कन्नप्पा: दुनिया के पहले नेत्रदाता और भगवान शिव के सबसे महान भक्त की अनकही कहानी
कन्नप्पा: दुनिया के पहले नेत्रदाता और भगवान शिव के सबसे महान भक्त की अनकही कहानी
Mumbai: कन्नप्पा भारतीय पौराणिक कथाओं का एक शक्तिशाली अध्याय जीवंत करता है—एक ऐसे परम शिवभक्त की कहानी, जिसकी अपने इष्ट के लिए श्रद्धा ने उसे एक अद्भुत बलिदान देने के लिए प्रेरित किया। मानव इतिहास के पहले नेत्रदाता के रूप में प्रसिद्ध कन्नप्पा की यह यात्रा केवल एक पौराणिक कथा नहीं, बल्कि एक भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव है। यह कम जानी-पहचानी लेकिन अत्यंत मार्मिक कहानी तब और भी गहराई पा जाती है जब यह सामने आता है कि कन्नप्पा को अर्जुन का पुनर्जन्म माना जाता है—इससे महाभारत की विरासत भी इस कथा की आध्यात्मिक आत्मा से जुड़ जाती है। इस फिल्म को भव्यता और भावनात्मक गहराई देने का कार्य करते हैं अक्षय कुमार और काजल अग्रवाल, जो भगवान शिव और पार्वती के रूप में नजर आएंगे। उनका ऑन-स्क्रीन स्वरूप दिव्यता से भरपूर है, जो फिल्म को गरिमा और सौंदर्य से भर देता है। लेकिन कन्नप्पा को सच्चा और आत्मिक अनुभव बनाने वाला पहलू है पर्दे के पीछे मौजूद लोगों की आस्था। फिल्म के अभिनेता, निर्माता और निर्देशक स्वयं देश के कई ज्योतिर्लिंगों की यात्रा कर चुके हैं—यह सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि उन मूल्यों के प्रति समर्पण का संकेत है जिन्हें यह फिल्म दर्शाती है। एक ऐसे समय में जब दर्शक फिर से अपनी संस्कृति और भक्ति से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं, कन्नप्पा एक विशेष स्थान रखता है। यह दर्शाता है कि दक्षिण भारतीय फिल्म निर्माता भारत की आध्यात्मिक विरासत को सच्चे मन, भव्यता और आत्मा से संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। त्याग और आस्था में जड़ें जमाई इस कहानी के साथ, कन्नप्पा सिर्फ एक फिल्म नहीं—यह भक्ति की अमर शक्ति का एक जीवंत प्रमाण है।
