Farmers to receive four times market rate for land acquisition

किसानों को ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के भूअर्जन पर मिलेगा बाजार दर का 4 गुना मुआवजा

किसानों को ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के भूअर्जन पर मिलेगा बाजार दर का 4 गुना मुआवजा

सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसे अधोसंरचना निर्माण तथा विकास के लिए 33 हजार 985 करोड़ रूपये की स्वीकृति

इन्दौख-रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 157 करोड़ 14 लाख रूपये की स्वीकृति

छिन्दवाडा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना में पुनर्वास के लिए 969 करोड़ रूपये के विशेष पुनर्वास पैकेज की स्वीकृति

लोक निर्माण अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 25,164 करोड़ रूपये की स्वीकृति

निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना और शैक्षणिक संस्थानों के उन्नयन के लिए 2,190 करोड़ 44 लाख रूपये की स्वीकृति

प्रदेश में उन्नत चिकित्सा सेवाओं के लिए 5,479 करोड़ रूपये की स्वीकृति

शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में परिजन आवास की स्थापना की स्वीकृति

छठवें राज्य वित्त आयोग के कार्यों के संपादन के लिए 15 पदों के सृजन की स्वीकृति

“मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम” के लिए 24 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मुख्यमंत्री डॉ.यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए कृषि भूमि के भूअर्जन पर गुणन कारक (मल्टीफिकेशन फैक्टर) को दोगुना करते हुए 2.0 कर दिया गया है। इससे अब अधिग्रहित कृषि भूमि का मुआवजा किसानों को दोगुना के स्थान पर बाजार दर से 4 गुना प्राप्त होगा। यह निर्णय संपूर्ण प्रदेश की ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के अधिग्रहण पर लागू होगा। मंत्रि-परिषद ने नगरीय सीमा में मुआवजा गुणन कारक को यथावत एक रखा गया है। मंत्रि-परिषद ने इसके साथ सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसे अधोसंरचना निर्माण तथा विकास के कार्यों के लिए लगभग 33 हजार 985 करोड़ रूपये की स्वीकृति भी दी है।
भू-अर्जन पर बाजार दर का 4 गुना मुआवजा मिलने से किसानों को होगा जबरदस्त फायदा
मंत्रि-परिषद ने किसानों के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए ‘ मध्यप्रदेश भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार नियम 2015 ‘ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गुणन कारक (Multiplication Factor) को बढ़ाकर 2.0 कर दिया गया है, जिससे किसानों को अब उनकी कृषि भूमि का बाजार दर से 4 गुना मुआवजा मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
इस निर्णय से सिंचाई परियोजनाओं, सड़क, पुल, रेलवे और बांध निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित की जाने वाली कृषि भूमि पर किसानों को अधिक राशि मिल सकेगी। इससे न केवल विकास कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि भूमि देने वाले किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार होगा।
उल्लेखनीय है कि इस संबंध में मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, श्री राकेश सिंह और श्री चेतन्य कुमार काश्यप की उप-समिति ने अनुशंसा की थीं। उप-समिति ने अन्य राज्यों की नीतियों का अध्ययन करने के साथ ही विभिन्न् किसान संगठन क्रेडाई,सीआईआई और फिक्की से चर्चा के बाद यह रिपोर्ट तैयार की थी। सरकार के इस पारदर्शी और किसान-हितैषी निर्णय से प्रदेश के हजारों परिवारों को सीधा लाभ पहुँचेगा।
इन्दौख-रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 157 करोड़ 14 लाख रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा उज्जैन जिले की इन्दौख- रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की लागत राशि 157 करोड़ 14 लाख रूपये, सैंच्य क्षेत्र 10,800 हेक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। परियोजना से झारड़ा तहसील के 35 ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ होगा।
छिन्दवाड़ा सिंचाई काम्पलेक्स परियोजना में पुनर्वास के लिए 969 करोड़ रूपये के विशेष पुनर्वास पैकेज की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा छिन्दवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना में पुनर्वास के लिये स्वीकृत राशि 840 करोड़ 80 लाख रूपये के स्थान पर लगभग 969 करोड़ रूपये का विशेष पुनर्वास पैकेज स्वीकृति किया गया है। यह विशेष पैकेज त्वरित क्रियान्वयन व विस्थापितों के अपेक्षित सहयोग के लिए केन-बेतवा अन्तर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना के समकक्ष प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया है।
छिन्दवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना के अंतर्गत छिन्दवाड़ा जिले में संगम 1 बाँध, संगम 2 बाँध, रामघाट बांध एवं पांढुर्णा जिले में बेलेंसिग रिजर्वायर (पांढुर्णा) इस प्रकार कुल 4 बांध प्रस्तावित है, जिससे छिन्दवाड़ा एवं पांढुर्णा जिलों के 1,90,500 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी । परियोजना से छिन्दवाड़ा जिले के 369 एवं पांढुर्णा जिले के 259 ग्राम इस प्रकार कुल 628 ग्राम लाभान्वित होंगे।
