कलेक्टर शिवम वर्मा ने कोलकाता, दिल्ली और भोपाल से आये विशेषज्ञ डॉक्टरर्स की टीम के साथ किया मंथन
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कोलकाता, दिल्ली और भोपाल से आये विशेषज्ञ डॉक्टरर्स की टीम के साथ किया मंथन
भागीरथपुरा क्षेत्र के सभी बोरिंगों और होज का क्लोरिनेशन होगा
शहर में जीबीएस (गुइलेन-बैरे सिंड्रोम) बीमारी का कोई मरीज नहीं मिला — कलेक्टर श्री वर्मा
इंदौर : इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई जलजनित घटना को लेकर स्मार्ट सिटी कार्यालय में कलेक्टर श्री शिवम वर्मा की अध्यक्षता में रविवार सुबह बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने भागीरथपुरा क्षेत्र में विभिन्न विभागों द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा क्षेत्र में कोलकत्ता, दिल्ली और भोपाल से आये विशेषज्ञ डॉक्टर्स की टीम कार्य कर रही है। पानी की टेस्टिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। क्षेत्र में स्थित सभी बोरिंगों का क्लोरिनेशन किया जायेगा। साथ ही घरों में बेसमेंट में बने होज को क्लीन कर उसका भी क्लोरिनेशन किया जायेगा। उसके बाद ही क्षेत्र के नागरिक बोरिंगों के पानी का इस्तेमाल करेंगे।
बैठक में अपर कलेक्टर नवजीवन पंवार, कोलकत्ता से आई टीम के वैज्ञानिक डॉ. प्रमित घोष, वैज्ञानिक डॉ.गौतम चौधरी और दिल्ली के एनसीडीसी के डॉ.अनुभव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.माधव प्रसाद हसानी, डॉ.अश्विन भागवत, डॉ.अभिजीत प्रकार, डॉ.सविता अखण्ड डॉ. सैलविया, श्री शैलेन्र्ा कुमार, डॉ.अंशुल मिश्रा,डॉ.रूपामी जोशी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि शहर में जीबीएस (गुइलेन-बैरे सिंड्रोम) बीमारी का कोई भी मरीज नहीं पाया गया। भागीरथपुरा क्षेत्र में कोलकत्ता,दिल्ली और भोपाल से आई टीम, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और संबंधित विभागों के साथ मिलकर पानी की जाँच कर रही है। जहाँ पर दूषित पानी पाया जायेगा,उसे चिन्हित कर उचित प्रबंध किया जायेगा। साथ ही क्षेत्रीय नागरिकों को भी जागरुक किया जा रहा है कि वे अपने बोरिंग और होज का क्लोरिनेशन कराने में सहयोग दें। इसके लिये भागीरथपुरा के पूरे क्षेत्र को 30 से अधिक बीटों में बांटा किया गया। हर बीट में कर्मचारियों और नागरिकों के साथ मिलकर क्लोरिनेशन का कार्य किया जायेगा। इसके लिये पूरे क्षेत्र को अवगत कराया जा रहा है।
कोलकत्ता से आई वैज्ञानिक और डॉक्टरों की टीम दूषित पानी की जाँच करेगी
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने कहा कि कोलकत्ता से आये वैज्ञानिक डॉ.प्रमित घोष और वैज्ञानिक डॉ. गौतम चौधरी दूषित जल के सेम्पल लेकर उसका वैज्ञानिक तरीके से जाँच करेगी। इसके लिये उक्त टीम भागीरथपुरा क्षेत्र में पानी के रेण्डम सेम्पल एकत्रित करेगी। इस कार्य में उक्त टीम नगर निगम, लोक स्वास्य् यांत्रिकी विभाग और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर कार्य करेगी। इसका मकसद नागरिकों को शुद्ध जल उपलब्ध कराना है। साथ ही घटना के हर पहलुओं की निगरानी कर कारण तलाशने में मदद करेगी।
कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि भागीरथपुरा क्षेत्र में स्टेट सर्विलांस और विशेषज्ञ डॉक्टर्स की टीम द्वारा माइक्रो लेवल पर निगरानी का कार्य किया जा रहा है। सामुदायिक स्तर पर भी स्थानीय नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि भागीरथपुरा क्षेत्र में टेंकरों के माध्यम से शुद्ध पेयजल वितरित कराया जा रहा है। नागरिकों को पानी उबलकर पीने की समझाईश दी जा रही है। पानी की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिये क्लोरिन (लिक्विड) भी दिया जा रहा है। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि दूषित पेयजल से विभिन्न अस्पतालों में प्रभावितों का बेहतर उपचार किया जा रहा है। उन्हें आवश्यक दवाइयाँ,इंजेक्शन आदि प्रदान किये जा रहे हैं। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि शहर के जिन क्षेत्रों में दूषित पानी की शिकायतें मिल रही हैं,वहाँ पानी के रेण्डम सैम्पल लिये जा रहे हैं। स्वास्य्ं विभाग,नगर निगम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग आदि विभाग के कर्मचारी द्वारा घर-घर जाकर सर्वे करने का कार्य भी जारी है।
