आईएसएच के कॉनकोक्टिंग कॉन्क्लेव में शामिल हुए कई जाने-माने एक्सपर्ट - Update Now News

आईएसएच के कॉनकोक्टिंग कॉन्क्लेव में शामिल हुए कई जाने-माने एक्सपर्ट

 

आईएसएच के कॉनकोक्टिंग कॉन्क्लेव में शामिल हुए कई जाने-माने एक्सपर्ट, स्पेशियलिटी बेवरेज़ के सुनहरे भविष्य और करियर के नए अवसरों पर चर्चा की

UNN: स्पेशियलिटी बेवरेज उद्योग बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। इसे गंभीरता से समझने के लिए इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटलिटी (आईएसएच), सोमेट एजुकेशन का हिस्सा, ने एक कॉनकोक्टिंग कॉन्क्लेव का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह आयोजन हास्पिटलिटी व क्युलिनरी प्रोफेशनल्स, छात्रों और इस उद्योग के विशेषज्ञों के लिए एक ऐसा मंच था जहां उन्होंने तेजी से बदलते स्पेशियलिटी बेवरेज सेगमेंट और इस क्षेत्र में कैरियर के सुनहरे अवसरों के बारे में चर्चा की। इस अवसर पर स्पेशियलिटी बेवरेज की दुनिया में बड़े बदलावों पर एक पैनल चर्चा हुई, जिसकी सूत्रधार कृति ख्अंतिम नाम,, ख्कृति का पदनाम, थीं।

पैनल में कई जाने-माने जानकार थे जैसे कि:

’ प्रार्थोना पाल चैधरी, जोनल एक्सटर्नल अफेयर्स मैनेजर, पेरनोड रिकार्ड
’ अंगद सोनी, संस्थापक, सिपाय एंड कंपनी
’ पुष्पेश पंत, भारतीय शिक्षाविद, फूड क्रिटिक और इतिहासकार
’ श्वेता पुंडीर, निदेशिका, द गिग पूल
’ प्रदीप गिडवानी, स्वतंत्र सलाहकार और इंडस्ट्री थॉट लीडर
’ राजा मुखर्जी, निदेशक, सिम्बा मैनेजमेंट कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड

इस चर्चा में स्पेशियलिटी बेवरेज़ उद्योग में बढ़ती संभावना, युवतियों की बढ़ती भागीदारी और इंटर्नशिप एवं ग्रैजुएट ट्रेनी प्रोग्राम के महत्व पर प्रकाश डाला गया। पैनल के लोगों ने मद्यपान की आदतों पर कोविड-19 महामारी के प्रभाव और भारतीय ब्रांडों में सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौटने के बढ़ते विश्वास पर भी चर्चा की। कॉन्क्लेव में मास्टरक्लास और विभिन्न प्रतियोगिताएं भी शामिल थीं जैसे कि मिक्सोलॉजी, वॉयस इट आउट और बेवरेज विजार्ड्स ताकि नए दौर के हाॅस्पिटलिटी लीडरों को उनका कौशल दिखाने का अवसर मिले। इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटलिटी के संस्थापक और सीईओ दिलीप पुरी ने कॉन्कोक्टिंग कॉन्क्लेव को स्पेशियलिटी बेवरेज उद्योग को जानने और मद्यपान में जिम्मेदारी के महत्व को समझने का अभूतपूर्व अवसर बताया। आयोजन में जानकारी साझा करने और एक श्वेत पत्र तैयार करने पर जोर दिया गया जिसमें अनुसंधान, सहयोग और इनोवेशन के माध्यम से इस उद्योग को बढ़ावा देने का संकल्प हो। यह सम्मेलन सफल रहा और छात्रों को इस उद्योग के विशेषज्ञों, सहकर्मियों और संभावित नियोक्ताओं के साथ नेटवर्किंग का महत्वपूर्ण अवसर मिला।

×
Date : 16 April 2023 Posted By : EDITOR
आईएसएच के कॉनकोक्टिंग कॉन्क्लेव में शामिल हुए कई जाने-माने एक्सपर्ट
News Image

 

