Bengali School and Club will become a center of devotion and

माँ दुर्गा के स्वागत को तैयार इंदौर : श्री श्री सार्वजनिन दुर्गा पूजा समिति का 97वां शरदोत्सव: 26 सितम्बर से शुभारंभ

माँ दुर्गा के स्वागत को तैयार इंदौर : श्री श्रीसार्वजनिन दुर्गा पूजा समिति का 97वां शरदोत्सव: 26 सितम्बर से शुभारंभ

बंगाली स्कूल एंड क्लब बनेगा भक्ति और उमंग का केंद्र

चतुर्थी से विजया दशमी तक लगातार 7 दिन तक मनेगा रंगारंग उत्सव।

97वे शरदोत्सव की शुरुवात 20 सितम्बर 2025 को दो दिवसीय आनंद मेले के साथ होगी। आनंद मेले में बंगाल के रसोईये बनायेगे विविध व्यंजन।

29 सितम्बर 2025 से 1 अक्टूबर 2025 तक रोजाना विशाल पंडाल में शाम को सुंदर धुनिवि नृत्य रोजाना रात्रि को 9 बजे से होंगे कल्वरल प्रोग्राम।

बंगाली स्कूल एंड क्लब द्वारा रोजाना सुबह 10 बजे बच्चों की होगी प्रतियोगिता।

2 अक्टूबर को बंगाली महिलाओं द्वारा होगा सिंदूर खेला। जयपुर के हवा महल की प्रतिकृति में तैयार हो रहा है भव्य एवं सुंदर मुख्य द्वार।

पूजा मंडप और विशाल पंडाल होगा वॉटर प्रूफ। संपूर्ण आयोजन में हजारों की संख्या में बंगाली समाज बंधु होंगे शामिल।

