Crackdown on Corruption in China Two Former Defence

चीन में भ्रष्टाचार पर प्रहार, दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा

चीन में भ्रष्टाचार पर प्रहार, दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा

बीजिंग । चीन ने अपने सैन्य तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे कठोर कार्रवाई करते हुए दो पूर्व रक्षा मंत्रियों, वेई फेंगहे और ली शांगफू को सस्पेंडेड डेथ सेंटेंस (स्थगित मृत्युदंड) की सजा सुनाई है। सैन्य अदालत द्वारा सुनाया गया यह फैसला न केवल चीन के भीतर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। इन दोनों शीर्ष अधिकारियों को भ्रष्टाचार का दोषी पाते हुए मौत की सजा दी गई है, हालांकि कानून के प्रावधानों के तहत उन्हें दो साल की मोहलत दी जाएगी। यदि इस अवधि के दौरान उनका आचरण संतोषजनक रहता है और कोई नया गंभीर अपराध सामने नहीं आता, तो इस सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया जाएगा, जिसमें पैरोल की कोई गुंजाइश नहीं होगी।
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि वेई फेंगहे को भारी रिश्वत लेने का दोषी पाया गया है, जबकि ली शांगफू पर रिश्वत लेने और देने, दोनों ही संगीन आरोप साबित हुए हैं। सजा के साथ ही इन दोनों पूर्व मंत्रियों के राजनीतिक अधिकार जीवनभर के लिए समाप्त कर दिए गए हैं और उनकी समस्त निजी संपत्ति को जब्त करने का आदेश दिया गया है। वेई फेंगहे 2018 से 2023 तक इस महत्वपूर्ण पद पर रहे, वहीं ली शांगफू का कार्यकाल बेहद संक्षिप्त रहा और वे मार्च से अक्टूबर 2023 तक ही अपनी सेवाएं दे पाए। इन दोनों ही अधिकारियों को जून 2024 में कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित कर उनके सैन्य पद और रैंक पहले ही छीन लिए गए थे। यह कार्रवाई राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा 2012 से चलाई जा रही भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम का हिस्सा है। सैन्य कूटनीति और रक्षा उपकरणों की खरीद में अनियमितताओं के इन आरोपों ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के राजनीतिक वातावरण को गंभीर रूप से प्रभावित किया था। आधिकारिक बयानों में कहा गया कि इन अधिकारियों ने पार्टी के विश्वास को तोड़ा और सैन्य अनुशासन को दूषित किया। चीन में रक्षा मंत्री का पद मुख्य रूप से कूटनीतिक होता है, जबकि वास्तविक सैन्य शक्ति सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के पास होती है, जिसकी कमान स्वयं राष्ट्रपति के हाथों में है। इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि चीन अपने सैन्य ढांचे में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है, चाहे दोषी कितने ही ऊंचे पद पर क्यों न बैठा हो।

×
Date : 09 May 2026 Posted By : EDITOR
चीन में भ्रष्टाचार पर प्रहार, दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा
News Image

चीन में भ्रष्टाचार पर प्रहार, दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा

बीजिंग । चीन ने अपने सैन्य तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे कठोर कार्रवाई करते हुए दो पूर्व रक्षा मंत्रियों, वेई फेंगहे और ली शांगफू को सस्पेंडेड डेथ सेंटेंस (स्थगित मृत्युदंड) की सजा सुनाई है। सैन्य अदालत द्वारा सुनाया गया यह फैसला न केवल चीन के भीतर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। इन दोनों शीर्ष अधिकारियों को भ्रष्टाचार का दोषी पाते हुए मौत की सजा दी गई है, हालांकि कानून के प्रावधानों के तहत उन्हें दो साल की मोहलत दी जाएगी। यदि इस अवधि के दौरान उनका आचरण संतोषजनक रहता है और कोई नया गंभीर अपराध सामने नहीं आता, तो इस सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया जाएगा, जिसमें पैरोल की कोई गुंजाइश नहीं होगी।
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि वेई फेंगहे को भारी रिश्वत लेने का दोषी पाया गया है, जबकि ली शांगफू पर रिश्वत लेने और देने, दोनों ही संगीन आरोप साबित हुए हैं। सजा के साथ ही इन दोनों पूर्व मंत्रियों के राजनीतिक अधिकार जीवनभर के लिए समाप्त कर दिए गए हैं और उनकी समस्त निजी संपत्ति को जब्त करने का आदेश दिया गया है। वेई फेंगहे 2018 से 2023 तक इस महत्वपूर्ण पद पर रहे, वहीं ली शांगफू का कार्यकाल बेहद संक्षिप्त रहा और वे मार्च से अक्टूबर 2023 तक ही अपनी सेवाएं दे पाए। इन दोनों ही अधिकारियों को जून 2024 में कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित कर उनके सैन्य पद और रैंक पहले ही छीन लिए गए थे। यह कार्रवाई राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा 2012 से चलाई जा रही भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम का हिस्सा है। सैन्य कूटनीति और रक्षा उपकरणों की खरीद में अनियमितताओं के इन आरोपों ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के राजनीतिक वातावरण को गंभीर रूप से प्रभावित किया था। आधिकारिक बयानों में कहा गया कि इन अधिकारियों ने पार्टी के विश्वास को तोड़ा और सैन्य अनुशासन को दूषित किया। चीन में रक्षा मंत्री का पद मुख्य रूप से कूटनीतिक होता है, जबकि वास्तविक सैन्य शक्ति सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के पास होती है, जिसकी कमान स्वयं राष्ट्रपति के हाथों में है। इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि चीन अपने सैन्य ढांचे में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है, चाहे दोषी कितने ही ऊंचे पद पर क्यों न बैठा हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Releated

Madhya Pradesh CM Dr. Mohan Yadav hails ‘Prahaar-Karta’ Ujjwal Nikam, says Prahaar mirrors his legacy of courage.

📰 Generate e-Paper Clip Madhya Pradesh CM Dr. Mohan Yadav hails ‘Prahaar-Karta’ Ujjwal Nikam, says Prahaar mirrors his legacy of courage. Mumbai: In a special video call, Madhya Pradesh Chief Minister Dr. Mohan Yadav extended his warm wishes to Padma Shri Ujjwal Nikam on Prahaar: The Untold Story of Ujjwal Nikam, the film bringing the […]

दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको पर हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला

📰 Generate e-Paper Clip दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको पर हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला,  रूस-चीन कर रहे युद्धविराम की कोशिश रियाद। सऊदी अरब में विश्व की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको के दाहरान स्थित मुख्यालय पर मंगलवार देर रात हुए हूती के बैलेस्टिक मिसाइल हमले में उसे भारी नुकसान हुआ है। हमले […]