आईएसएच के कॉनकोक्टिंग कॉन्क्लेव में शामिल हुए कई जाने-माने एक्सपर्ट, स्पेशियलिटी बेवरेज़ के सुनहरे भविष्य और करियर के नए अवसरों पर चर्चा की

UNN: स्पेशियलिटी बेवरेज उद्योग बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। इसे गंभीरता से समझने के लिए इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटलिटी (आईएसएच), सोमेट एजुकेशन का हिस्सा, ने एक कॉनकोक्टिंग कॉन्क्लेव का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह आयोजन हास्पिटलिटी व क्युलिनरी प्रोफेशनल्स, छात्रों और इस उद्योग के विशेषज्ञों के लिए एक ऐसा मंच था जहां उन्होंने तेजी से बदलते स्पेशियलिटी बेवरेज सेगमेंट और इस क्षेत्र में कैरियर के सुनहरे अवसरों के बारे में चर्चा की। इस अवसर पर स्पेशियलिटी बेवरेज की दुनिया में बड़े बदलावों पर एक पैनल चर्चा हुई, जिसकी सूत्रधार कृति ख्अंतिम नाम,, ख्कृति का पदनाम, थीं।

पैनल में कई जाने-माने जानकार थे जैसे कि:

’ प्रार्थोना पाल चैधरी, जोनल एक्सटर्नल अफेयर्स मैनेजर, पेरनोड रिकार्ड
’ अंगद सोनी, संस्थापक, सिपाय एंड कंपनी
’ पुष्पेश पंत, भारतीय शिक्षाविद, फूड क्रिटिक और इतिहासकार
’ श्वेता पुंडीर, निदेशिका, द गिग पूल
’ प्रदीप गिडवानी, स्वतंत्र सलाहकार और इंडस्ट्री थॉट लीडर
’ राजा मुखर्जी, निदेशक, सिम्बा मैनेजमेंट कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड

इस चर्चा में स्पेशियलिटी बेवरेज़ उद्योग में बढ़ती संभावना, युवतियों की बढ़ती भागीदारी और इंटर्नशिप एवं ग्रैजुएट ट्रेनी प्रोग्राम के महत्व पर प्रकाश डाला गया। पैनल के लोगों ने मद्यपान की आदतों पर कोविड-19 महामारी के प्रभाव और भारतीय ब्रांडों में सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौटने के बढ़ते विश्वास पर भी चर्चा की। कॉन्क्लेव में मास्टरक्लास और विभिन्न प्रतियोगिताएं भी शामिल थीं जैसे कि मिक्सोलॉजी, वॉयस इट आउट और बेवरेज विजार्ड्स ताकि नए दौर के हाॅस्पिटलिटी लीडरों को उनका कौशल दिखाने का अवसर मिले। इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटलिटी के संस्थापक और सीईओ दिलीप पुरी ने कॉन्कोक्टिंग कॉन्क्लेव को स्पेशियलिटी बेवरेज उद्योग को जानने और मद्यपान में जिम्मेदारी के महत्व को समझने का अभूतपूर्व अवसर बताया। आयोजन में जानकारी साझा करने और एक श्वेत पत्र तैयार करने पर जोर दिया गया जिसमें अनुसंधान, सहयोग और इनोवेशन के माध्यम से इस उद्योग को बढ़ावा देने का संकल्प हो। यह सम्मेलन सफल रहा और छात्रों को इस उद्योग के विशेषज्ञों, सहकर्मियों और संभावित नियोक्ताओं के साथ नेटवर्किंग का महत्वपूर्ण अवसर मिला।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Releated

गरीबों के इलाज के लिए टाटा ट्रस्ट का बड़ा प्लान, देशभर में खुलेंगे 40 से 50 नए अस्पताल!

📰 Generate e-Paper Clip गरीबों के इलाज के लिए टाटा ट्रस्ट का बड़ा प्लान, देशभर में खुलेंगे 40 से 50 नए अस्पताल! मुंबई: टाटा ट्रस्ट देशभर में 40 से 50 गैर-लाभकारी सामान्य अस्पतालों का नेटवर्क बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इस मॉडल में इलाज का खर्च उठाने में सक्षम मरीजों से मिलने […]