Bharundpura Dam of Dhar district Karam river

MP: धार जिले के भारुंडपूरा डैम ( कारम नदी ) युद्ध स्तर पर चल रहा है काम , प्रशासनिक टीमें डैम को बचाने की जी तोड़ कोशिश में जुटी हैं

 

धार जिले के भारुंडपूरा डैम ( कारम नदी ) युद्ध स्तर पर चल रहा है काम , प्रशासनिक टीमें डैम को बचाने की जी तोड़ कोशिश में जुटी हैं

प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के साथ जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट मौके पर मौजूद

इंदौर संभाग के कारम डैम में जल रिसाव की स्थिति के बाद प्रशासन आपदा प्रबंधन के कार्यों में तेजी से जुटा हुआ है। प्रशासन द्वारा किये जा रहे आपदा प्रबंधन के कार्यों से प्रभावितों में विश्वास जग रहा है। मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित कारम नदी पर बने डैम के टूटने का खतरा बढ़ गया है, लेकिन प्रशासनिक टीमें डैम को बचाने की जी तोड़ कोशिश में जुटी हैं. बाइपास चैनल बनाकर डैम से पानी निकाला जा रहा है. पिछले 48 घंटे से युद्ध स्तर पर काम चल रहा है

इंदौर : धार जिले के भारुंडपूरा के डैम पर जल रिसाव के बाद जिला प्रशासन द्वारा महेश्वर तहसील के 6 गांवो में राहत शिविर बनाएं गए है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लगातार गांवो की पल-पल जानकारी ली जा रही है। नर्मदा नदी और कारम नदी के मेल पर स्थित ग्राम जलकोटा में भी राहत शिविर बनाया गया है। इस गांव में कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम और पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह प्रभावितों से लगातार संपर्क में है। इन क्षेत्रों में सर्दी जुकाम व मौसमी बीमारियों की जांच भी की जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा प्रभावितों के लिए हर स्तर पर व्यवस्थाएं जुटाने में तत्पर है। प्रभावित सभी 6 गांवो में लगातार निगरानी की जा रही है।
दरअसल, धार में भरुडपुरा और कोठीदा के बीच कारम नदी पर बनाए जा रहे डैम में गुरुवार से लीकेज के बाद पानी का रिसाव शुरू हुआ था। शुक्रवार सुबह बांध के एक तरफ की मिट्‌टी बह गई। इससे डैम की वॉल का बड़ा हिस्सा ढह गया। इसके बाद खतरे के मद्देनजर प्रशासन ने डैम के आसपास के 18 गांव खाली करा लिए। इनमें धार जिले के 12 और खरगोन के 6 गांव शामिल हैं। इससे करीब 40 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। डैम से प्रभावित होने वाले गांवों में धारा 144 लगाई गई है।
डैम का पानी जिस नदी में जाएगा, उस पर आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे-3 (AB रोड) का पुल है। हाईवे पर ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए प्रशासन की टीम तैनात है। वाहनों की आवाजाही कम कर दी गई है। 4 किलोमीटर दूर मानपुर से लेकर खलघाट तक डायवर्ट कर दिया गया है। राज्य सरकार राहत और बचाव कार्य के लिए सेना को बुला लिया है। एयरफोर्स के 2 हेलिकॉप्टर भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
कारम नदी पर बन रहे डैम को फूटने से बचाने के लिए डैम का पानी निकालने का काम हो रहा है। साथ ही जिस जगह पानी का रिसाव हो रहा है, वहां भी लगातार मिट्टी डालकर रिसाव रोकने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए 5 पोकलेन मशीनें लगाई गई हैं। बांध के पास एक नहर नुमा रास्ता बनाया जा रहा है, ताकि पानी निकल सके। डैम के दूसरे छोर पर स्नूज वॉल खोला गया है। यहां से शुक्रवार से लगातार पानी निकाला जा रहा है। डैम में जितना पानी कम होगा, उसके फूटने का खतरा उतना ही कम होगा।

 

×
Date : 14 August 2022 Posted By : EDITOR
MP: धार जिले के भारुंडपूरा डैम ( कारम नदी ) युद्ध स्तर पर चल रहा है काम , प्रशासनिक टीमें डैम को बचाने की जी तोड़ कोशिश में जुटी हैं
News Image

 

धार जिले के भारुंडपूरा डैम ( कारम नदी ) युद्ध स्तर पर चल रहा है काम , प्रशासनिक टीमें डैम को बचाने की जी तोड़ कोशिश में जुटी हैं

प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के साथ जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट मौके पर मौजूद

