उज्जैन में हनुमान जी के लिए रो रहीं महिलाएं; मंदिर टूटा तो और बढ़ गई भक्तों की भीड़
उज्जैन में हनुमान जी के लिए रो रहीं महिलाएं; मंदिर टूटा तो और बढ़ गई भक्तों की भीड़
उज्जैन : मध्य प्रदेश के उज्जैन के कंठाल चौराहा, छत्रीचौक मार्ग के चौड़ीकरण के दायरे में आ रहे खड़े हनुमान अपनी जगह से टस से मस होने को तैयार नहीं हैं. गुरुवार रात 11 बजे से निगम अमले ने प्रतिमा की शिफ्टिंग शुरू की, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली थी. नुकसान से बचाने के लिए प्रतिमा को पॉलीथिन से पैक करने के बाद फिर से पैकिंग खोली गई. फिलहाल प्रतिमा अपनी जगह पर ही है. बस हनुमान जी केनोपी के नीचे विराजे हैं. दरअसल, करीब 150 साल से ज्यादा पुराने खड़े हनुमान मंदिर से पूरे शहर का आस्था भरा जुड़ाव है. ऐसा कोई भी सनातनी नहीं होगा, जो अपने जीवनकाल में बाबा के दर पर एक बार नहीं पहुंचा होगा. झाड़ा लगाने के लिए तो रोजाना ही सैकड़ों लोगों की कतार लगी रहती है. सिंधिया स्टेट के जमाने से स्थापित यह प्रतिमा दिव्य है. मंदिर का गुंबद और दीवारें टूट चुकी हैं. आसपास के स्थल को साफ कर दिया है. इस मंदिर के स्थान पर मूर्ति ही खड़ी है. शाम को रोज की तरह हनुमान जी का पूजन उसी स्थान पर हुआ. आरती के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित थे.
वहीं, मंदिर पर प्रशासन की कार्रवाई को लेकर महिलाओं में जबरदस्त गुस्सा देखने को मिल रहा है. महिलाएं रो रही हैं. एक महिला ने रोते हुए कहा कि हम अपने भगवान को कहीं नहीं जाने देंगे. उन्होंने कहा कि ये कहीं नहीं जाने चाहिए, ये गरीबों का सहारा है.
