Movie Review O Romeo A thrilling world of love and revenge

मूवी रिव्यू: इश्क और बदले की रोमांचक दुनिया ओ रोमियो –

मूवी रिव्यू: इश्क और बदले की रोमांचक दुनिया ओ रोमियो – O’Romeo

ऐक्टर:शाहिद कपूर,तृप्ति डिमरी,नाना पाटेकर,अविनाश तिवारी,तमन्ना भाटिया,दिशा पाटनी,फरीदा जलाल,हुसैन दलाल,अरुणा ईरानी
डायरेक्टर :विशाल भारद्वाज

रेटिंग 3/5

‘ओ रोम‍ियो’ की कहानी

UNN@ वर्षा पारीख। पहले सीन में ही ‘धक धक करने लगा’ की बीट पर उस्तरा (शाहिद कपूर) की धमाकेदार एंट्री होती है, और फिल्म का डार्क टोन सेट हो जाता है। उस्तरा वो खतरनाक सुपारी किलर है, जो अपने निशाने के शरीर से आत्मा अलग कर देता है। जिस सफाई से वह उस्तरे पर हाथ नचाता है, उसी शानदार अंदाज में ठुमके भी लगाता है। लेकिन उसकी धुन तय करते हैं, खान साहब (नाना पाटेकर)। आईबी के पुलिस अधिकारी खान साहब उस्तरे को दूसरे गैंगस्टर्स का सफाया करने के लिए इस्तेमाल करते हैं। लेकिन तभी इस दिलफेंक मनचले की जिंदगी में एंट्री लेती है अफशां (तृप्ति डिमरी)। अफशां को बदला लेना है। वह उस्‍तरा के पास आती तो खूंखार गैंगस्टर जलाल (अविनाश तिवारी) और उसके तीन साथियों की सुपारी लेकर है, लेकिन उसे रोमियो बना जाती है। अब कहानी में ऐसा क्यों होता है? अफशां क्यों जलाल को मारना चाहती है? ये रोमियो अपनी आशिकी में किस हद तक जाता है, यह सब जानने के लिए फिल्म देखनी होगी।
यह कहानी मशहूर लेखक हुसैन जैदी की किताब ‘माफिया क्वींस ऑफ मुंबई’ से ली गई है, जिसे विशाल भारद्वाज ने इश्क और बदले की रोमांचक परतों में ढाल दिया है। गैंगस्टर्स की दुनिया होने के कारण कहानी में अंधेरा, हिंसा और खून-खराबे का माहौल कई बार भारी लगता है। लेकिन विशाल भारद्वाज अपनी खास शैली में उसमें मोहब्बत, दोस्ती और अपनापन घोलकर इसे संतुलित कर देते हैं। इसी के साथ नब्बे के दशक के ‘धीरे धीरे से मेरी जिंदगी में आना…’ और ‘ऐ मेरे हमसफर…’ जैसे गीत बीच-बीच में सुकून और भावनाओं की मिठास भर देते हैं।

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