jet airways : जेट एयरवेज के फाउंडर नरेश गोयल गिरफ्तार: 538 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी
ईडी का एक्शन, केनरा बैंक ने की थी शिकायत
New Delhi: बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जेट एयरवेज (इंडिया) लिमिटेड के फाउंडर नरेश गोयल को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। उन पर 538 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप है। 74 साल के गोयल को आज (2 सितंबर) स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश किया जाएगा। ED उनकी हिरासत की मांग करेगी। गोयल को शुक्रवार को ED के मुंबई ऑफिस में पूछताछ के लिए तलब किया गया। लंबी पूछताछ के बाद उन्हें प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया गया। इससे पहले दो बार ED के बुलाने पर वे पेश नहीं हुए थे। यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की ओर से इस साल मई में दर्ज की गई एक FIR पर आधारित है। इस केस में नरेश गोयल की पत्नी अनिता, जेट एयरवेज एयरलाइन के डायरेक्टर रहे गौरंग आनंद शेट्टी और कुछ अन्य लोग भी आरोपियों में शामिल हैं।
पूरा मामला
दरअसल, केनरा बैंक ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। FIR में बताया गया था कि 848.86 करोड़ रुपए की क्रेडिट लिमिट और लोन सेंशन किए थे, जिसमें से 538.62 करोड़ रुपए बकाया हैं। CBI ने 5 मई को गोयल के मुंबई स्थित ऑफिस सहित 7 ठिकानों की तलाशी ली थी। कार्रवाई में नरेश गोयल, उनकी पत्नी अनीता गोयल और एयरलाइन के पूर्व निदेशक गौरांग आनंद शेट्टी के आवासों और कार्यालयों पर छापे मारे गए थे। CBI की FIR के आधार पर ED ने 19 जुलाई को गोयल पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। तब ED ने भी गोयल और उनके साथियों के ठिकानों पर छापेमारी कर तलाशी ली थी। इसके बाद अब कार्रवाई की है।
बैंक का आरोप- पैसों की हेराफेरी की गई
बैंक ने आरोप लगाया कि कंपनी के फोरेंसिक आडिट से पता चला कि उसने कुल कमीशन खर्चों में से ”संबंधित कंपनियों” को 1,410.41 करोड़ रुपए का भुगतान किया। इस तरह यह धन कंपनी से निकाल लिया गया। इसमें कहा गया कि गोयल परिवार के कर्मचारियों के वेतन, फोन बिल और वाहन खर्च जैसे निजी खर्चों का भुगतान जेट की सहायक कंपनी जेट लाइट (इंडिया) यानी JIL से किया गया था। इन आरोपों के अलावा, फारेंसिक आडिट में यह सामने आया कि JIL के माध्यम से एडवांस पेमेंट और इन्वेस्टमेंट के जरिए पैसों की हेराफेरी की गई। विवादों में फंसने के बाद से जेट एयरवेज के मामलों की कई एजेंसियां जांच कर रही हैं। इनमें ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स और एसएफआईओ शामिल हैं।
