मध्यप्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई ‘CM यंग इंटर्न फॉर गुड गवर्नेंस’ योजना लॉन्च , युवाओं को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई ‘CM यंग इंटर्न फॉर गुड गवर्नेंस’ योजना लॉन्च , युवाओं को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म
बदलेगी एमपी (MP) के बेरोजगारों की किस्मत! हर ब्लॉक से चुने जाएंगे 15 ‘CM इंटर्न’, सीधे मुख्यमंत्री को देंगे रिपोर्ट
प्रदेश में सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति जानने के लिए राज्य सरकार ‘सीएम यंग इंटर्न फॉर गुड गवर्नेंस’ कार्यक्रम शुरू करेगी। कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई।
भोपाल: CM Young Intern Programme: मध्यप्रदेश सरकार ने योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और युवाओं को अवसर देने के लिए एक नई पहल शुरू की है. ‘सीएम यंग इंटर्न फॉर गुड गवर्नेंस प्रोग्राम’ के तहत प्रदेश के हर विकासखंड से 15 युवाओं का चयन किया जाएगा. इस योजना के माध्यम से पूरे राज्य से करीब 4865 युवाओं को जोड़ा जाएगा और उन्हें सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी की जिम्मेदारी दी जाएगी. चयनित युवा सीधे मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों को अपनी रिपोर्ट भेजेंगे. इस पहल से जहां युवाओं को अनुभव और मानदेय मिलेगा, वहीं सरकार को योजनाओं के जमीनी हालात की सटीक जानकारी भी मिल सकेगी.
मध्यप्रदेश सरकार ने एक नई पहल की है. सरकार ने ‘सीएम यंग इंटर्न फॉर गुड गवर्नेंस प्रोग्राम’ शुरू करने का फैसला किया है, जिसे हाल ही में 10 मार्च को हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई है.
हर विकासखंड से चुने जाएंगे 15 युवा
इस योजना के तहत प्रदेश के हर विकासखंड से 15 युवाओं का चयन किया जाएगा. इस तरह पूरे राज्य से करीब 4865 युवाओं को इस कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा. इन युवाओं का काम सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति को समझना और उसका फीडबैक सरकार तक पहुंचाना होगा.
युवाओं को मिलेगा मानदेय और अनुभव
इस कार्यक्रम में चयनित युवाओं को हर महीने 10 हजार रुपये का मानदेय दिया जाएगा. इसके साथ ही उन्हें सरकारी योजनाओं को करीब से समझने और प्रशासनिक व्यवस्था को जानने का भी मौका मिलेगा, जो उनके करियर के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है.इस योजना में युवाओं का चयन अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण स्कूल के माध्यम से किया जाएगा. चयनित युवाओं के साथ एक साल का कॉन्ट्रैक्ट किया जाएगा, जिसे जरूरत पड़ने पर अधिकतम तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है. बताया जा रहा है कि इस पूरी योजना पर सरकार करीब 170 करोड़ रुपये खर्च कर सकती है.
सीधे मुख्यमंत्री को भेजेंगे रिपोर्ट
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि चयनित इंटर्न सीधे मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों को अपनी रिपोर्ट भेजेंगे. ये युवा मैदान में जाकर योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी जुटाएंगे और फिर अपनी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करेंगे. इससे सरकार को जमीनी स्तर पर योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिलती रहेगी.
युवाओं ने बताया ‘एक पंथ दो काज’
बालाघाट के आर्यन मेश्राम का कहना है कि यह योजना सरकार का अच्छा कदम है. इससे बेरोजगार युवाओं को रोजगार भी मिलेगा और सरकारी योजनाओं के बारे में लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी. वहीं युवा महेंद्र साहू का कहना है कि इस स्कीम से युवाओं को सीखने का मौका मिलेगा और सरकारी योजनाओं को समझने का भी अनुभव मिलेगा. कई युवाओं का मानना है कि अगर योजनाओं की रिपोर्ट सीधे सरकार तक पहुंचेगी तो सुधार के काम तेजी से होंगे और ज्यादा से ज्यादा लोगों को योजनाओं का लाभ मिल सकेगा.
