Congress handed responsibility trading of MLAs to DK Shivkumar

कांग्रेस ने विधायकों की खरीद फरोख्त को रोकने की जिम्मेदारी डीके शिवकुमार को सौंपी

 

कांग्रेस ने विधायकों की खरीद फरोख्त को रोकने की जिम्मेदारी डीके शिवकुमार को सौंपी

नई दिल्ली । कांग्रेस के संकट मोचन कहे जाने वाले वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार को कांग्रेस ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। ये वो जिम्मेदारी से जिससे विधायकों की खरीद फरोख्त नहीं हो पाएगी। हाल ही में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस का दावा है कि यहां उनकी सरकार बन रही है। ऐसे में उनके विधायक हाथ से न खिसक जाएं इसका भी ख्याल रखा जा रहा है। यही वजह है कि विधायकों को संभाले रखने का जिम्मा शिवकुमार को सौंपा गया है। हालांकि इससे पहले आए एग्जिट पोल्स के अनुमानों ने सभी दलों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। खबर है कि इन चुनाव नतीजों से पहले ही कांग्रेस अलर्ट मोड में आ गई है और उसने पार्टी के ‘संकटमोचक’ कहे जाने वाले डीके शिवकुमार को एक्टिव भी कर दिया है। इन एग्जिट पोल्स में मध्य प्रदेश में भाजपा, तो छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने का अनुमान लगाया गया है, जबकि राजस्थान और तेलंगाना में कांटे का मुकाबला दिखा।
राजस्थान में जहां कांग्रेस को बीजेपी के खिलाफ थोड़ी बढ़त मिलने का अनुमान है, तो वहीं लगभग सभी एग्जिट पोल्स तेलंगाना में करीब 10 साल बाद कांग्रेस सरकार बनने का दावा कर रहे हैं। हालांकि वह भी सत्ताधारी बीआरएस और विपक्षी कांग्रेस के बीच मुकाबला कांटे का ही दिख रहा है। मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक कांग्रेस आलाकमान ने पार्टी के संकटमोचक रहे और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार को एक्टिव कर दिया है। खबर के मुताबिक, कांग्रेस ने इन दोनों राज्यों में प्रतिद्वंद्वी दलों बीजेपी और बीआरएस की किसी भी संभावित खरीद-फरोख्त की कोशिश को रोकने के लिए डीके शिवकुमार को पार्टी विधायकों की बाड़बंदी का जिम्मा सौंपा है।खबरों के मुताबिक कर्नाटक कांग्रेस से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया है कि शिवकुमार और पार्टी की राज्य इकाई को कांग्रेस विधायकों को रखने के लिए ‘कम से कम 2 से 3 रिसॉर्ट या होटल’ तैयार रखने के लिए कहा है। इसके साथ ही उन्हें कुछ अतिरिक्त होटलों की भी व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विधायकों को भी वहां ठहराया जा सके।
एक अंग्रेजी अखबार वरिष्ठ कांग्रेसी नेता के हवाले से बताया कि अगर कांग्रेस तेलंगाना की 119 सीटों में से 70 सीटें जीतती है, तो विधायकों की बाड़ेबंदी की कोई आवश्यकता नहीं होगी। लेकिन अगर हमारी संख्या 70 से नीचे आती है, तो विधायकों को बेंगलुरु लाया जाएगा।’ वहीं राजस्थान में कांग्रेस और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है, ऐसे में वहां के विधायकों को भी बेंगलुरु लाने की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि डीके शिवकुमार ने पांचों राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने का दावा करते हुए विधायकों की खरीद-फरोख्त की अटकलों से इनकार किया है। एक टीवी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘हमारे राष्ट्रीय और राज्य के नेता बिल्कुल आश्वस्त हैं। किसी कांग्रेस विधायक को खरीदा नहीं जा सकता है।’ इसके साथ ही उन्होंने कहा कि रिसॉर्ट पॉलिटिक्स की बात रहे लोगों की सही जानकारी नहीं है। हालांकि अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, शिवकुमार ने कहा कि आलाकमान और पार्टी जो भी आदेश करेगी, वह उसका ‘पालन’ करेंगे। उन्होंने कहा, ‘हालांकि मुझे विश्वास नहीं है कि एग्जिट पोल के पूर्वानुमान में कोई सच्चाई है। कांग्रेस पांच राज्यों में आराम से बढ़त बनाए हुए है।

