Ek Badnaam Aashram Season 3 Part 2 Amazon MX Player

Amazon MX Player: अमेज़न एमएक्स प्लेयर प्रस्तुत  ‘एक बदनाम आश्रम’ का नया महा-संग्राम! देखिए ट्रेलर यहाँ!

Amazon MX Player: अमेज़न एमएक्स प्लेयर प्रस्तुत  ‘एक बदनाम आश्रम’ का नया महा-संग्राम! देखिए ट्रेलर यहाँ! प्रीमियर 27 फरवरी को

~ दर्शक इस रोमांचक सीरीज को हिंदी, तेलुगु, तमिल और बंगाली में उपलब्ध डब संस्करणों के साथ देख सकते हैं ~ 

Ek Badnaam Aashram Season 3 Part 2 Amazon MX Player

https://www.youtube.com/watch?v=kearAm1BtKs

मुंबई : इंतजार आखिरकार खत्म हुआ! भारत की सबसे चर्चित थ्रिलर ड्रामा सीरीज़ “एक बदनाम आश्रम” एक्शन से भरपूर सीजन 3 पार्ट 2 के साथ वापस आ रही है, जिसका प्रीमियर 27 फरवरी को विशेष रूप से अमेज़न एमएक्स प्लेयर, अमेज़न की मुफ्त वीडियो स्ट्रीमिंग सेवा पर किया जाएगा। आज स्ट्रीमिंग सेवा ने शो के नए सीजन का एक ऊर्जा से भरपूर ट्रेलर जारी किया, जो दर्शकों को आश्रम की उसी रहस्यमयी और सस्पेंस से भरी दुनिया में वापस ले जाएगा, जहां सत्ता, वफादारी और बदले की भावना अप्रत्याशित रूप से टकराती हैं। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता प्रकाश झा द्वारा निर्देशित और निर्मित इस शो में बॉबी देओल मुख्य भूमिका में हैं, साथ ही आदिति पोहनकर, दर्शन कुमार, चंदन रॉय सान्याल, विक्रम कोचर, त्रिधा चौधरी, अनुप्रिया गोयनका, राजीव सिद्धार्थ, और ईशा गुप्ता भी अहम किरदार निभाते नजर आएंगे। इस शो को विमल द्वारा प्रस्तुत किया गया है, और लक्ज़ नाइट्रो, लाहौरी ज़ीरा का सहयोग प्राप्त है, जबकि केईआई वायर एंड केबल्स विशेष भागीदार के रूप में जुड़े हैं।
ट्रेलर में बाबा निराला के साम्राज्य में संबंध खराब होते हुए नज़र आ रहे हैं। उनके करीबी सहयोगियों के साथ बढ़ता तनाव, पम्मी की निडर वापसी और भोपा स्वामी की सत्ता की भूख इस कहानी को और भी रोमांचक बना रही है। न्याय की डोर बेहद कमजोर पड़ चुकी है, और एक बदनाम आश्रम सीजन 3 – पार्ट 2 इस रोमांचकारी कहानी को और गहराई से पेश करेगा, जहां दिमाग के खेल, बदलते गठबंधन और वो काली सच्चाइयाँ सामने आएंगी, जिन पर यह आश्रम टिका हुआ है। लेकिन जैसे-जैसे ये रिश्ते कमजोर होने लगते हैं, क्या बाबा निराला अपने साम्राज्य को बचाने का कोई नया तरीका ढूंढ पाएंगे, या फिर यह उनके पतन की शुरुआत होगी?
अमेज़न एमएक्स प्लेयर के हेड ऑफ़ कंटेंट अमोघ दुसाद ने नए सीज़न पर अपने विचार साझा करते हुए कहा, ” एक बदनाम आश्रम भारत की सबसे बड़ी सीरीज़ है, जिसने अपनी अनोखी कहानी और दमदार किरदारों से बड़े पैमाने पर प्रशंसक बना लिए है। बॉबी देओल के दमदार नेतृत्व, बेहतरीन कलाकारों की टुकड़ी और प्रकाश झा के शानदार निर्देशन के साथ, हम दर्शकों को अमेज़न एमएक्स प्लेयर पर आश्रम की इस नई रोमांचक कहानी से रूबरू कराने के लिए बेहद उत्साहित हैं।”
अपने किरदार और भूमिका पर विचार करते हुए, बॉबी देओल ने कहा, “बाबा निराला खुद को अजेय मानते हैं और उनकी सत्ता को कोई चुनौती नहीं दे सकता – लेकिन सत्ता की सबसे बड़ी सच्चाई यही है कि यह कभी स्थायी नहीं होती। इस सीजन में वह अब तक की सबसे कमजोर स्थिति में हैं, लेकिन यही कमजोरी उन्हें और भी खतरनाक बना देती है। उनके हर फैसले से उनके किरदार के बारे में और गहराई से पता चलता हैं, जिससे कहानी और भी रोमांचक बन जाती है। यह एक भावनात्मक रूप से गहन और एक्शन से भरपूर सफर है, और मैं दर्शकों को इसका अनुभव कराने के लिए बेहद उत्साहित हूं।”
पुरस्कार विजेता निर्माता और निर्देशक प्रकाश झा ने नए सीज़न पर अपने विचार साझा करते हुए कहा, “एक बदनाम आश्रम का हर नया सीज़न बाबा निराला की काली दुनिया की एक और राज खोलता है! इस बार की कहानी एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है—जहां सत्ता की बुनियादें हिलने लगती हैं, खेल के नियम बदल जाते हैं, और कोई भी सुरक्षित नहीं है। यह गहरे संघर्षों, विश्वासघात और असीमित सत्ता की लालसा की ऐसी रोमांचक दास्तान है, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखेगी।”
एक बदनाम आश्रम सीजन 3 – भाग 2, 27 फरवरी से विशेष रूप से अमेज़न एमएक्स प्लेयर पर मुफ्त में स्ट्रीम होगा, जो मोबाइल पर इसके ऐप, अमेज़न के शॉपिंग ऐप, प्राइम वीडियो, फायर टीवी और कनेक्टेड टीवी के माध्यम से देखा जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Releated

Somy Ali: “Students Have Every Right to Demand Fairness, But Real Solutions Matter More Than Political Theatre”

Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱Somy Ali: “Students Have Every Right to Demand Fairness, But Real Solutions Matter More Than Political Theatre” Mumbai: Former actor and humanitarian Somy Ali has voiced her support for students seeking fairness in competitive examinations, while stressing that genuine concerns should lead to meaningful reforms rather than political spectacle. Sharing […]