The Santa Cruz-based The Yoga Institute International Yoga Day

सांताक्रूज स्थित ‘द योगा इंस्टीट्यूट’ ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का जश्न देशभर में मनाया

सांताक्रूज स्थित ‘द योगा इंस्टीट्यूट’ ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का जश्न देशभर में मनाया

मुंबई। दुनिया का सबसे पुराना संगठित योग केंद्र और पिछले 107 वर्षों से समग्र स्वास्थ्य शिक्षा की अगुवाई करने वाले मुंबई के सांताक्रूज स्थित द योगा इंस्टीट्यूट (टीवाईआई) ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) को बड़े पैमाने और पूरे जोशो-खरोश के साथ मनाया। इस वर्ष की थीम ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ के अनुरूप, इस इंस्टीट्यूट ने सरकारी संस्थानों, रक्षा प्रतिष्ठानों, कॉरपोरेट दफ्तरों, शैक्षणिक परिसरों, हवाई अड्डों और वैश्विक डिजिटल मंचों के जरिए सैकड़ों कार्यक्रमों आयोजित कर लाखों लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की। मुंबई से चेन्नई, जयपुर से भुवनेश्वर तक आयोजित इन कार्यक्रमों ने हर उम्र और हर पेशे के लोगों के बीच स्वस्थ वृद्धावस्था का पैगाम पहुंचाया। साथ ही, स्वास्थ्य की देखभाल, मानसिक मजबूती और जागरूक जीवनशैली में योग की अहम भूमिका को भी उजागर किया।
इस मौके पर डॉ. हंसाजी योगेंद्र ने कहा, “बुढ़ापा जीवन की एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन शारीरिक और मानसिक गिरावट लाज़िमी नहीं है। योग के माध्यम से हम शरीर की ताकत, मन की स्पष्टता, भावनाओं का संतुलन और दिल की खुशी को बरकरार रख सकते हैं। स्वस्थ वृद्धावस्था का मतलब सिर्फ जीवन के वर्षों में इज़ाफ़ा करना नहीं, बल्कि हर साल में ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और मकसद को शामिल करना है।”
10 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच बनाने, एक लाख से अधिक प्रमाणित योग शिक्षकों को प्रशिक्षित करने तथा योग के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार प्राप्त करने वाला द योगा इंस्टीट्यूट आज भी दुनिया भर में प्रामाणिक योग शिक्षा को बढ़ावा देते हुए लोगों को अधिक स्वस्थ और सार्थक जीवन जीने के लिए प्रेरित कर रहा है।
समारोह की प्रमुख झलकियां
· तीन दिवसीय ऑनलाइन योग महोत्सव (19–21 जून): इस वैश्विक कार्यक्रम में देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। महोत्सव में इस्कॉन संत गौरांग दास जी, पोषण विशेषज्ञ रयान फर्नांडो, समग्र स्वास्थ्य विशेषज्ञ मिकी मेहता तथा द योगा इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ प्रशिक्षकों ने सत्रों का संचालन किया। प्रतिभागियों को ध्यान, पोषण, तनाव प्रबंधन और साउंड हीलिंग के माध्यम से स्वस्थ वृद्धावस्था के व्यावहारिक उपाय बताए गए।
· बांद्रा रिक्लेमेशन मेगा योग सत्र: द योगा इंस्टीट्यूट की निदेशक डॉ. हंसाजी योगेन्द्र के मार्गदर्शन में आयोजित इस भव्य सामुदायिक योग सत्र में हजारों लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष शेलार तथा वेलनेस समर्थक और प्रसिद्ध कोरियोग्राफर टेरेंस लुईस भी उपस्थित रहे।
· योगा बाय द बे (मरीन ड्राइव): द टाइम्स ऑफ इंडिया, शाइना एनसी और मिकी मेहता के सहयोग से आयोजित इस सूर्योदय योग सत्र में हजारों लोगों ने भागीदारी की। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, जितिन प्रसाद और जयंत चौधरी सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे, जिसने सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति देश की बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाया।
संस्थागत, शैक्षणिक और कॉर्पोरेट पहुंच
द योगा इंस्टीट्यूट ने विभिन्न क्षेत्रों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित कर अपने अभियान का दायरा और बढ़ाया।
· सार्वजनिक एवं रक्षा क्षेत्र: महाराष्ट्र मंत्रालय, केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद (सीसीआरवाईएन), मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (टी1 एवं टी2), सीआईएसएफ, भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना में विशेष योग सत्र आयोजित किए गए। इनका उद्देश्य मानसिक स्पष्टता, तनाव प्रबंधन और शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना था।
· शैक्षणिक संस्थान: बीएमसी स्कूलों सहित अनेक विद्यालयों और कॉलेजों—जिनमें मीठीबाई कॉलेज, एनएमआईएमएस, चेतना कॉलेज और ठाकुर कॉलेज प्रमुख हैं—में कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को आत्मविकास और स्वस्थ जीवनशैली के लिए योग के महत्व से परिचित कराया गया।
· कॉर्पोरेट वेलनेस कार्यक्रम: ओएनजीसी, एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, मझगांव डॉक और टाटा केयर सहित कई संस्थानों के लिए विशेष योग एवं वेलनेस कार्यक्रम आयोजित किए गए। वहीं मैक्लियोड्स फार्मास्यूटिकल्स के साथ साझेदारी के तहत देश के अनेक शहरों में बड़े पैमाने पर योग कार्यक्रम संचालित किए गए।
· सामुदायिक स्तर पर भी जनरल पोस्ट ऑफिस (जीपीओ), माहिम, मुंबई सेंट्रल और विले पार्ले सहित विभिन्न डाकघरों में योग सत्र आयोजित किए गए। इसके अलावा बोरीवली, अंधेरी और चेंबूर में चंडोक समूह के सहयोग से भी कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों तक योग का संदेश पहुंचा।
पिछले 107 वर्षों से द योगा इंस्टीट्यूट प्रामाणिक योग शिक्षा और सामुदायिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी बना हुआ है। संस्थान 10 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित कर चुका है, एक लाख से अधिक प्रमाणित योग शिक्षकों को प्रशिक्षित कर चुका है, एक हजार से अधिक पुस्तकों का प्रकाशन कर चुका है तथा दुनिया भर में एक करोड़ से अधिक लोगों का डिजिटल समुदाय विकसित कर चुका है। योग के क्षेत्र में इसके असाधारण योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है। संस्थान को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रदान किया जाने वाला प्रतिष्ठित “योग में उत्कृष्ट योगदान हेतु प्रधानमंत्री पुरस्कार” प्राप्त हो चुका है। द योगा इंस्टीट्यूट आज भी योग को हर व्यक्ति तक पहुंचाने और लोगों को अधिक स्वस्थ, खुशहाल एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने के लिए प्रेरित करने के अपने मिशन पर निरंतर कार्य कर रहा है।

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