इंदौर संभाग के कारम डैम में जल रिसाव की स्थिति के बाद प्रशासन आपदा प्रबंधन के कार्यों में तेजी से जुटा हुआ है। प्रशासन द्वारा किये जा रहे आपदा प्रबंधन के कार्यों से प्रभावितों में विश्वास जग रहा है। मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित कारम नदी पर बने डैम के टूटने का खतरा बढ़ गया है, लेकिन प्रशासनिक टीमें डैम को बचाने की जी तोड़ कोशिश में जुटी हैं. बाइपास चैनल बनाकर डैम से पानी निकाला जा रहा है. पिछले 48 घंटे से युद्ध स्तर पर काम चल रहा है

इंदौर : धार जिले के भारुंडपूरा के डैम पर जल रिसाव के बाद जिला प्रशासन द्वारा महेश्वर तहसील के 6 गांवो में राहत शिविर बनाएं गए है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लगातार गांवो की पल-पल जानकारी ली जा रही है। नर्मदा नदी और कारम नदी के मेल पर स्थित ग्राम जलकोटा में भी राहत शिविर बनाया गया है। इस गांव में कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम और पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह प्रभावितों से लगातार संपर्क में है। इन क्षेत्रों में सर्दी जुकाम व मौसमी बीमारियों की जांच भी की जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा प्रभावितों के लिए हर स्तर पर व्यवस्थाएं जुटाने में तत्पर है। प्रभावित सभी 6 गांवो में लगातार निगरानी की जा रही है।
दरअसल, धार में भरुडपुरा और कोठीदा के बीच कारम नदी पर बनाए जा रहे डैम में गुरुवार से लीकेज के बाद पानी का रिसाव शुरू हुआ था। शुक्रवार सुबह बांध के एक तरफ की मिट्‌टी बह गई। इससे डैम की वॉल का बड़ा हिस्सा ढह गया। इसके बाद खतरे के मद्देनजर प्रशासन ने डैम के आसपास के 18 गांव खाली करा लिए। इनमें धार जिले के 12 और खरगोन के 6 गांव शामिल हैं। इससे करीब 40 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। डैम से प्रभावित होने वाले गांवों में धारा 144 लगाई गई है।
डैम का पानी जिस नदी में जाएगा, उस पर आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे-3 (AB रोड) का पुल है। हाईवे पर ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए प्रशासन की टीम तैनात है। वाहनों की आवाजाही कम कर दी गई है। 4 किलोमीटर दूर मानपुर से लेकर खलघाट तक डायवर्ट कर दिया गया है। राज्य सरकार राहत और बचाव कार्य के लिए सेना को बुला लिया है। एयरफोर्स के 2 हेलिकॉप्टर भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
कारम नदी पर बन रहे डैम को फूटने से बचाने के लिए डैम का पानी निकालने का काम हो रहा है। साथ ही जिस जगह पानी का रिसाव हो रहा है, वहां भी लगातार मिट्टी डालकर रिसाव रोकने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए 5 पोकलेन मशीनें लगाई गई हैं। बांध के पास एक नहर नुमा रास्ता बनाया जा रहा है, ताकि पानी निकल सके। डैम के दूसरे छोर पर स्नूज वॉल खोला गया है। यहां से शुक्रवार से लगातार पानी निकाला जा रहा है। डैम में जितना पानी कम होगा, उसके फूटने का खतरा उतना ही कम होगा।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Releated

यूएनएससी में सुधार के लिए आईबीएसए का अल्टीमेटम, भारत-ब्राजील को स्थायी सीट देने की मांग

📰 Generate e-Paper Clip यूएनएससी में सुधार के लिए आईबीएसए का अल्टीमेटम, भारत-ब्राजील को स्थायी सीट देने की मांग नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी दस्तावेज के अनुसार 14वें भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका (आईबीएसए) त्रिपक्षीय मंत्रिस्तरीय आयोग की बैठक न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र यूएनजीए81 के मौके पर हुई। बैठक में दक्षिण अफ्रीका के […]

मध्यप्रदेश के नाम गौरवपूर्ण उपलब्धि:  यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में शामिल हुए चार और नए ऐतिहासिक स्थल

📰 Generate e-Paper Clip मध्यप्रदेश के नाम गौरवपूर्ण उपलब्धि:  यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में शामिल हुए चार और नए ऐतिहासिक स्थल बाघ गुफा चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला, चंबल घाटी के मंदिर समूह और उदयगिरि गुफाओं को किया गया शामिल भोपाल : मध्यप्रदेश की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान की दिशा में एक और […]