प्रधानमंत्री कार्यालय की नई इमारत ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन, मोदी बोले- नया भारत नई सोच के साथ आगे बढ़ेगा
प्रधानमंत्री कार्यालय की नई इमारत ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन, मोदी बोले- नया भारत नई सोच के साथ आगे बढ़ेगा
PM ने नए ऑफिस में कई फाइलों पर साइन किए
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) सहित केंद्र के मंत्रालयों के लिए बने ‘सेवा तीर्थ’ बिल्डिंग कॉम्पलेक्स का अनावरण कर दिया। नए पीएमओ ऑफिस को इसी कॉम्पलेक्स में शिफ्ट हो रहा है। बात दें कि सेवा तीर्थ का अर्थ है “सेवा का स्थान।” पहले इस कॉम्पलेक्स को ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ कहा जाता था, लेकिन बाद में 2 दिसंबर 2025 को सेवा तीर्थ नाम दिया गया। यह नई दिल्ली के दारा शिकोह रोड पर स्थित है और करीब 2.26 लाख वर्ग फीट (5 एकड़) में फैला हुआ है। इस कॉम्पलेक्स को देश की नामी कंपनी एल एंड टी कंपनी ने 1189 करोड़ में तैयार किया है। बात दें कि कर्तव्य भवन-1 और 2 में केंद्र सरकार के मंत्रालयों के नए ऑफिस बनाए गए है। वर्तमान में पीएमओ और मंत्रालयों के ऑफिस नई दिल्ली स्थित सचिवालय बिल्डिंग के नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में है। ये दोनों इमारतें करीब 78 सालों से देश की सत्ता का केंद्र रही हैं। सेवा तीर्थ कॉम्पलेक्स में तीन इमारतें हैं सेवा तीर्थ-1, सेवा तीर्थ-2 और सेवा तीर्थ-3 है। सेवा तीर्थ-1 में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) है।
सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का ऑफिस है। यह सभी ऑफिस पहले अलग-अलग जगहों पर थे। कैबिनेट सचिवालय सितंबर 2025 में ही सेवा तीर्थ-2 में शिफ्ट हो चुका है।
नए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के नजदीक ही प्रधानमंत्री का नया आवास भी बन रहा है। इसके तैयार होने के बाद प्रधानमंत्री 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित मौजूदा आवास से नए आवास में शिफ्ट हो जाएंगे। हालांकि, अभी इसकी तारीख सामने नहीं आई है।
नए ऑफिस आते ही पीएम मोदी ने किया बड़ा ऐलान
वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने नए पीएमओ परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में ट्रांसफर होने के बाद अपने पहले ही फैसलों में समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर कई महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी। इन फैसलों को “सेवा की भावना” से जुड़ा बताया गया है, जिनका सीधा असर किसानों, महिलाओं, युवाओं और कमजोर वर्गों पर पड़ेगा। प्रधानमंत्री ने पीएम राहत योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत सड़क या अन्य दुर्घटनाओं के पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि समय पर उपचार न मिलने के कारण किसी की जान न जाए।
वहीं मोदी सरकार ने मार्च 2027 की समयसीमा से पहले ही 3 करोड़ लखपति दीदियों का लक्ष्य हासिल किया है। अब प्रधानमंत्री मोदी ने मार्च 2029 तक लक्ष्य को बढ़ाकर 6 करोड़ लखपति दीदियों तक पहुंचाने का नया और महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इससे महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कृषि अवसंरचना कोष का बजट 1 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसका उद्देश्य भंडारण, आपूर्ति श्रृंखला और कृषि मूल्य श्रृंखला को सशक्त बनाना है। नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ मंजूरी दी गई है। यह पहल खासकर डीप टेक, उन्नत विनिर्माण और नई तकनीकों के क्षेत्र में स्टार्टअप्स को समर्थन देगी। इन निर्णयों के साथ, सेवा तीर्थ से पीएम मोदी के पहले कदमों को व्यापक सामाजिक और आर्थिक प्रभाव वाला बताया जा रहा है, जो देश की विकास यात्रा को नई दिशा दे सकते हैं।

