When Priyanka Chaturvedi said in her farewell speech Don

विदाई भाषण में प्रियंका चतुर्वेदी ने जब कहा, मुझे कंट्रोल मत करो………….सदन में खूब ठहाके लगे

विदाई भाषण में प्रियंका चतुर्वेदी ने जब कहा, मुझे कंट्रोल मत करो………….सदन में खूब ठहाके लगे

नई दिल्ली । संसद के उच्च सदन राज्यसभा में 18 मार्च को 59 सेवानिवृत्त सांसदों को विदाई दी गई, जिसमें शिवसेना (यूबीटी) की प्रियंका चतुर्वेदी भी शामिल थीं। विदाई सत्र में प्रियंका ने अपने छह साल के कार्यकाल को गर्वपूर्ण बताकर कहा कि उनका संसदीय सफर समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि यह सिर्फ एक विराम है। उन्होंने सपा सांसद जया बच्चन के जुलाई 2025 के बयान का जिक्र करते हुए कहा, मेरी दोस्त जया जी, मैं आपको कंट्रोल करने की हिम्मत नहीं कर सकती। यह टिप्पणी तब की याद दिलाती है जब ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के दौरान जया बच्चन ने प्रियंका के टोकने पर कहा था, प्रियंका, मुझे कंट्रोल मत करो। इस पर सदन में खूब ठहाके लगे।
शिवसेना यूबीटी सांसद प्रियंका ने अपने विदाई भाषण में राज्यसभा को ओपन यूनिवर्सिटी बताया, जहां सहयोगियों और वरिष्ठ नेताओं से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि वे फिर लौटेंगी और अपने संसदीय अनुभव को आगे साझा करेंगी। उनके विदाई भाषण में सदन ने गर्मजोशी से उनका स्वागत और सम्मान किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर संबोधन देकर कहा कि राजनीति में कोई पूर्ण विराम नहीं होता। उन्होंने निवर्तमान सांसदों के योगदान की सराहना कर कहा कि कुछ सांसद अपने अनुभव का लाभ लेकर सामाजिक जीवन में योगदान देने वाले हैं, जबकि कुछ वापस राजनीति में लौट सकते हैं। पीएम मोदी ने विदाई कार्यक्रम को भावनात्मक क्षण करार देकर विदाई लेने वाले सभी सहयोगियों का सम्मान किया।
विदाई में शामिल अन्य सांसदों में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के संदोष कुमार पी, आईयूएमएल के अब्दुल वहाब, द्रमुक की कनिमोझी एनवीएन सोमू, बीजू जनता दल के मुजीबुल्ला खान, माकपा के वी शिवदासन, समाजवादी पार्टी के जावेद अली खान, वाईएसआर कांग्रेस के अयोध्या रामी रेड्डी आला, टीएमसी (एम) के जी के वासन, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की फौजिया खान, कांग्रेस के शक्तिसिंह गोहिल, भाजपा के भगवत कराड़ और आम आदमी पार्टी के अशोक कुमार मित्तल शामिल थे। इन सभी ने राज्यसभा में अपने अनुभव साझा किए और सहयोगियों के साथ अपने संसदीय जीवन के पल याद किए। कार्यक्रम में हंसी, भावुकता और सहयोग की भावना का मिश्रण था, जो राज्यसभा की पारंपरिक गरिमा और लोकतांत्रिक संवाद को दर्शाता है। प्रियंका का हल्का-फुल्का तंज और जया बच्चन की प्रतिक्रिया सदन के औपचारिक माहौल में एक यादगार क्षण बन गया।

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Date : 20 March 2026 Posted By : EDITOR
विदाई भाषण में प्रियंका चतुर्वेदी ने जब कहा, मुझे कंट्रोल मत करो………….सदन में खूब ठहाके लगे
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विदाई भाषण में प्रियंका चतुर्वेदी ने जब कहा, मुझे कंट्रोल मत करो.............सदन में खूब ठहाके लगे

नई दिल्ली । संसद के उच्च सदन राज्यसभा में 18 मार्च को 59 सेवानिवृत्त सांसदों को विदाई दी गई, जिसमें शिवसेना (यूबीटी) की प्रियंका चतुर्वेदी भी शामिल थीं। विदाई सत्र में प्रियंका ने अपने छह साल के कार्यकाल को गर्वपूर्ण बताकर कहा कि उनका संसदीय सफर समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि यह सिर्फ एक विराम है। उन्होंने सपा सांसद जया बच्चन के जुलाई 2025 के बयान का जिक्र करते हुए कहा, मेरी दोस्त जया जी, मैं आपको कंट्रोल करने की हिम्मत नहीं कर सकती। यह टिप्पणी तब की याद दिलाती है जब ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के दौरान जया बच्चन ने प्रियंका के टोकने पर कहा था, प्रियंका, मुझे कंट्रोल मत करो। इस पर सदन में खूब ठहाके लगे।
शिवसेना यूबीटी सांसद प्रियंका ने अपने विदाई भाषण में राज्यसभा को ओपन यूनिवर्सिटी बताया, जहां सहयोगियों और वरिष्ठ नेताओं से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि वे फिर लौटेंगी और अपने संसदीय अनुभव को आगे साझा करेंगी। उनके विदाई भाषण में सदन ने गर्मजोशी से उनका स्वागत और सम्मान किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर संबोधन देकर कहा कि राजनीति में कोई पूर्ण विराम नहीं होता। उन्होंने निवर्तमान सांसदों के योगदान की सराहना कर कहा कि कुछ सांसद अपने अनुभव का लाभ लेकर सामाजिक जीवन में योगदान देने वाले हैं, जबकि कुछ वापस राजनीति में लौट सकते हैं। पीएम मोदी ने विदाई कार्यक्रम को भावनात्मक क्षण करार देकर विदाई लेने वाले सभी सहयोगियों का सम्मान किया।
विदाई में शामिल अन्य सांसदों में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के संदोष कुमार पी, आईयूएमएल के अब्दुल वहाब, द्रमुक की कनिमोझी एनवीएन सोमू, बीजू जनता दल के मुजीबुल्ला खान, माकपा के वी शिवदासन, समाजवादी पार्टी के जावेद अली खान, वाईएसआर कांग्रेस के अयोध्या रामी रेड्डी आला, टीएमसी (एम) के जी के वासन, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की फौजिया खान, कांग्रेस के शक्तिसिंह गोहिल, भाजपा के भगवत कराड़ और आम आदमी पार्टी के अशोक कुमार मित्तल शामिल थे। इन सभी ने राज्यसभा में अपने अनुभव साझा किए और सहयोगियों के साथ अपने संसदीय जीवन के पल याद किए। कार्यक्रम में हंसी, भावुकता और सहयोग की भावना का मिश्रण था, जो राज्यसभा की पारंपरिक गरिमा और लोकतांत्रिक संवाद को दर्शाता है। प्रियंका का हल्का-फुल्का तंज और जया बच्चन की प्रतिक्रिया सदन के औपचारिक माहौल में एक यादगार क्षण बन गया।

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