पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन ने बेटियों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढाओ’ विषय पर आयोजित किया जागरूकता अभियान
8 रेलवे कर्मचारियों को जो सिंगल गर्ल चाइल्ड के माता-पिता हैं, किया गया सम्मानित
मुंबई – पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन (WRWWO) महिलाओं को प्रोत्साहित करने और रेलकर्मियों एवं उनके परिवारों को सहायता प्रदान करने के लिए निरंतर आगे बढ़ रहा है। अपनी बहुआयामी कल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन निरंतर एवं अथक रूप से कार्य करने के लिए प्रयासरत है और रेलवे परिवारों को लाभ पहुंचाने के लिए समर्पित है। इसी क्रम में पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती तनुजा कंसल के मार्गदर्शन में हाल ही में भारत सरकार के अभियान से, जिसका उद्देश्य इस संबंध में जागरूकता पैदा करना और भारत में लड़कियों के लिए कल्याणकारी सेवाओं की दक्षता में सुधार करना है, प्रेरणा लेते हुए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के नेक कार्य के लिए एक जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उन 8 कर्मचारियों को सम्मानित किया गया, जो 10 वर्ष से अधिक आयु की एक मात्र बेटी के माता-पिता हैं।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री सुमित ठाकुर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जागरूकता अभियान के तहत और सराहना के तौर पर पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती तनुजा कंसल द्वारा ग्रुप डी के 8 रेल कर्मचारियों को सम्मानित किया गया, जो 10 वर्ष से अधिक आयु की एक मात्र पुत्री अर्थात सिंगल गर्ल चाइल्ड के अभिभावक हैं। इसके साथ ही रेल कर्मचारियों और उनके परिवारों के सदस्यों के लिए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ विषय पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। प्रतियोगिता में 71 कलात्मक प्रविष्टियां प्राप्त हुईं और दो श्रेणियों में विजेताओं का चयन किया गया और उन्हें नकद पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में श्रीमती तनुजा कंसल ने लड़कियों के लिए समाज में बेहतर शिक्षा सुविधाओं और बालिकाओं की सुरक्षा पर जोर देते हुए अत्यंत प्रेरणादायक भाषण दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के पुरुष प्रधान समाज में महिलाएं अपने लिए समाज में अपना अलग स्थान बना रही हैं। श्रीमती कंसल ने कहा कि हमें अपनी बालिकाओं को उनके लक्ष्यों और महत्वाकांक्षाओं को हासिल करने एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने अपने प्रेरक एवं सारगर्भित भाषण का समापन काव्यात्मक रूप से करते हुए कहा कि – “बेटी के जीवन का तुम करो सम्मान, ईश्वर का है ये वरदान, बेटी का जीवन भी हो बेटे समान।”
श्री ठाकुर ने बताया कि सम्मान समारोह में, “हमारी बेटी, हमारी शान” नाटक के साथ-साथ “मेरे घर आई एक नन्ही परी”, “कोमल है कमज़ोर नहीं” और “बेखौफ़” जैसे गीतों की संगीतमय प्रस्तुति की गई। श्रीमती कंसल ने इस अवसर पर पुरस्कार विजेताओं और उपस्थित कर्मचारियों से परस्पर संवाद भी किया। उल्लेखनीय है कि पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन ने ऐसे कई सराहनीय कल्याणकारी कार्य किए हैं और पश्चिम रेलवे के कर्मचारियों की विविध और अनेक कल्याण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा किया है।
