कतर में दर्दनाक हादसा: विदेश मंत्री ने जताया गहरा दुख
कतर में दर्दनाक हादसा: विदेश मंत्री ने जताया गहरा दुख
– कतर के अधिकारियों के संपर्क में है दिल्ली सरकार
नई दिल्ली । कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए एक दुखद हादसे में कम से कम 12 भारतीय नागरिकों की जान चली गई, जिससे भारत में शोक की लहर दौड़ गई है। दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की पुष्टि की है और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इस हृदय विदारक घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। यह घटना दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्रों में से एक में हुई, जिसने वैश्विक स्तर पर भी चिंता पैदा की है।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में कहा कि कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए धमाके में कई भारतीय नागरिकों की मौत और घायल होने की खबर सुनकर उन्हें गहरा सदमा लगा है। उन्होंने पुष्टि की कि भारतीय दूतावास कतर के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और हादसे से प्रभावित भारतीय नागरिकों के परिवारों को सहायता प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। मंत्री ने अपनी प्रार्थनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ होने की बात कही, जिससे संकट की इस घड़ी में सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता जाहिर होती है।
दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने भी एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से इस खबर की पुष्टि की। दूतावास ने बताया कि रविवार रात हुए रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी हादसे में 12 भारतीय नागरिकों की दुर्भाग्यपूर्ण मौत हो गई है। दूतावास ने इस दुख की घड़ी में मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। यह बयान भारत सरकार की ओर से अपने नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण के प्रति गंभीर चिंता को दर्शाता है, विशेषकर विदेशों में रहने वाले लोगों के लिए। अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी है कि हादसे में घायल हुए सभी भारतीय नागरिक फिलहाल स्थिर हालत में हैं और उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। दूतावास कतर के संबंधित अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में है ताकि सभी प्रभावितों और उनके परिवारों को हर तरह की सहायता सुनिश्चित की जा सके। इस सहायता में मृतकों के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत भेजने की व्यवस्था करना भी शामिल है, जो कि ऐसे दुखद समय में परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।
