OTT is giving artists a chance to work freely - Sonakshi Sinha

ओटीटी कलाकारों को खुलकर काम करने का मौका दे रहा – सोनाक्षी सिन्हा

ओटीटी कलाकारों को खुलकर काम करने का मौका दे रहा

Mumbai: हाल ही में स्ट्रीमिंग फिल्म ककुड़ा में नजर आई बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने ओटीटी प्‍लेटफॉर्म को बहुत अहम बताया। सोनाक्षी ने कहा कि यह कलाकारों को अपने किरदारों की गहराई को समझने और उन्हें निभाने का मौका देता है। एक अवॉर्ड शो में ‘हीरामंडी’ अदाकारा सोनाक्षी को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
अभिनेत्री ने कहा, मैंने लगातार दो साल यह पुरस्कार जीता है। यह पुरस्कार मुझे दहाड़ और ‘हीरामंडी: द डायमंड बाजार’ के लिए दिया गया। यह इसका प्रमाण है कि ओटीटी प्‍लेटफॉर्म कलाकारों को खुलकर काम करने का मौका दे रहा है। सोनाक्षी ने ओटीटी और बड़े पर्दे पर काम करने के अनुभव पर कहा, ओटीटी वर्तमान में वाकई एक गेम-चेंजर है। ओटीटी पर पेश की जाने वाली भूमिकाएं अधिक जटिल और चुनौतीपूर्ण होती है। बड़े पर्दे पर हमेशा यह संभव नहीं होता। उन्होंने कहा, बड़ी स्क्रीन का उद्देश्य हमेशा ही ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों का मनोरंजन करना होता है, जबकि मुझे लगता है कि ओटीटी किरदारों को गहराई से जानने के लिए ज्‍यादा मौका देता है। मुझे दोनों ही जगह दर्शकों ने बहुत प्‍यार दिया है, जिसके लिए मैं आभारी हूं। इस डिजिटल क्रांति का हिस्सा बनना रोमांचक है, जहां कंटेंट ही सबसे ज्‍यादा मायने रखता है।

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Date : 12 October 2024 Posted By : EDITOR
ओटीटी कलाकारों को खुलकर काम करने का मौका दे रहा – सोनाक्षी सिन्हा
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ओटीटी कलाकारों को खुलकर काम करने का मौका दे रहा

Mumbai: हाल ही में स्ट्रीमिंग फिल्म ककुड़ा में नजर आई बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने ओटीटी प्‍लेटफॉर्म को बहुत अहम बताया। सोनाक्षी ने कहा कि यह कलाकारों को अपने किरदारों की गहराई को समझने और उन्हें निभाने का मौका देता है। एक अवॉर्ड शो में ‘हीरामंडी’ अदाकारा सोनाक्षी को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
अभिनेत्री ने कहा, मैंने लगातार दो साल यह पुरस्कार जीता है। यह पुरस्कार मुझे दहाड़ और ‘हीरामंडी: द डायमंड बाजार’ के लिए दिया गया। यह इसका प्रमाण है कि ओटीटी प्‍लेटफॉर्म कलाकारों को खुलकर काम करने का मौका दे रहा है। सोनाक्षी ने ओटीटी और बड़े पर्दे पर काम करने के अनुभव पर कहा, ओटीटी वर्तमान में वाकई एक गेम-चेंजर है। ओटीटी पर पेश की जाने वाली भूमिकाएं अधिक जटिल और चुनौतीपूर्ण होती है। बड़े पर्दे पर हमेशा यह संभव नहीं होता। उन्होंने कहा, बड़ी स्क्रीन का उद्देश्य हमेशा ही ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों का मनोरंजन करना होता है, जबकि मुझे लगता है कि ओटीटी किरदारों को गहराई से जानने के लिए ज्‍यादा मौका देता है। मुझे दोनों ही जगह दर्शकों ने बहुत प्‍यार दिया है, जिसके लिए मैं आभारी हूं। इस डिजिटल क्रांति का हिस्सा बनना रोमांचक है, जहां कंटेंट ही सबसे ज्‍यादा मायने रखता है।

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