लोक निर्माण अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 25,164 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 25,164 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार म..प्र. सड़क विकास निगम के माध्यम से सड़कों का निर्माण को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखे जाने और संचालन के लिए 7 हजार 212 करोड़ रूपये, ग्रामीण सडकों एवं अन्य जिला मार्गों का निर्माण और उन्नयन के कार्य की निरंतरता के लिए 6 हजार 150 करोड रूपये, पुलों और सड़कों के उन्नयन के लिए 1 हजार 87 करोड़ रूपये, भवनों के मरम्मत और विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 765 करोड़ रूपये और वृहद पुलों का निर्माण की योजना को सोलहवें वित्त आयोग की अवधि (1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031) तक में निरंतर रखे जाने और संचालन के लिए 9 हजार 950 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना और शैक्षणिक संस्थानों के उन्नयन के लिए 2,191 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत ग्राम क्षेत्रों में शासकीय विद्यालयों में कक्षा 6 वीं एवं कक्षा 9 वी में अध्ययनरत विद्यार्थियों को साइकिल प्रदाय करने से संबंधित निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर रखने के लिए 990 करोड़ रूपये और शिक्षक प्रशिक्षण संस्थाओं के वेतन भत्ते, कार्यालयीन व्यय एवं संस्थानों का सृदृढ़ीकरण से संबंधित 8 योजनाओं के संचालन के लिए 1,200 करोड़ 44 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना मध्यप्रदेश में वर्ष 2004-05 से संचालित की जा रही है। निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना अंतर्गत निर्धारित मापदण्ड अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत् विद्यार्थी जो कि शासकीय विद्यालयों में कक्षा 6 वीं एवं कक्षा 9 वी में अध्ययनरत् है, तथा वह जिस ग्राम का निवासी है उस ग्राम में शासकीय माध्यमिक / हाईस्कूल संचालित नहीं है तथा वह अध्ययन के लिए किसी अन्य ग्राम या शहर के शासकीय स्कूल में जाता है, उसे निःशुल्क साइकिल वितरण योजना अंतर्गत लाभान्वित किया जाता है।
प्रदेश में उन्नत चिकित्सा सेवाओं के लिए 5,479 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद् द्वारा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत प्रदेश में उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने, चिकित्सा महाविद्यालयों में उन्नयन और मण्डला में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना के लिए 5 हजार 479 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।
स्वीकृति अनुसार मुख्यमंत्री समग्र एवं उन्नत तृतीयक स्वास्थ्य सेवा संस्था सुदृढ़ीकरण योजना (CM CARE 2025) योजना के 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 3 हजार 628 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गए है। योजना के माध्यम से तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के एक सशक्त हब के रूप में शासकीय और स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों एवं निजी क्षेत्र में सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण अंतर्गत ऑन्कोलॉजी (सर्जिकल, मेडिकल एवं रेडिएशन), कार्डियोलॉजी, कार्डियक सर्जरी तथा अंग प्रत्यारोपण इकाइयों की स्थापना आदि का प्रावधान किया जा रहा है। इसके लिए शासकीय निवेश के साथ-साथ निजी भागीदारों की विशेषज्ञता, नवीनतम तकनीक और पूंजी निवेश का उपयोग कर सेवाओं की उन्नत गुणवत्ता और उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
इसके साथ ही चिकित्सा महाविद्यालयो में उन्नयन के लिए 1 हजार 503 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए। स्वीकृति अनुसार इस योजना से चिकित्सा महाविद्यालयों में अगले 5 वर्षों तक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा सकेगा।
मण्डला में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय स्थापना के निर्माण के लिए पूर्व में स्वीकृत 249 करोड़ 63 लाख रूपये के स्थान पर 347 करोड़ 39 लाख रुपए की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। स्थल परिवर्तन के कारण तकनीकी कारणों से लागत में वृद्धि के कारण पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। मण्डला में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना से आसपास के क्षेत्र की जनता को तृतीयक स्तर की चिकित्सा सुविधाएं सुलभता से प्राप्त होंगी।
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में परिजन आवास की स्थापना की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के चुने हुए चिकित्सा महाविद्यालयों के परिसर में परोपकारी संस्थाओं के माध्यम से परिजन आवास स्थापित करने के लिए मंजूरी दी है। संस्थाएं ऐसे परिजन विश्राम गृह की स्थापना अपने वित्तीय संसाधनों से करेगी,जिसके लिए सरकार कोई कोई वित्तीय सहायता नहीं देगी। संस्था द्वारा सेवाओं के लिए लिया जाने वाला शुल्क का निर्धारण शासन द्वारा गठित समिति द्वारा किया जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था से मरीज के परिजनों को बेहतर व्यवस्था कम दरों पर मिलेंगी और मानसिक रूप से वे बेहतर स्थिति में होंगे, जिसका सीधा-सीधा लाभ अस्पताल की व्यवस्था पर पड़ेगा और व्यवस्था सुचारु होगी।
चिकित्सा महाविद्यालय से संबंधित अस्पतालों में दूर-दूर से मरीज आते हैं। इनके साथ परिजन भी आते हैं। इनमें से कई परिजन अस्पताल परिसर से बाहर ठहरने की व्यवस्था के व्यय भार को उठाने में सक्षम नहीं होने के कारण अस्पताल परिसर में हो सो जाते हैं। इससे अस्पताल परिसर की स्वच्छता व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, साथ ही परिजनों को भी ठहरने को आरामदायक स्थान नहीं मिल पाता है। इसका अप्रत्यक्ष असर अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था तथा मरीज और अस्पताल स्टॉफ के मध्य संव्यवहार पर भी पड़ता है, जिससे अस्पतालों के कार्य प्रभावित होते हैं।
छठवें राज्य वित्त आयोग के कार्यों के संपादन के लिए 15 पदों के सृजन की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद् द्वारा छठवें राज्य वित्त आयोग के कार्यों के संपादन के लिए कार्यकाल अवधि के लिए 15 पदों के सृजन की स्वीकृति दी है। राज्य शासन द्वारा छठवें राज्य वित्त आयोग का गठन किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए 24 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद् द्वारा “मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तृतीय चरण को तीन वर्ष के संचालन के लिए 23 करोड़ 90 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही लोक सेवा प्रबंधन विभाग को अग्रिम कार्यवाही तथा प्रक्रिया निर्धारण कर नियमों एवं निर्देशों को जारी कर क्रियान्वयन के लिये अधिकृत किया गया है।

