धार्मिक पहचान से सजे ब्रिज: खजराना गणेश सेतु से लेकर सुदर्शन सेतु तक
धार्मिक पहचान से सजे ब्रिज: खजराना गणेश सेतु से लेकर सुदर्शन सेतु तक
इंदौर का खजराना गणेश ब्रिज बना आकर्षण, प्रदेश को मिलेगा पहला धार्मिक प्रतिमा वाला पुल
इंदौर। सनातन धर्म की यही सबसे बड़ी खासियत है कि हमारे यहां जो भी चीजें होती है, उसे पवित्र बनाकर हमारे देवी देवताओं का नाम देकर उन्हें अर्पित कर दी जाती है। आज भारत में देवियों के नाम पर गंगा, यमुना, नर्मदा, गोदावरी, सरस्वती और कावेरी जैसी कई पवित्र नदियाँ हैं, जिन्हें देवी के रूप में पूजा जाता है। इन नदियों के नाम देवी रूप में हैं और ये हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं।
इसी तरह देश में कुछ ब्रिज ऐसे है या बनाए गए है जो देवताओं के नाम से पहचाने जाते है, जिनमे रामेश्वरम में भगवान राम के नाम राम सेतु, बेट द्वारका गुजरात में भगवान कृष्ण के नाम सुदर्शन सेतु , राजकोट गुजरात में भगवान राम के नाम श्रीराम ब्रिज शामिल है। देवताओं के नाम वाले ब्रिज वाली इस सूची में अब इंदौर का खजराना ब्रिज भी जुड़ गया है। खजराना गणेश मंदिर के समीप बने ब्रिज का नाम गणेश सेतु रखा गया है और इस पर हाल ही में इंदौर विकास प्राधिकरण ने गणेश जी का प्रमुख मंत्र भी अंकित किया है। गणेशजी के नाम के इस ब्रिज के अलावा नेशनल हाईवे अथॉरिटी सिंहस्थ की तैयारी के मद्देनजर नर्मदा नदी पर धार्मिक प्रतिमा वाला ब्रिज बन रहा है। ब्रिज का निर्माण शुरू हो चुका है। इसको जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
खजराना गणेश सेतु – ब्रिज पर लिखा है गणेशजी का प्रमुख मंत्र
इंदौर विकास प्राधिकरण ने गणेश सेतु पर भगवान गणेश का प्रमुख मंत्र है – वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकायेर्षु सर्वदा। सेतु: की एक तरफ की दीवार पर यह मंत्र लिखकर खजराना गणेश मंदिर में आने जाने वाले श्रद्धालु इस मंत्र का जाप कर सके। 1.34 करोड़ की लागत से निर्मित, यह ब्रिज इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाया गया था और यहां ट्रैफिक की समस्या को कम करने के उद्देश्य से बनाया गया है, खासकर गणेश मंदिर के कारण यहां भारी ट्रैफिक रहता है। यह फ्लाई ओव्हर ब्रिज 6 लेन का है। ब्रिज के बनने से खजराना चौराहे पर से ट्रैफिक का दबाव एकदम कम हो गया है।
सुदर्शन सेतु गुजरात – ब्रिज पर लिखे है विष्णु के 1,000 नाम
गुजरात में ओखा मुख्य भूमि और बेट द्वारका को जोड़ने वाले लगभग 2.32 किलोमीटर लम्बे केबल – आधारित ह्यसुदर्शन सेतुह्ण यानी ब्रिज को ऐसा डिजाइन किया हैं जो भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन की अनुभूति कराता हैं। इस ब्रिज की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ब्रिज के दोनों तरफ बनाए गए 2.50 मीटर चौड़े वॉकिंग कॉरिडोर ( फुटपाथ) की दीवार पर भागवत गीता के श्लोक, विष्णु सहस्त्रनाम, भगवान श्री कृष्ण की लीला का चित्रण तथा भगवान श्री कृष्ण के मस्तक पर लगने वाला मोर पंख की अंकित है। यह पुल 34 स्तंभों पर टिका है। ये सभी स्तंभ पानी में खड़े हैं। खंभे बांसुरी की शक्ल में बने हैं।
