संघ पर कांग्रेस का हमला, महात्मा गांधी की हत्या के बाद से ही आरोप लगाने की परंपरा
संघ पर कांग्रेस का हमला, महात्मा गांधी की हत्या के बाद से ही आरोप लगाने की परंपरा
वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रियांक खरगे को दिखाया आइना
नई दिल्ली । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को लेकर कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे द्वारा लिखे गए खुले पत्र पर विश्व हिंदू परिषद (बीएचपी) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि संघ पर आरोप लगाने से पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि ऐसा कौन-सा कानून है जो सभी सामाजिक और वैचारिक संगठनों के लिए अनिवार्य पंजीकरण की व्यवस्था देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना ठोस तथ्यों के संघ को निशाना बनाकर उसकी छवि धूमिल करने का प्रयास हो रहा है।
वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष कुमार ने संघ की आय और कर व्यवस्था को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आरएसएस की प्रमुख आय ‘गुरु दक्षिणा’ से प्राप्त होती है और संगठन अपने कार्यों के लिए बाहरी स्रोतों से धन स्वीकार नहीं करता। उनके अनुसार अतीत में आयकर विभाग ने संघ की आय पर कर लगाने का प्रयास किया था, लेकिन न्यायालयों ने साफ किया कि गुरु दक्षिणा से प्राप्त राशि आयकर के दायरे में नहीं आती। उन्होंने कहा कि विषय पर न्यायपालिका पहले ही अपना रुख स्पष्ट साफ कर चुकी। वीएचपी अध्यक्ष कुमार ने कांग्रेस पर हमला कर कहा कि महात्मा गांधी की हत्या के बाद से ही संघ के खिलाफ आरोप लगाने की परंपरा जारी है। उनका कहना था कि कांग्रेस वर्षों से संघ को बदनाम करने की राजनीति करती रही है और कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे की टिप्पणी भी उसी रणनीति का हिस्सा प्रतीत होती है। उन्होंने इस बयान को राजनीतिक लाभ के लिए किया गया प्रयास बताया।
कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बीके हरिप्रसाद की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देकर कुमार ने कहा कि आरएसएस हमेशा तिरंगे का सम्मान करता है और उस देश के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में स्वीकार करता है। उन्होंने खारिज किया कि संघ के पास स्वयंसेवकों का कोई रिकॉर्ड नहीं है। उनके अनुसार आरएसएस में नियमित अंतराल पर चुनाव होते हैं और इसके लिए सदस्यों तथा स्वयंसेवकों का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखा जाता है। उन्होंने कहा कि संघ एक अनुशासित और संगठित संस्था है तथा उसके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन और राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित हैं।
