मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुवाहटी में आयोजित वस्त्र मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुवाहटी में आयोजित वस्त्र मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन वस्त्र उद्योग का केंद्र रहा है, उन्होंने केंद्रीय वस्त्र मंत्री को अगला सम्मेलन बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में करने के लिए आग्रह किया.
Bhopal: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव गुरुवार को गुवाहाटी में आयोजित वस्त्र मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हुए. भारत का वस्त्र उद्योग- विकास, विरासत और नवाचार का ताना-बाना की थीम पर आयोजित इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह भी मौजूद थे. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) के नेतृत्व में भारत का वस्त्र उद्योग विरासत का संरक्षण करते हुए विकास की ओर बढ़ रहा है. मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट को लेकर महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं. मध्यप्रदेश सरकार ने वस्त्र उद्योग को रोजगारपरक औद्योगिक विकास में सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. केंद्र सरकार की ओर से मध्यप्रदेश को औद्योगिक और निवेश की दृष्टि से उल्लेखनीय सहयोग मिला है. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने जन्मदिवस पर मध्यप्रदेश के धार में देश के पहले पीएम मित्र पार्क (PM Mitra Park) का भूमिपूजन किया. यहां टेक्सटाइल पार्क और उद्योगों का एक साथ लोकार्पण किया जाएगा. यह पार्क भारत को सशक्त बनाने के संकल्प की पूर्ति भी करेगा. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में भारत आर्थिक रूप से तीसरी सबसे बड़ी शक्ति बनने के ओर अग्रसर है. मां कामाख्या की धरती असम से आज देश के वस्त्र उद्योग को नई दिशा प्राप्त होगी. सभी राज्यों में वस्त्र उद्योग को आगे बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं.
महाकाल की नगरी में हो अगला सम्मेलन : CM मोहन यादव
सीएम मोहन यादव ने कहा कि संस्कृति, संस्कार, संसाधन और विरासत की दृष्टि से मध्यप्रदेश, टेक्सटाइल सहित अनेक उद्योगों में देश में अग्रणी है. राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक गतिविधियां और निवेश बढ़ाने के लिए विभिन्न नवाचार किए जा रहे हैं. इसके अंतर्गत संभाग और जिला स्तर पर भी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से उज्जैन, रीवा, कटनी, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित कई जिलों में औद्योगिक विकास से जुड़ी गतिविधियों का विस्तार हुआ है. प्रदेश में लोकमाता देवी अहिल्याबाई के काल से महेश्वरी, चंदेरी साड़ी जैसे सिल्क को प्रोत्साहित करने की परंपरा है. राज्य सरकार ने नर्मदापुरम के हाईक्वालिटी मलबरी रेशम और ऑर्गेनिक कपास का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रयास किए हैं.
CM ने कहा “मध्यप्रदेश में हम टेक्सटाइल मिल, लूम हैंडलूम और स्पिंडल्स से बड़ी संख्या में महिलाओं को जोड़कर आत्म निर्भर बनाया जा रहा है. मध्यप्रदेश ऑर्गेनिक कॉटन, मेनमेड फाइबर, टेक्नीकल टेक्सटाइल सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है. प्रदेश के खरगोन, बुधनी सहित जनजातीय बहुल इलाकों में टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. प्रदेश में डेढ़ दशक से चल रही टेक्सटाइल सेक्टर की वैल्यू चेन में राज्य सरकार ने 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश कराया है. भविष्य में इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा. वर्ष 2026 में मध्यप्रदेश नए संकल्पों के साथ विकास की उड़ान भरने के लिए तैयार है.”
