाइट से चलेगा इंटरनेट, देश के कोने-कोने से समुद्र तक में मिलेगी स्पीड

जहां केबल और मोबाइल टॉवर की सुविधा नहीं वहां भी होगी कनेक्टिविटी

नई दिल्ली । भारत में जल्द सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस का शुरु होने वाली है। इस साल जून की शुरूआत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू हो सकती है। दूरसंचार नियामक इस सर्विस के लिए बेस तैयार कर रहा है, जो दूरदराज और समंदर तक में इंटरनेट पहुंचाने में सक्षम है। एक रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) सैटेलाइट कम्युनिकेश के प्राइसिंग और उपयोग पर सिफारिशों के एक सेट को अंतिम रूप दे रहा है, जिसे पिछले दो सालों से तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जैसे ही इसकी रूपरेखा तैयार होगी उसके बाद स्पेक्ट्रम एलोकेट किया जाएगा। रिलायंस जियो इन्फोकॉम, भारती एयरटेल और स्टारलिंक द्वारा सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस की तैयारी कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक एक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज से जुड़ी सिफारिशें अंतिम रूप दिए जाने के करीब हैं। ब्रॉडबैंड की तुलना में यह सर्विस बहुत आगे है। खास बात है कि यह उन इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी देती है जहां केबल या मोबाइल टावर की सुविधा नहीं है। सैटेलाइट इंटरनेट में स्पेस में मौजूद सैटेलाइट्स का इस्तेमाल किया जाता है। दुनिया के कई देशों में सैटेलाइट इंटरनेट का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह ब्रॉडबैंड इंटरनेट की तुलना में ज्यादा महंगा है, क्योंकि सैटेलाइट इंटरनेट से जुड़ी लागत ज्यादा होती है।

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