इन्दौर। हर वर्ष की तरह इस बार भी शारदीय नवरात्र पर श्री श्री सार्वजनिन दुर्गा पूजा समिति द्वारा नवलखा स्थित बंगाली स्कूल एंड क्लब परिसर में शरदोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जायेगा। 26 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक लगातार 7 दिन तक चलने वाले इस रंगारंग सामाजिक और धार्मिक उत्सव में आनंद मेला सहित विहित पूजा धुनिधि नृत्य, स्कूली वच्चों की प्रतियोगिता, कल्चरल प्रोग्राम आदि विविध कार्यकम होंगे। 97वे शरदोत्सव में पश्चिम बंगाल से पुजारी, ढाक बजाने वाले ढाकी, स्पेशल डिश बनाने वाले रसोइये और गीत संगीत की रंगारंग प्रस्तुति देने वाले बंगाली कलाकार आएँगे। इस बार का आकर्षण भी मुख्य द्वार रहेगा, जो गुलाबी नगरी जयपुर की हवा महल की प्रतिकृति होगा। साथ ही देवी दुर्गा की भव्य एवं सुंदर प्रतिमा बन रही है। इस आयोजन की तैयारिया बीते एक माह स’ चल रही है और अब यह अंतिम चरण में है।
यह जानकारी देते हुए श्री श्री सार्वजनिन दुर्गा पूजा समिति 2025 के कवेनर रविशंकर राय चौधरी, अध्यक्ष रंजन डे सरकार और सचिय असित गांगुली ने संयुक्त रुप से बताया कि 97वे शरदोत्सव की शुरुवात 26 सितम्बर को दो दिवसीय आनंद मेले के साथ होगी। 26 27 सितम्बर की शाम को आयोजित इस मेले का मुख्य आकर्षण बंगाली जायकेदार व्यंजन होंगे जिसमे भापा इलिज, भेटकी गाधेर चाप, फिश कटलेट, गोल्डा चिगडी, पंपलेट फिश सहित वेज बाली, मटन करी, चिकन करी, चिकन बिरयानी, रसगुल्ला, मिष्टी दोही, संदेश, लग्चा गुलाब जामुन आदि पेज और नानवेज व्यजेन शामिल है। मेले में वंगाली व्यंजनों के अलावा अन्य चीजों के भी 50 से अधिक स्टाल्स होग। आनंद मेले का समय शाम 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक रहेगा।
सहसचिव अपूर्व चौधरी और गुबत नित्रा ने बताया कि 28 सितम्बर (रविवार) को शारदीय नवरात्र की महाषधी है। बंगाली मान्यता अनुसार इस दिन को बड़ा ही शुभ माना गया है। इस दिन देवी दुर्गा मां का अपने मायक न आगमन होता है और जिसका स्वागत पूरा बंगाली समाज हर्षोल्लास के साथ करता है।
28 सितम्बर 2025 (रविवार) महाषधी को सुबह 7.30 बजे श्री श्री दुर्गा देवी शताब्दी कलपारंभ और षष्ठी विहित पूजा होगी। इसी दिन बंगाली स्कूल और कलब द्वारा सुबह 10 बजे से इंटर स्कूल ड्राइंग कपिटिशन होगी. जिसमें बढी संख्या में स्कूली बच्चे भाग लेंगे। शाम को 630 बजे देवी वोधन और अदिवास के कार्यक्रम होंगे। रात्रि 9 बजे से कोलकाता के श्रीजक ग्रुप द्वारा नृत्य की रंगारंग प्रस्तुति होगी।
29 सितम्बर 2025 (सोमवार) महासप्तगी को सुबह पर १३० बजे विहित पूजा होगी। सुबह 10 बजे बगाली स्कूल में इंटर स्कूल गायन प्रतियोगिता होगी। शाम को 7.30 बजे देवी दुर्गा की आरती होगी। उसके बाद बंगाल से आये का दिया लेकर सुंदर नृत्य करते है। इसी दिन रात्रि और कोलकाता के कलाकार आलोक रायचौधरी और ढाकी के बाक पर सुंदर धुनुचि नृत्य होगा। इसमें महिला और पुरुष दोनों देवी दुर्गा भी के समक्ष हाथों में मि‌ट्टी उनकी टीम द्वारा बंगाली और हिंदी गीतो की संगीतमय प्रस्तुति दी जायेगी।
30 सितम्बर 2025 (मंगलवार) महाअष्टमी पर सुबह 9.30 बजे विहित पूजा होगी। सुबह 10 बजे इंटरस्कूल डास कंपिटिशन होगी। दोपहर 1:30 बजे संधि पूजा होगी। शाम 7:30 बजे धुनुचि नृत्य होगा। रात्रि 9 बजे मुबई के कलाकारों द्वारा म्युजिकल नाइट होगी।
अनुकरण करना
1 अक्टू‌बर 2025 (बुधवार) महानवमी पर सुबह 9:30 बजे विहित पूजा बलिदान, कुगारी पूजा और पुष्पांजलि होगी। शाम 7:30 बजे धुनुचि नृत्य होगा। रात्रि 9 बजे स्थानीय महिला कलाकारों द्वारा नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी जायेगी।
2 अक्टूबर 2025 (गुरुवार) विजयादशमी पर सुबह 9:30 बजे महिलाओं द्वारा सिंदूर खेला होगा। इस दिन देवी दुर्गा की मायके से विदाई होती है। दोपहर 2:30 बजे विसर्जन जुलूस निकलेगा। शाम को 7:30 बजे शाति जल और प्रसाद वितरण होगा। रात्रि 9 बजे विजोया सम्मेलन के साथ 7 दिवसीय शरदोत्सव का समापन होगा।
50 फीट लंबा और 42 फीट ऊँचा होगा जयपुर का हवा महल
ने बताया कि पिछले 1 महीने से 15 बंगाली कलाकार और मजदूर दिन रात मेहनत कर मुख्य द्वार के निर्माण में जुटे है। गुलाबी नगरी जयपुर के हया महल की प्रतिकृति बनाई जा रही है। इसमें 400 नग बास, 1500 मीटर कपडा, 120 घनफीट लकडी, और धर्माकोल की 150 शीट का इस्तेमाल होगा। देवी दुर्गा माता की भव्य एवं सुंदर प्रतिमा 17 फीट चौडी और 13 फीट ऊँची होगी जिसमें देवी दुर्गा के साथ लक्ष्मी माता, सरस्वती देवी, गणेशजी. कार्तिकेय, और शिवजी नजर आएँगे।
विशाल पूजामंडप और पण्डाल सुंदर और वॉटर प्रूफ होगा। इसमें 200 नग बांस, 1 हजार मीटर कपडा, धर्माकोल की 70 शीट और 80 घनफीट लकडी का इस्तेमाल होगा।

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