Gaganyaan programme planned to be launched in 2027 ISRO

गगनयान कार्यक्रम को 2027 में शुरू करने की योजना : इसरो

गगनयान कार्यक्रम को 2027 में शुरू करने की योजना : इसरो

नई दिल्ली । भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष वी नारायणन ने कहा है कि इसरो 2027 में निर्धारित अपने महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन के पहले मानवरहित मिशन की दिशा में काम कर रहा है। गगनयान मिशन भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम है, इसपर वर्तमान में काम हो रहा है। इसका उद्देश्य तीन सदस्यीय दल को तीन दिवसीय अंतरिक्ष मिशन पर भेजना और उन्हें सुरक्षित रूप से धरती पर वापस लाना है।
इसरो प्रमुख ने कहा, गगनयान कार्यक्रम को 2027 में शुरू करने की योजना है। इसके पहले तीन मानवरहित मिशन की योजना बनाई गई है। हम पहले मानवरहित मिशन की दिशा में काम कर रहे हैं। नारायणन ने कहा कि वर्तमान में वैज्ञानिक इस मिशन की सफलता के लिए कई परीक्षण करने में लगे हुए हैं।
उन्होंने कहा, कई परीक्षण इस लेकर जारी हैं। आप जानते हैं कि गगनयात्रा की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए हमें बहुत सावधानी बरतनी होगी। हमें हर प्रणाली की गुणवत्ता की जांच करनी होगी। रॉकेट प्रणाली में हमें शत प्रतिशत अंक प्राप्त करने है। नारायणन ने कहा, हमारा लक्ष्य (गगनयान की सफलता) है। हमें इस मिशन को बेहतरीन तरीके से करना है। हम उसी दिशा में काम कर रहे हैं। पीएसएलवी-सी62 मिशन के बारे में उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक मिशन में हर चीज का अध्ययन कर रहे हैं ताकि सबकुछ ठीक तरीके से किया जा सके। 12 जनवरी को प्रक्षेपण के बाद रॉकेट के तीसरे चरण में गड़बड़ी आ गई थी जिसके बाद वैज्ञानिकों ने मिशन का विस्तृत विश्लेषण शुरू किया है।
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Date : 01 February 2026 Posted By : EDITOR
गगनयान कार्यक्रम को 2027 में शुरू करने की योजना : इसरो
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गगनयान कार्यक्रम को 2027 में शुरू करने की योजना : इसरो

नई दिल्ली । भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष वी नारायणन ने कहा है कि इसरो 2027 में निर्धारित अपने महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन के पहले मानवरहित मिशन की दिशा में काम कर रहा है। गगनयान मिशन भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम है, इसपर वर्तमान में काम हो रहा है। इसका उद्देश्य तीन सदस्यीय दल को तीन दिवसीय अंतरिक्ष मिशन पर भेजना और उन्हें सुरक्षित रूप से धरती पर वापस लाना है।
इसरो प्रमुख ने कहा, गगनयान कार्यक्रम को 2027 में शुरू करने की योजना है। इसके पहले तीन मानवरहित मिशन की योजना बनाई गई है। हम पहले मानवरहित मिशन की दिशा में काम कर रहे हैं। नारायणन ने कहा कि वर्तमान में वैज्ञानिक इस मिशन की सफलता के लिए कई परीक्षण करने में लगे हुए हैं।
उन्होंने कहा, कई परीक्षण इस लेकर जारी हैं। आप जानते हैं कि गगनयात्रा की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए हमें बहुत सावधानी बरतनी होगी। हमें हर प्रणाली की गुणवत्ता की जांच करनी होगी। रॉकेट प्रणाली में हमें शत प्रतिशत अंक प्राप्त करने है। नारायणन ने कहा, हमारा लक्ष्य (गगनयान की सफलता) है। हमें इस मिशन को बेहतरीन तरीके से करना है। हम उसी दिशा में काम कर रहे हैं। पीएसएलवी-सी62 मिशन के बारे में उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक मिशन में हर चीज का अध्ययन कर रहे हैं ताकि सबकुछ ठीक तरीके से किया जा सके। 12 जनवरी को प्रक्षेपण के बाद रॉकेट के तीसरे चरण में गड़बड़ी आ गई थी जिसके बाद वैज्ञानिकों ने मिशन का विस्तृत विश्लेषण शुरू किया है।
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