Madhya Pradesh : इंदौर विकास कार्यों पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की समीक्षा
मेट्रोपॉलिटन सिटी, ट्रैफिक सुधार और बड़े शहरी प्रोजेक्ट्स पर समीक्षा बैठक
मेट्रो रूट अंडरग्राउंड ही रहेगा, नाइट लाइफ पॉलिसी के तहत महिलाओं की सुरक्षा पर जोर
इंदौर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर में शहर के प्रमुख विकास कार्यों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि कि इंदौर में मेट्रो रेल का रूट अंडरग्राउंड ही रहेगा और एलिवेटेड ब्रिज की मौजूदा प्लानिंग में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेट्रो और ब्रिज से जुड़े निर्णय पहले से तय तकनीकी मानकों और शहर की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिए गए हैं। मेट्रो रेल प्रोजेक्ट की प्रगति, नई बस सेवाओं के विस्तार, और एमवाय अस्पताल की नई बिल्डिंग के भूमिपूजन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके अलावा नए रिंग रोड, बायपास, उनके कंट्रोल एरिया और पलासिया स्थित लोक निर्माण विभाग की जमीन के रीडेवलपमेंट (री-डेंसिफिकेशन) प्रोजेक्ट पर भी प्रेजेंटेशन दिया गया।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि इंदौर की बढ़ती आबादी और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए मास्टर प्लान की सड़कों, सीसीटीवी प्रोजेक्ट, और शहरी यातायात प्रबंधन को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नाइट लाइफ पॉलिसी के साथ महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थलों पर निगरानी को और मजबूत किया जाएगा।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना–2, इकोनॉमिक कॉरिडोर, हुकुमचंद मिल की जमीन पर हाउसिंग बोर्ड प्रोजेक्ट, स्टार्टअप पार्क, और कन्वेंशन सेंटर की योजनाओं की भी समीक्षा हुई। साथ ही नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान, नए श्रम कानूनों का क्रियान्वयन, और पर्यावरण सुधार व पौधारोपण को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए। इससे पहले मुख्यमंत्री के इंदौर एयरपोर्ट पहुंचने पर महापौर और जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट पर ही मुख्यमंत्री ने सराफा विद्या निकेतन स्कूल के 50 वर्ष पूरे होने पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन भी किया। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, बैठक में लिए गए निर्णयों के आधार पर संबंधित विभागों को समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य इंदौर को एक स्मार्ट, सुरक्षित और सुव्यवस्थित मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करना है।

खजराना से अंडरग्राउन्ड होगी मेट्रो
CM यादव ने कहा कि मेट्रो ट्रेन का अंडरग्राउन्ड होने का मामला शहर हित की दृष्टि से लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों सहित सभी ने इसे लेकर अपनी बात कही थी। इसके मद्देनजर इसे खजराना वाले रुट से अंडरग्राउन्ड किया जाएगा। इसके लिए 800-900 करोड़ रु. का जो भी खर्च आएगा वह राज्य सरकार लगाएगी।
बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा हुई
1. इंदौर यातायात सुधार की कार्ययोजना
2. मेट्रो रेल प्रोजेक्ट की प्रगति
3. बस सेवा सुविधाओं का विस्तार
4. इंदौर–उज्जैन मेट्रोपॉलिटन रीजन का गठन
5. नए श्रम कानूनों का क्रियान्वयन
6. इंदौर की नाइट लाइफ पॉलिसी एवं महिलाओं की सुरक्षा
7. शहरी नदी तट विकास योजना, पौधारोपण और पर्यावरण सुधार
8. नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान
9. मास्टर प्लान की सड़कों की प्रगति
10. प्राधिकरण के स्टार्टअप पार्क और कन्वेंशन सेंटर की योजनाएं
11. सीसीटीवी प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन
12. प्रधानमंत्री आवास योजना–2
13. इकोनॉमिक कॉरिडोर और हुकुमचंद मिल की जमीन पर हाउसिंग बोर्ड प्रोजेक्ट
