Living a life of luxury, suddenly the whole family committed suicide

ऐशो-आराम वाली जिंदगी, अचानक पूरे परिवार ने किया सुसाइड

ऐशो-आराम वाली जिंदगी, अचानक पूरे परिवार ने किया सुसाइड, सामने आई ये वजह

नई दिल्ली: चेन्नई में एक डॉक्टर ने गुरुवार सुबह अपनी पत्नी और दो किशोर बेटों के साथ अपने घर पर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि उन्हें 5 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ था। पीड़ितों की पहचान एक प्रसिद्ध सोनोलॉजिस्ट डॉ. बालामुरुगन, उनकी पत्नी सुमति, जो एक वकील थीं और उनके बेटों 17 वर्षीय दासवंत और 15 वर्षीय लिंगेश के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, डॉ. बालामुरुगन और सुमति के शव उनके अन्ना नगर पश्चिम स्थित आवास के एक कमरे में पाए गए, जबकि उनके बेटों के शव दूसरे कमरे में पाए गए। सभी के शव उनके घर में फंदे से लटके हुए मिले।
ड्राइवर के घर पहुंचने पर मामले का हुआ खुलासा
मामले का पता तब चला जब गुरुवार सुबह परिवार का ड्राइवर उनके घर पहुंचा। परिवार की ओर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर उसने पड़ोसियों को सूचित किया, जिन्होंने खिड़की से झांककर शव देखे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए किलपौक मेडिकल कॉलेज (केएमसी) अस्पताल भेज दिया।
पुलिस ने खुदकुशी की आशंका जताई
डॉ. बालामुरुगन चेन्नई में कई अल्ट्रासाउंड डायग्नोस्टिक सेंटर के मालिक थे। डॉक्टर को भारी वित्तीय नुकसान हुआ था, जिससे उन पर काफी कर्ज हो गया था। उनकी पत्नी सुमति शहर की अदालत में वकालत करती थीं। उनका बड़ा बेटा दासवंत अपनी बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहा था, जबकि उनका छोटा बेटा लिंगेश दसवीं कक्षा में था। दासवंत NEET मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी भी कर रहा था। एनडीटीवी ने एक पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया कि हमें संदेह है कि उन्होंने खुदकुशी की है। वे कर्ज में डूबे हुए थे। हम जांच कर रहे हैं। अभी तक किसी से कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। पुलिस डॉ. बालामुरुगन के व्यवसाय के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उनपर कोई बाहरी दबाव था?
डॉक्टर के ड्राइवर ने बताया कि दंपति बेहद खुश थे और ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहे थे। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, सुसाइड की वजह कर्ज का बोझ माना जा रहा है। बता दें कि, आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। चाहे जो भी परिस्थिति हो, इंसान को हमेशा उसका सामना मजबूती के साथ करना चाहिए। अगर परिस्थितियों से निपटने में कोई भी परेशानी हो रही है तो अपने नजदीकी मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञ के पास जाएं।

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