Fire engulfs eight 35-story buildings in Hong Kong, 40

हॉन्गकॉन्ग में 35 मंजिल वाली 8 इमारतों में लगी आग, 40 की जलकर मौत, 280 लापता

हॉन्गकॉन्ग में 35 मंजिल वाली 8 इमारतों में लगी आग, 40 की जलकर मौत, 280 लापता

विक्टोरिया । हॉन्गकॉन्ग के उत्तरी ताई पो जिले में बड़ा हादसा हो गया है। यहां लगी आग में 40 से ज्यादा लोग जलकर राख हो गए वहीं 280 लोग लापता हैं। उत्तरी ताई पो जिले में बुधवार को एक 35 मंजिला रिहायशी कॉम्प्लेक्स की इमारतों में आग लग गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस हादसे में 40 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 15 लोग घायल हैं। इसके अलावा 280 लोग लापता हैं। आग कम से कम 8 इमारतों तक फैल गई थी। अब तक सिर्फ 1 इमारत में लगी आग पर काबू पाया जा सका है। वांग फुक कोर्ट के ये टावर बांस की मचान से ढके हुए थे। हान्गकान्ग में निर्माण और मरम्मत कार्यों में बांस की मचान का बहुत ज्यादा इस्तेमाल होता है। ऐसा माना जा रहा है कि इसकी वजह से आग तेजी से फैली।
वांग फुक कोर्ट न्यू टेरिटरीज के ताई पो इलाके में बना एक हाउसिंग कॉम्प्लेक्स है, जहां इस समय मरम्मत और नवीनीकरण का काम चल रहा है। इस एस्टेट में 1,984 फ्लैट हैं और यहां करीब 4,000 लोग रहते हैं।
हॉन्गकॉन्ग सरकार ने कहा है कि वांग फुक कोर्ट कॉम्प्लेक्स में लगी आग के बाद अस्थायी शेल्टर खोले गए हैं। ये शेल्टर क्वॉन्ग फुक कम्युनिटी हॉल और तुंग चेओंग स्ट्रीट लीजर बिल्डिंग में बनाए गए हैं। इसके अलावा ऐलिस हो मियू लिंग नेथरसोले अस्पताल में एक हेल्प डेस्क बनाया गया है, ताकि लोगों को मदद और जानकारी दी जा सके। सरकार ने कहा कि ताई पो जिला कार्यालय हालात पर कड़ी नजर रख रहा है और जरूरत होने पर और शेल्टर खोले जाएंगे। फायर विभाग ने बताया कि मरने वालों में एक फायरफाइटर भी शामिल है। विभाग ने रॉयटर्स को बताया कि यह पता नहीं चल पाया है कि कॉम्प्लेक्स के अंदर कितने लोग अभी भी फंसे हो सकते हैं। पुलिस ने बताया कि कई लोग अब भी टावरों में फंसे हुए हैं।
हॉन्गकॉन्ग में 17 साल की सबसे बड़ी आग
हान्ग​​​​​कान्ग में नंबर-5 अलार्म वाली आग इससे पहले 2008 में कॉर्नवाल कोर्ट में लगी थी। मोंग कोक के इस कराओके बार और नाइट क्लब में लगी भीषण आग में चार लोगों की मौत हुई थी, जिनमें दो फायरफाइटर भी शामिल थे। इस घटना में 55 लोग घायल हो गए थे।
बांस के इस्तेमाल पर धीरे-धीरे रोक लगा रही सरकार
ऊंची इमारतों वाला यह कॉम्प्लेक्स बांस की मचान (बांस स्कैफोल्डिंग) से ढका हुआ है। बांस का यह मचान स्टील स्कैफोल्डिंग का एक विकल्प है, जिसे निर्माण कार्य में इसलिए ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि यह हल्की और बहुत मजबूत होती है। इसे ले जाना और ऊंचाई तक पहुंचाना आसान होता है। बांस की लंबी पोलें आसानी से जोड़ी जा सकती हैं, जिससे बड़ी इमारतों के चारों तरफ मचान जल्दी खड़ी हो जाती है। हॉन्गकॉन्ग बांस के मचान के उपयोग के लिए दुनियाभर में मशहूर है। इसे बनाने के लिए बांस की लंबी पोलों को नायलॉन फास्टनर से बांधकर खड़ा किया जाता है।स्टील की मचान की तुलना में यह सस्ता विकल्प होता है। हालांकि बांस में अगर एक बार आग लग जाए तो यह जल्दी जलता है और लपटें तेजी से ऊपर की ओर फैलती हैं। यही वजह है कि सरकार का डेवलपमेंट ब्यूरो सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए बांस के मचान के इस्तेमाल को धीरे-धीरे खत्म करने की कोशिश कर रहा है।

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