Chief Minister Dr. Mohan Yadav visited Adi Guru Shankaracharya

MP: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ओंकारेश्वर पहुंचकर आदिगुरु शंकराचार्य की प्रतिमा के दर्शन किये

 

MP: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ओंकारेश्वर (omkareshwar) पहुंचकर आदिगुरु शंकराचार्य की प्रतिमा के दर्शन किये

चरणबद्ध रूप से होगा एकात्म धाम को पूर्ण करने का कार्य

इंदौर : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज इंदौर संभाग के खंडवा जिले के ओंकारेश्वर पहुंचकर आदिगुरू शंकराचार्य की प्रतिमा के दर्शन किये। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धा-सुमन अर्पित कर पूजन किया। बटूकों ने मंत्रोच्चारों के साथ पूजन विधि संपन्न कराई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आदिगुरु शंकराचार्य जी के एकात्म अद्वेत अध्यात्म के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने ओंकारेश्वर स्थित एकात्म धाम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते एकात्म धाम को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण करने के बात कहीं। इस अवसर पर आयोजित एकात्म धाम पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और एकात्म धाम परिसर में पुस्तक एवं कैलेंडर का विमोचन भी किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य अद्वितीय महापुरुष थे उन्होंने एकात्मवाद का अद्भुत संदेश जन जन तक पहुंचाया। सनातन धर्म की रक्षा एवं उसके सिद्धांतों के प्रचार-प्रसार में उनकी अहम भूमिका रही है। कठिनाइयों और संघर्षों का सामना करते हुए वह अपने गुरु से दीक्षा लेने के लिए केरल से ओम्कारेश्वर आए। ऊँ की भी अद्भुत महिमा है। उन्होंने कहा कि गुरु की महत्ता अपने शिष्य की सफलता पर रहती है। अपने शिष्यों से गुरु की पहचान बनती है। अपनी गुरु दीक्षा को आदि गुरु शंकराचार्य ने अपने आचरण एवं कृतित्व से सार्थक किया। उन्होंने देश को नई दिशा दिखाई। आदिगुरु शंकराचार्य ज्ञान परंपरा के बड़े वाहक थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर दत्तात्रेय आश्रम पूज्य स्वामी श्री विवेकानंद पुरी जी ने कहा कि ओंकारेश्वर ममलेश्वर यह अद्वैत एकात्मक का धाम है। यह आदिगुरू शंकराचार्य और भारत को एक पहचान देने का केंद्र है। उन्होंने कहा ओंकारेश्वर आदिगुरू शंकराचार्य जी की दीक्षाभूमि और साधना स्थली रही है। ओंकारेश्वर को पांचवें पीठ के रूप में विकसित किए जाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एकात्म धाम एकात्मक का वैश्विक केंद्र पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ यादव को आदि शंकराचार्य जी की प्रतिमा का प्रतीक चिन्ह भेंट की गई। अंत में संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संभागायुक्त श्री दीपक सिंह, आईजी श्री अनुराग, डीआईजी खरगोन रेंज श्री सिद्धार्थ बहुगुणा, कलेक्टर श्री अनूप कुमार सिंह, विधायकगण श्री नारायण पटेल, श्रीमती कंचन मुकेश तनवे तथा श्रीमती छाया मोरे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिंकी सुदेश वानखेडे सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में साधु-संत मौजूद थे।

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Date : 03 December 2024 Posted By : EDITOR
MP: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ओंकारेश्वर पहुंचकर आदिगुरु शंकराचार्य की प्रतिमा के दर्शन किये
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MP: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ओंकारेश्वर (omkareshwar) पहुंचकर आदिगुरु शंकराचार्य की प्रतिमा के दर्शन किये

चरणबद्ध रूप से होगा एकात्म धाम को पूर्ण करने का कार्य

इंदौर : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज इंदौर संभाग के खंडवा जिले के ओंकारेश्वर पहुंचकर आदिगुरू शंकराचार्य की प्रतिमा के दर्शन किये। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धा-सुमन अर्पित कर पूजन किया। बटूकों ने मंत्रोच्चारों के साथ पूजन विधि संपन्न कराई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आदिगुरु शंकराचार्य जी के एकात्म अद्वेत अध्यात्म के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने ओंकारेश्वर स्थित एकात्म धाम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते एकात्म धाम को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण करने के बात कहीं। इस अवसर पर आयोजित एकात्म धाम पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और एकात्म धाम परिसर में पुस्तक एवं कैलेंडर का विमोचन भी किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य अद्वितीय महापुरुष थे उन्होंने एकात्मवाद का अद्भुत संदेश जन जन तक पहुंचाया। सनातन धर्म की रक्षा एवं उसके सिद्धांतों के प्रचार-प्रसार में उनकी अहम भूमिका रही है। कठिनाइयों और संघर्षों का सामना करते हुए वह अपने गुरु से दीक्षा लेने के लिए केरल से ओम्कारेश्वर आए। ऊँ की भी अद्भुत महिमा है। उन्होंने कहा कि गुरु की महत्ता अपने शिष्य की सफलता पर रहती है। अपने शिष्यों से गुरु की पहचान बनती है। अपनी गुरु दीक्षा को आदि गुरु शंकराचार्य ने अपने आचरण एवं कृतित्व से सार्थक किया। उन्होंने देश को नई दिशा दिखाई। आदिगुरु शंकराचार्य ज्ञान परंपरा के बड़े वाहक थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर दत्तात्रेय आश्रम पूज्य स्वामी श्री विवेकानंद पुरी जी ने कहा कि ओंकारेश्वर ममलेश्वर यह अद्वैत एकात्मक का धाम है। यह आदिगुरू शंकराचार्य और भारत को एक पहचान देने का केंद्र है। उन्होंने कहा ओंकारेश्वर आदिगुरू शंकराचार्य जी की दीक्षाभूमि और साधना स्थली रही है। ओंकारेश्वर को पांचवें पीठ के रूप में विकसित किए जाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एकात्म धाम एकात्मक का वैश्विक केंद्र पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ यादव को आदि शंकराचार्य जी की प्रतिमा का प्रतीक चिन्ह भेंट की गई। अंत में संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संभागायुक्त श्री दीपक सिंह, आईजी श्री अनुराग, डीआईजी खरगोन रेंज श्री सिद्धार्थ बहुगुणा, कलेक्टर श्री अनूप कुमार सिंह, विधायकगण श्री नारायण पटेल, श्रीमती कंचन मुकेश तनवे तथा श्रीमती छाया मोरे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिंकी सुदेश वानखेडे सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में साधु-संत मौजूद थे।

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