ministers in MPHome and Public Relations CM Dr Mohan Yadav

MP में मंत्रियों को विभागों का बंटवारा: CM डॉ. मोहन यादव ने गृह और जनसंपर्क अपने पास रखा, विजयवर्गीय को नगरीय प्रशासन

 

MP में मंत्रियों को विभागों का बंटवारा: CM डॉ. मोहन यादव ने गृह और जनसंपर्क अपने पास रखा, विजयवर्गीय को नगरीय प्रशासन

Bhopal : मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव मंत्रिमंडल विस्तार के 5 दिन बाद मंत्रियों को विभागों का बंटवारा हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सामान्य प्रशासन, गृह, जेल, उद्योग नीति एवं निवेश, जनसंपर्क और खनिज जैसे अहम विभाग अपने पास रखे हैं। कैलाश विजयवर्गीय को नगरीय प्रशासन और संसदीय कार्य विभाग का जिम्मा मिला है। प्रहलाद पटेल को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मिला है। डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा को वित्त, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला को लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा दिया गया है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कैबिनेट विस्तार के बाद विभागों को बंटवारा कर दिया है। सीएम मोहन यादव ने अपने पास गृह मंत्रालय रखा है, जबकि उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा वित्त मंत्रालय, राजेंद्र शुक्ल को स्वास्थ्य मंत्रालय सौंपा गया है। वहीं, कैलाश विजयवर्गीय को नगरीय विकास और संसदीय कार्य मंत्रालय, प्रह्लाद पटेल को पंचायत एवं ग्रामीण मंत्रालय, राकेश सिंह को पीडब्ल्यूडी मंत्रालय, उदय प्रताप सिंह को परिवहन, स्कूल शिक्षा, विश्वास सारंग को खेल मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया है। बता दें कि मध्य प्रदेश में 25 दिसंबर को कैबिनेट विस्तार हुआ था। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय समेत 28 विधायकों को सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाले मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। कुल 18 विधायकों ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली, जबकि 10 अन्य ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली, जिनमें छह स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री शामिल हैं।
राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने नए शामिल लोगों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। नई कैबिनेट में 17 नए चेहरे शामिल हैं। भाजपा के एक पदाधिकारी ने कहा कि 28 मंत्रियों में से पांच महिलाएं हैं, 12 ओबीसी समुदाय से हैं, पांच आदिवासी हैं और चार अन्य अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग से हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के चार वफादारों को भी नई मंत्रिपरिषद में जगह मिली है।
राज्य में जिन विधायकों को कैबिने मंत्री के तौर पर पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई उनमें विजय शाह, कैलाश विजयवर्गीय, प्रह्लाद पटेल, करण सिंह वर्मा, राकेश सिंह, उदय प्रताप सिंह , संपतिया उइके, तुलसीराम सिलावट, ऐदल सिंह कंसाना, गोविंद सिंह राजपूत, विश्वास सारंग, निर्मला भूरिया, नारायण सिंह कुशवाहा, नागर सिंह चौहान, प्रद्युम्न सिंह तोमर, राकेश शुक्ला, चैतन्य कश्यप और इंदर सिंह परमार शामिल हैं । वहीं स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों में कृष्णा गौर, धर्मेंद्र लोधी, दिलीप जयसवाल, गौतम टेटवाल, लाखन पटेल और नारायण सिंह पवार शामिल हैं।
राज्य मंत्री पद की शपथ लेने वाले विधायकों में नरेंद्र शिवाजी पटेल, प्रतिमा बागरी, दिलीप अहिरवार और राधा सिंह शामिल हैं। यादव के मंत्रिमंडल में दो कैबिनेट रैंक संपतिया उइके और निर्मला भूरिया तीन राज्य मंत्री कृष्णा गौर, प्रतिमा बागरी और राधा सिंह समेत कुल पांच महिलाओं को शामिल किया गया। इस विधानसभा चुनाव में इंदौर-1 सीट से विधायक चुने गए विजयवर्गीय राष्ट्रीय राजनीति में शामिल होने के लिए इस्तीफा देने से पहले 2004 से 2016 तक भाजपा सरकार में मंत्री रहे थे। उन्होंने 2018 में विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल नरसिंहपुर सीट से पहला विधानसभा चुनाव जीता है। भाजपा सचिव रजनीश अग्रवाल ने बताया कि नए मंत्रिमंडल में शामिल किए गए 28 विधायकों में से 17 नए चेहरे हैं जबकि 11 अन्य लोग अतीत में विभिन्न अवधियों में मध्यप्रदेश में मंत्री रह चुके हैं।
पूर्व मंत्रियों में विजयवर्गीय के अलावा विजय शाह, करण सिंह वर्मा, तुलसीराम सिलावट, ऐदल सिंह कंसाना, गोविंद राजपूत, नारायण सिंह कुशवाह, विश्वास सारंग, प्रद्युम्न सिंह तोमर, इंदर सिंह परमार और निर्मला भूरिया शामिल हैं। इनमें नारायण सिंह कुशवाह पूर्व में राज्य मंत्री रह चुके हैं। वह पिछला 2018 विधानसभा चुनाव हार गए थे। करण सिंह वर्मा 2004 से 2013 तक मंत्री रहे।
नए मंत्रिमंडल में ज्योतिरादित्य सिंधिया के चार वफादार- ऐदल सिंह कंसाना, गोविंद राजपूत, प्रद्युम्न सिंह तोमर और तुलसीराम सिलावट शामिल हैं। ये कांग्रेस के उन 22 विधायकों में से थे, जो मार्च 2020 में भाजपा में शामिल हो गए थे जिसके बाद प्रदेश की कमलनाथ सरकार गिर गई थी। रजनीश अग्रवाल ने कहा कि नए मंत्रिमंडल में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के 12 सदस्य, अनुसूचित जनजाति (एसटी) के पांच जबकि अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय के चार सदस्य शामिल हैं। उन्होंने कहा, “यह ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ को सिद्ध करने का एक प्रयास है।”
मुख्यमंत्री (मोहन यादव) और दो उपमुख्यमंत्रियों (राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा) समेत मंत्रिमंडल की कुल संख्या अब 31 हो गई है। 230 विधायकों वाले मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद की अधिकतम संख्या 35 हो सकती है। पिछले महीने हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने तीन केंद्रीय मंत्रियों समेत सात सांसदों को मैदान में उतारा था। इनमें से केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते और सतना सांसद गणेश सिंह समेत दो को हार का सामना करना पड़ा। पूर्व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है।

 

 

 

 

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