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Date : 03 December 2023 Posted By : EDITOR
कांग्रेस ने विधायकों की खरीद फरोख्त को रोकने की जिम्मेदारी डीके शिवकुमार को सौंपी
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कांग्रेस ने विधायकों की खरीद फरोख्त को रोकने की जिम्मेदारी डीके शिवकुमार को सौंपी

नई दिल्ली । कांग्रेस के संकट मोचन कहे जाने वाले वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार को कांग्रेस ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। ये वो जिम्मेदारी से जिससे विधायकों की खरीद फरोख्त नहीं हो पाएगी। हाल ही में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस का दावा है कि यहां उनकी सरकार बन रही है। ऐसे में उनके विधायक हाथ से न खिसक जाएं इसका भी ख्याल रखा जा रहा है। यही वजह है कि विधायकों को संभाले रखने का जिम्मा शिवकुमार को सौंपा गया है। हालांकि इससे पहले आए एग्जिट पोल्स के अनुमानों ने सभी दलों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। खबर है कि इन चुनाव नतीजों से पहले ही कांग्रेस अलर्ट मोड में आ गई है और उसने पार्टी के ‘संकटमोचक’ कहे जाने वाले डीके शिवकुमार को एक्टिव भी कर दिया है। इन एग्जिट पोल्स में मध्य प्रदेश में भाजपा, तो छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने का अनुमान लगाया गया है, जबकि राजस्थान और तेलंगाना में कांटे का मुकाबला दिखा।
राजस्थान में जहां कांग्रेस को बीजेपी के खिलाफ थोड़ी बढ़त मिलने का अनुमान है, तो वहीं लगभग सभी एग्जिट पोल्स तेलंगाना में करीब 10 साल बाद कांग्रेस सरकार बनने का दावा कर रहे हैं। हालांकि वह भी सत्ताधारी बीआरएस और विपक्षी कांग्रेस के बीच मुकाबला कांटे का ही दिख रहा है। मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक कांग्रेस आलाकमान ने पार्टी के संकटमोचक रहे और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार को एक्टिव कर दिया है। खबर के मुताबिक, कांग्रेस ने इन दोनों राज्यों में प्रतिद्वंद्वी दलों बीजेपी और बीआरएस की किसी भी संभावित खरीद-फरोख्त की कोशिश को रोकने के लिए डीके शिवकुमार को पार्टी विधायकों की बाड़बंदी का जिम्मा सौंपा है।खबरों के मुताबिक कर्नाटक कांग्रेस से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया है कि शिवकुमार और पार्टी की राज्य इकाई को कांग्रेस विधायकों को रखने के लिए ‘कम से कम 2 से 3 रिसॉर्ट या होटल’ तैयार रखने के लिए कहा है। इसके साथ ही उन्हें कुछ अतिरिक्त होटलों की भी व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विधायकों को भी वहां ठहराया जा सके।
एक अंग्रेजी अखबार वरिष्ठ कांग्रेसी नेता के हवाले से बताया कि अगर कांग्रेस तेलंगाना की 119 सीटों में से 70 सीटें जीतती है, तो विधायकों की बाड़ेबंदी की कोई आवश्यकता नहीं होगी। लेकिन अगर हमारी संख्या 70 से नीचे आती है, तो विधायकों को बेंगलुरु लाया जाएगा।’ वहीं राजस्थान में कांग्रेस और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है, ऐसे में वहां के विधायकों को भी बेंगलुरु लाने की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि डीके शिवकुमार ने पांचों राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने का दावा करते हुए विधायकों की खरीद-फरोख्त की अटकलों से इनकार किया है। एक टीवी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘हमारे राष्ट्रीय और राज्य के नेता बिल्कुल आश्वस्त हैं। किसी कांग्रेस विधायक को खरीदा नहीं जा सकता है।’ इसके साथ ही उन्होंने कहा कि रिसॉर्ट पॉलिटिक्स की बात रहे लोगों की सही जानकारी नहीं है। हालांकि अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, शिवकुमार ने कहा कि आलाकमान और पार्टी जो भी आदेश करेगी, वह उसका ‘पालन’ करेंगे। उन्होंने कहा, ‘हालांकि मुझे विश्वास नहीं है कि एग्जिट पोल के पूर्वानुमान में कोई सच्चाई है। कांग्रेस पांच राज्यों में आराम से बढ़त बनाए हुए है।

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