kailash vijayvargiya: घंटा एपिसोड ने मचाया सियासी तूफान, विपक्ष और सोशल मीडिया दोनों मोर्चों पर घिरे मंत्री विजयवर्गीय
kailash vijayvargiya: घंटा एपिसोड ने मचाया सियासी तूफान, विपक्ष और सोशल मीडिया दोनों मोर्चों पर घिरे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय
विपक्ष के हमलों के बीच बयान पर सफाई की मांग, गरमाई प्रदेश की राजनीति
NDTV पत्रकार अनुराग द्वारी ने भाजपा मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सवाल किया, तो वो भड़क गए। बोले- छोड़ो यार तुम फोकट के प्रश्न मत पूछो। फिर बोले- क्या घंटा…. पत्रकार लगातार कहता रहा- आप शब्दों का चयन ठीक कीजिए। ढंग से बात कीजिए, लेकिन मंत्री ने एक न सुनी और खुदको जायज ठहराते हुए वहां से रफा-दफा हो गए। मंत्री के व्यवहार ने इसे राजनीतिक रंग दे दिया. जहां एक तरफ लोग मौत और बीमारी से पीड़ित हैं, वहीं मंत्री का मीडिया से बदतमीजी भरा रवैया सत्ता के अहंकार का प्रतीक बन गया।
भोपाल । इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से लोगों के सक्रमित होने की घटना के कारण मौतों का सिलसिला रूकने का नाम नहीं ले रहा है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बिगड़े बोल, और ठहाके लगाकर हंसने के कारण मप्र सरकार और भाजपा की फजीहत हो रही है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के मीम्स वायरल हो रहे हैं। इस बीच नगरीय प्रशासन मंत्री की शिकायतों का पुलिंदा दिल्ली पहुंच चुका है। सूत्रों का कहना है कि कैलाश विजयवर्गीय को लेकर आलाकमान नाराज है। यह पहली बार नहीं है जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय विवादित बयान की वजह से चर्चा में हैं। इसके पहले भी वे कई मौकों पर ऐसे बयान दे चुके हैं जो न सिर्फ अमर्यादित थे बल्कि सुनने वाले को असहज भी कर देते हैं। दरअसल कैलाश विजयवर्गीय और विवादों का चोली-दामन का साथ है। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी की वजह से लगातार हो रही मौतों को लेकर मीडिया द्वारा पूछे गए एक सवाल को लेकर विजयवर्गीय ऐसे बिफरे कि उन्होंने अशोभनीय शब्दों का प्रयोग कर डाला। विजयवर्गीय इसके पहले भी महिलाओं, संस्कृति, युवाओं और सामाजिक आचरण को लेकर दिए गए अपने बयानों की वजह से विवादों में रहे हैं। वे लगभग पांच दशक से सक्रिय राजनीति में हैं। वर्ष 1975 में वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े।
वर्ष 1983 में पहली बार पार्षद निर्वाचित होने के साथ ही उनकी राजनीतिक यात्रा शुरू हुई और वे भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बने। वे हरियाणा, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों के प्रभारी भी रहे, लेकिन कभी उस स्थायी राजनीतिक मुकाम को नहीं पा सके जिसके वे संगठनात्मक अनुभव और सक्रियता के आधार पर हकदार माने जाते हैं।
कैलाश विजयवर्गीय के बड़े विवादित बयान
कटी-फटी आजादी
अगस्त 2025 में विजयवर्गीय ने दावा किया कि 15 अगस्त 1947 को भारत को जो स्वतंत्रता मिली थी, वह एक कटी-फटी यानी अधूरी स्वतंत्रता थी। इंदौर में अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण के दौरान कैलाश ने अखंड भारत की परिकल्पना व्यक्त की और जोर देकर कहा कि एक दिन ऐसा आएगा जब इस्लामाबाद में भारतीय तिरंगा फहराया जाएगा।
ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटरों को सबक
अक्टूबर 2025 में विजयवर्गीय को इंदौर में दो ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटरों के साथ कथित छेड़छाड़ की घटना पर अपनी टिप्पणियों के लिए व्यापक आलोचना का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि खिलाडिय़ों को अपने होटल से निकलने से पहले अधिकारियों को सूचित करना चाहिए था और इस घटना को अधिकारियों तथा क्रिकेटरों दोनों के लिए एक सबक बताया।
छोटे कपड़ों पर शूर्पणखा कमेंट
अप्रैल 2023 में विजयवर्गीय ने इंदौर में एक धार्मिक कार्यक्रम में यह कहने के बाद हंगामा खड़ा कर दिया कि खराब या छोटे कपड़े पहनने वाली लड़कियां शूर्पणखा जैसी दिखती हैं।
विदेशी बनाम भारतीय सुंदरता
जून 2025 में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि वे महिलाओं के छोटे कपड़े पहनने के चलन को नापसंद करते हैं। उन्होंने जोर दिया कि यह सुंदरता की एक विदेशी अवधारणा है और भारतीय परंपरा के अनुरूप नहीं है।
मंत्री ने जताया खेद
वीडियो वायरल होने के बाद देर रात मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट कर माफी मांगी। उन्होंने लिखा: “मैं और मेरी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोए प्रभावित क्षेत्र में लगातार स्थिति सुधारने में जुटी हुई है। दूषित पानी से मेरे लोग पीड़ित हैं और कुछ हमें छोड़कर चले गए, इस गहरे दु:ख की अवस्था में मीडिया के एक प्रश्न पर मेरे शब्द गलत निकल गए। इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूँ। लेकिन जब तक मेरे लोग पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ नहीं हो जाते, मैं शांत नहीं बैठूँगा।