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Date : 22 April 2026 Posted By : EDITOR
किसानों को ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के भूअर्जन पर मिलेगा बाजार दर का 4 गुना मुआवजा
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किसानों को ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के भूअर्जन पर मिलेगा बाजार दर का 4 गुना मुआवजा

सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसे अधोसंरचना निर्माण तथा विकास के लिए 33 हजार 985 करोड़ रूपये की स्वीकृति

इन्दौख-रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 157 करोड़ 14 लाख रूपये की स्वीकृति

छिन्दवाडा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना में पुनर्वास के लिए 969 करोड़ रूपये के विशेष पुनर्वास पैकेज की स्वीकृति

लोक निर्माण अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 25,164 करोड़ रूपये की स्वीकृति

निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना और शैक्षणिक संस्थानों के उन्नयन के लिए 2,190 करोड़ 44 लाख रूपये की स्वीकृति

प्रदेश में उन्नत चिकित्सा सेवाओं के लिए 5,479 करोड़ रूपये की स्वीकृति

शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में परिजन आवास की स्थापना की स्वीकृति

छठवें राज्य वित्त आयोग के कार्यों के संपादन के लिए 15 पदों के सृजन की स्वीकृति

"मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम" के लिए 24 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मुख्यमंत्री डॉ.यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए कृषि भूमि के भूअर्जन पर गुणन कारक (मल्टीफिकेशन फैक्टर) को दोगुना करते हुए 2.0 कर दिया गया है। इससे अब अधिग्रहित कृषि भूमि का मुआवजा किसानों को दोगुना के स्थान पर बाजार दर से 4 गुना प्राप्त होगा। यह निर्णय संपूर्ण प्रदेश की ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के अधिग्रहण पर लागू होगा। मंत्रि-परिषद ने नगरीय सीमा में मुआवजा गुणन कारक को यथावत एक रखा गया है। मंत्रि-परिषद ने इसके साथ सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसे अधोसंरचना निर्माण तथा विकास के कार्यों के लिए लगभग 33 हजार 985 करोड़ रूपये की स्वीकृति भी दी है।
भू-अर्जन पर बाजार दर का 4 गुना मुआवजा मिलने से किसानों को होगा जबरदस्त फायदा
मंत्रि-परिषद ने किसानों के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए ' मध्यप्रदेश भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार नियम 2015 ' के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गुणन कारक (Multiplication Factor) को बढ़ाकर 2.0 कर दिया गया है, जिससे किसानों को अब उनकी कृषि भूमि का बाजार दर से 4 गुना मुआवजा मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
इस निर्णय से सिंचाई परियोजनाओं, सड़क, पुल, रेलवे और बांध निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित की जाने वाली कृषि भूमि पर किसानों को अधिक राशि मिल सकेगी। इससे न केवल विकास कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि भूमि देने वाले किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार होगा।
उल्लेखनीय है कि इस संबंध में मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, श्री राकेश सिंह और श्री चेतन्य कुमार काश्यप की उप-समिति ने अनुशंसा की थीं। उप-समिति ने अन्य राज्यों की नीतियों का अध्ययन करने के साथ ही विभिन्न् किसान संगठन क्रेडाई,सीआईआई और फिक्की से चर्चा के बाद यह रिपोर्ट तैयार की थी। सरकार के इस पारदर्शी और किसान-हितैषी निर्णय से प्रदेश के हजारों परिवारों को सीधा लाभ पहुँचेगा।
