India's youngest producer, Kartik Paliwal the chief Aditya Temple

बॉलीवुड से देवभूमि तक: भारत के सबसे युवा प्रोड्यूसर कार्तिक पालीवाल बने ऐतिहासिक आदित्य मंदिर के मुख्य पुजारी

बॉलीवुड से देवभूमि तक: भारत के सबसे युवा प्रोड्यूसर कार्तिक पालीवाल बने ऐतिहासिक आदित्य मंदिर के मुख्य पुजारी

​मशहूर फिल्म निर्माता और कास्टिंग डायरेक्टर ने अल्मोड़ा के प्राचीन सूर्य मंदिर में संभाली आध्यात्मिक जिम्मेदारी

मनोरंजन जगत की जानी-मानी हस्ती, ‘यंगेस्ट प्रोड्यूसर ऑफ इंडिया’ कार्तिक पालीवाल ने ग्लैमर की दुनिया छोड़ अल्मोड़ा के ऐतिहासिक आदित्य मंदिर के मुख्य पुजारी का पद संभालकर एक नई आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत की है।

Mumbai: मनोरंजन जगत और आध्यात्मिक गलियारों को हैरान कर देने वाली एक बेहद अनोखी खबर सामने आ रही है। भारतीय सिनेमा के सबसे युवा फिल्म प्रोड्यूसर और मशहूर कास्टिंग डायरेक्टर कार्तिक पालीवाल ने चकाचौंध भरी दुनिया को छोड़ पूरी तरह से खुद को ईश्वरीय सेवा में समर्पित कर दिया है। कार्तिक ने उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले की भनोली तहसील के अंतर्गत आने वाले पाली गुणादित्य के ऐतिहासिक आदित्य मंदिर के मुख्य पुजारी (पुजारी) के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। ग्लैमर से देवभूमि के इस सफर ने सोशल मीडिया और नेशनल मीडिया पर एक बड़ा बज क्रिएट कर दिया है।
​14 अप्रैल 1997 को नई दिल्ली में जन्मे कार्तिक पालीवाल ने बहुत ही कम उम्र में भारतीय मनोरंजन उद्योग में अपनी एक बहुत मजबूत पहचान बनाई थी। पालीवाल एंटरटेनमेंट के संस्थापक के रूप में उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को कई बेहतरीन चेहरे दिए और अपनी एक अलग साख स्थापित की। उनके इसी शानदार काम और मेहनत की बदौलत उन्हें प्रतिष्ठित स्टार एमिनेंस अवार्ड्स में “यंगेस्ट प्रोड्यूसर ऑफ इंडिया” और प्राइड ऑफ नेशन महाराष्ट्र अवार्ड्स में “इमर्जिंग प्रोड्यूसर ऑफ इंडिया” महाराष्ट्र रत्न अवॉर्ड जैसे बड़े सम्मानों से नवाजा जा चुका है।
​कार्तिक का फिल्मी सफर कई बड़े कलाकारों और बड़े प्रोजेक्ट्स से जुड़ा रहा है। उन्होंने टी-सीरीज (T-Series) के बैनर तले सुपरहिट रोमांटिक म्यूजिक वीडियो ‘मुसाफिर’ का निर्माण कर संगीत की दुनिया में खूब सुर्खियां बटोरी थीं। इतना ही नहीं, उन्होंने बॉलीवुड की सीमाओं को लांघकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी धाक जमाई। उन्होंने अपनी पहली हॉलीवुड फिल्म ‘ड्रीम कैचर’ का निर्माण किया, जिसमें भारतीय सिनेमा के लीजेंडरी सुपरस्टार धर्मेंद्र जी और इंटरनेशनल स्टार ट्रैविस जेफ्री मुख्य भूमिका में नजर आए थे।
​इतने शानदार और चमक-धमक वाले करियर के शीर्ष पर होने के बावजूद, देवभूमि और सनातन संस्कृति की पुकार ने कार्तिक के जीवन की दिशा को पूरी तरह बदल दिया। एक सफल फिल्म निर्माता का फिल्म सेट के मैनेजमेंट को छोड़कर, एक प्राचीन सूर्य मंदिर की पवित्र रस्मों, सुबह-शाम की आरती और वैदिक परंपराओं को संभालना, अपने आप में गहरी आस्था और समर्पण की एक मिसाल है। पाली गुणादित्य का यह आदित्य मंदिर कुमाऊं क्षेत्र में सूर्य उपासना का एक बेहद प्राचीन और जागृत केंद्र माना जाता है, जिसका अपना एक महान ऐतिहासिक महत्व है। पूरे विश्व में तीन ही सूर्य मंदिर है जिसमें से एक मंदिर के मुख्य पुजारी कार्तिक पालीवाल बने है !
​बॉलीवुड के एक युवा और सफल चेहरे के इस तरह आध्यात्मिक राह चुनने की खबर से देश-विदेश के श्रद्धालुओं में भारी कौतूहल और सम्मान का भाव है। अल्मोड़ा के स्थानीय निवासियों और बुजुर्गों ने कार्तिक पालीवाल का मंदिर में खुले दिल से स्वागत किया है। लोगों का मानना है कि कार्तिक के आने से मंदिर की व्यवस्थाओं को एक नया विजन मिलेगा और इस प्राचीन पौराणिक धरोहर को देश-दुनिया में एक नई पहचान मिलेगी। आने वाले समय में यहां बड़े स्तर पर पारंपरिक धार्मिक उत्सवों और आध्यात्मिक आयोजनों की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं।

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