Madhya Pradesh – Indore: 10-25 हजार के सरकारी कर्ज से गुंजन बनी आत्मनिर्भर
10-25 हजार के सरकारी कर्ज से गुंजन बनी आत्मनिर्भर, सरकारी सहयोग ने दिलाई नई पहचान
इंदौर : आज के दौर में भी मात्र दस हजार से अपना अपने काम को व्यवसाय का रूप दे सकते है। गुंजन ने 10 हजार से 25 हजार रुपये का सरकारी कर्ज लेकर अपनी मेहनत और प्रबंधन के बूते सारा कर्ज चुकाकर खुद को आत्मनिर्भर बनाकर नया मुकाम हासिल किया है। शासन की कल्याण कारी योजनाओ ने गूँजन गहलोत की जिंदगी को बदल कर समाज मे न सिर्फ नया मुकाम दिया बल्कि एक बेहतर जिंदगी दी है। शासन की कल्याणकारी योजनाओं ने न सिर्फ गरीब और जरूरतमंद परिवारों को संबल दिया है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्म-निर्भर बनकर समाज में एक नया मुकाम भी दिया है। बड़वानी जिले की रहने वाली गुंजन गेहलोत की है, जो आज शासन की कई छोटी- छोटी योजनाओं का लाभ इज्जत की जिंदगी जी रही।
10,000 रुपये के सरकारी कर्ज से फूल माला,व्यवसाय की शुरुआत की
गुंजन गेहलोत की आर्थिक स्थिति पहले ठीक नहीं थी, लेकिन उनके भीतर कुछ करने का जज्बा था। इसमे उन्हें साथ पीएम स्वनिधि योजना का मिला। उन्होंने इस योजना के तहत बिना किसी गारंटी के ₹10,000 का पहला लोन(सरकारी कर्ज) प्राप्त किया। इस राशि से उन्होंने फूल-माला का व्यवसाय शुरू किया। गुंजन की कड़ी मेहनत और लगन से उनका यह व्यवसाय चल पड़ा।
ईमानदारी से लोन चुकाया तो 25,000 ₹ का दूसरा लोन मिला
पहले लोन की किश्तें समय पर चुकाने के बाद, योजना के नियमानुसार वे अगले चरण के लिए पात्र हो गईं। व्यवसाय को और विस्तार देने के लिए उन्होंने ₹25,000 का दूसरा लोन लिया। आज वे अपने व्यवसाय को अच्छी तरह से संचालित कर रही हैं और इससे उन्हें हर महीने अच्छा मुनाफा हो रहा है। इस लोन ने उनके व्यवसाय की गाड़ी को रफ्तार दे दी है। गुंजन गेहलोत केवल एक योजना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्हें शासन की अन्य महत्वपूर्ण हितग्राही योजनाओं जैसे लाडली बहना योजना, संबल योजना और विधवा पेंशन योजना का भी निरंतर लाभ मिल रहा है। इन बहुआयामी योजनाओं के समन्वय और लाभ ने पति के साये के बिना जीवन यापन कर रहीं गुंजन जी को बड़ा सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा कवच दिया है, जिससे वे आज बिना किसी पर निर्भर रहे स्वाभिमान, गरिमा और आर्थिक आजादी के साथ अपना जीवन संवारकर जिले की अन्य महिलाओं के लिए स्वावलंबन की एक सच्ची प्रेरणा बन चुकी हैं।
