इंदौर में होगा दिव्यता और भव्यता का अद्भुत संगम — 20 और 21 जून को
इंदौर में होगा दिव्यता और भव्यता का अद्भुत संगम — 20 और 21 जून को
लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में मंचित होगा “मेरे कृष्ण”
Indore: भारतीय रंगमंच की चर्चित और भव्य नाट्य प्रस्तुति “मेरे कृष्ण” आगामी 20 और 21 जून 2026 को प्रतिष्ठित लता मंगेशकर ऑडिटोरियम, इंदौर में चार विशेष प्रदर्शनों के साथ मंचित की जाएगी। देशभर में लाखों दर्शकों का प्रेम प्राप्त कर चुकी यह प्रस्तुति भक्ति, भावनाओं, संगीत और आधुनिक रंगमंचीय तकनीक का अनुपम संगम है।
टिकट्स District by Zomato पर बुक कर सकते हैं निर्देशक राजीव सिंह दिनकर के प्रभावशाली निर्देशन तथा विवेक गुप्ता, राजीव सिंह दिनकर एवं विष्णु पाटिल के निर्माण में तैयार यह भव्य नाट्य प्रस्तुति भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विविध आयामों को अत्यंत प्रभावशाली और भावनात्मक रूप से मंच पर साकार करती है।
लगभग 20 भव्य दृश्यों में विभाजित यह प्रस्तुति दर्शकों को श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से लेकर महाभारत के महान नायक, मार्गदर्शक और विश्वगुरु के रूप में उनकी दिव्य यात्रा का साक्षी बनाती है। उत्कृष्ट अभिनय, भव्य मंच सज्जा, विशेष प्रकाश व्यवस्था, मनमोहक संगीत और प्रभावशाली दृश्य संयोजन के माध्यम से “मेरे कृष्ण” एक अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है।

इस भव्य प्रस्तुति में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका में लोकप्रिय अभिनेता सौरभ राज जैन दर्शकों को पुनः अपने प्रिय कृष्ण स्वरूप के दर्शन कराएंगे। वहीं पूजा शर्मा महामाया एवं श्रीराधा के रूप में अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति से मंच को जीवंत करेंगी। अर्पित रांका कंस और दुर्योधन की सशक्त दोहरी भूमिका में अपने प्रभावशाली अभिनय का परिचय देंगे।
130 से अधिक कलाकारों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम के साथ प्रस्तुत किया जा रहा “मेरे कृष्ण” भारतीय रंगमंच की सबसे बड़े और महत्वाकांक्षी नाट्य प्रस्तुतियों में गिना जाता है। इसकी भव्यता, तकनीकी उत्कृष्टता और भावनात्मक गहराई इसे सामान्य नाटकों से अलग एक विशिष्ट पहचान प्रदान करती है।
नाटक की प्रभावशाली पटकथा डॉ. नरेश कात्यायन द्वारा लिखी गई है, जबकि संगीत निर्देशन उद्भव ओझा ने किया है। प्रस्तुति के गीतों को स्वर दिया है प्रसिद्ध गायक शान, पलक मुच्छल और जावेद अली ने। गीतों के बोल डॉ. नरेश कात्यायन, अमित मारू और फणीन्द्र राव द्वारा लिखे गए हैं, जो प्रस्तुति की भावनात्मक गहराई को और अधिक सशक्त बनाते हैं।
“मेरे कृष्ण” केवल एक रंगमंचीय प्रस्तुति नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और कला का एक विराट उत्सव है। यह नाटक दर्शकों को मनोरंजन के साथ-साथ आध्यात्मिक अनुभूति और जीवन मूल्यों का संदेश भी प्रदान करता है। इंदौर के दर्शकों के लिए यह एक दुर्लभ अवसर है, जब वे भारतीय रंगमंच की इस बहुचर्चित और भव्य प्रस्तुति का साक्षात अनुभव कर सकेंगे।
“मेरे कृष्ण” — एक ऐसा अनुभव, जो केवल देखा नहीं जाता, बल्कि हृदय में सदैव के लिए बस जाता है।

