दिग्विजय सिंह की ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ का ऐलान, राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर उज्जैन से अयोध्या तक पैदल मार्च
दिग्विजय सिंह की ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ का ऐलान, राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर उज्जैन से अयोध्या तक पैदल मार्च
Bhopal: राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने उज्जैन से अयोध्या की यात्रा का औपचारिक ऐलान कर दिया है. उन्होंने कहा है कि दशहरा के दिन 20 अक्टूबर से ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ शुरू करेंगे. लोगों से इस पद यात्रा से जुड़ने की अपील करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि शिव धाम से राम तक की यह यात्रा गैर राजनीतिक होगी.
दिग्विजय सिंह का आरोप है कि चंपत राय को बचाने में सरकार लगी हुई है. उन्होंने कहा कि दुख इस बात का होता है जब जो ट्रस्ट जिसका गठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने किया है, उसमें वो लोग भी शामिल हो गए लूट में? अब चंपत राय जी को बचाने के लिए पूरी सरकार लगी हुई है. जिन्होंने खुद ने लूट में हिस्सा लिया.
उन्होंने कहा, “हमारे आस्था के बिंदु को, हमारे चड़ोत्री को आपने लूट लिया? गाड़ियां खरीद लीं, मकान बना रहे हैं, सैकड़ों करोड़ों का आपने घपला किया. इसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे. इन सब बातों को लेकर ही मैंने तय किया है कि दशहरा 20 अक्टूबर 2026 को, जिस प्रकार से हम दशहरा हर साल मनाते हैं, अधर्म पर धर्म की विजय, उसी बात को लेकर मैंने सनातन स्वाभिमान यात्रा करने का तय किया है. शिवधाम से रामधाम तक लेकर. यह पूरी तरीके से गैर-राजनीतिक है. इसमें किसी के विरोध में नहीं है. लेकिन उन लोगों के सामने मैं उनका आईना रखना चाहता हूं जो हमारे चड़ोत्री के दिए गए राशि का भी दुरुपयोग करते हैं, जिन्होंने लूटा है, चुराया है, यह हम बर्दाश्त नहीं करेंगे.”
राम शिला पूजन अभियान में लिया था भाग
यात्रा का एलान करते हुए दिग्विजय सिंह ने यह भी बताया कि उन्होंने विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस का विरोधी होने के बावजूद 88-89 में राम शिला पूजन अभियान में भाग लिया था.79 साल के दिग्विजय सिंह की करीब दो महीने चलने वाली इस यात्रा से यूपी के साथ मध्य प्रदेश की राजनीति भी गर्म रहेगी. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इससे पहले 2017–18 में नर्मदा नदी की पैदल परिक्रमा कर चुके हैं. इस यात्रा में उन्हें छह महीने से अधिक समय लगा था. चार साल पहले राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में दिग्विजय सिंह शामिल थे. कन्याकुमारी से कश्मीर की इस पदयात्रा की योजना में दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय भूमिका निभाई थी.