इन्दौख-रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 157 करोड़ 14 लाख रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा उज्जैन जिले की इन्दौख- रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की लागत राशि 157 करोड़ 14 लाख रूपये, सैंच्य क्षेत्र 10,800 हेक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। परियोजना से झारड़ा तहसील के 35 ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ होगा।
छिन्दवाड़ा सिंचाई काम्पलेक्स परियोजना में पुनर्वास के लिए 969 करोड़ रूपये के विशेष पुनर्वास पैकेज की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा छिन्दवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना में पुनर्वास के लिये स्वीकृत राशि 840 करोड़ 80 लाख रूपये के स्थान पर लगभग 969 करोड़ रूपये का विशेष पुनर्वास पैकेज स्वीकृति किया गया है। यह विशेष पैकेज त्वरित क्रियान्वयन व विस्थापितों के अपेक्षित सहयोग के लिए केन-बेतवा अन्तर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना के समकक्ष प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया है।
छिन्दवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना के अंतर्गत छिन्दवाड़ा जिले में संगम 1 बाँध, संगम 2 बाँध, रामघाट बांध एवं पांढुर्णा जिले में बेलेंसिग रिजर्वायर (पांढुर्णा) इस प्रकार कुल 4 बांध प्रस्तावित है, जिससे छिन्दवाड़ा एवं पांढुर्णा जिलों के 1,90,500 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी । परियोजना से छिन्दवाड़ा जिले के 369 एवं पांढुर्णा जिले के 259 ग्राम इस प्रकार कुल 628 ग्राम लाभान्वित होंगे।
लोक निर्माण अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 25,164 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 25,164 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार म..प्र. सड़क विकास निगम के माध्यम से सड़कों का निर्माण को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखे जाने और संचालन के लिए 7 हजार 212 करोड़ रूपये, ग्रामीण सडकों एवं अन्य जिला मार्गों का निर्माण और उन्नयन के कार्य की निरंतरता के लिए 6 हजार 150 करोड रूपये, पुलों और सड़कों के उन्नयन के लिए 1 हजार 87 करोड़ रूपये, भवनों के मरम्मत और विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 765 करोड़ रूपये और वृहद पुलों का निर्माण की योजना को सोलहवें वित्त आयोग की अवधि (1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031) तक में निरंतर रखे जाने और संचालन के लिए 9 हजार 950 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना और शैक्षणिक संस्थानों के उन्नयन के लिए 2,191 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत ग्राम क्षेत्रों में शासकीय विद्यालयों में कक्षा 6 वीं एवं कक्षा 9 वी में अध्ययनरत विद्यार्थियों को साइकिल प्रदाय करने से संबंधित निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर रखने के लिए 990 करोड़ रूपये और शिक्षक प्रशिक्षण संस्थाओं के वेतन भत्ते, कार्यालयीन व्यय एवं संस्थानों का सृदृढ़ीकरण से संबंधित 8 योजनाओं के संचालन के लिए 1,200 करोड़ 44 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना मध्यप्रदेश में वर्ष 2004-05 से संचालित की जा रही है। निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना अंतर्गत निर्धारित मापदण्ड अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत् विद्यार्थी जो कि शासकीय विद्यालयों में कक्षा 6 वीं एवं कक्षा 9 वी में अध्ययनरत् है, तथा वह जिस ग्राम का निवासी है उस ग्राम में शासकीय माध्यमिक / हाईस्कूल संचालित नहीं है तथा वह अध्ययन के लिए किसी अन्य ग्राम या शहर के शासकीय स्कूल में जाता है, उसे निःशुल्क साइकिल वितरण योजना अंतर्गत लाभान्वित किया जाता है।
प्रदेश में उन्नत चिकित्सा सेवाओं के लिए 5,479 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद् द्वारा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत प्रदेश में उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने, चिकित्सा महाविद्यालयों में उन्नयन और मण्डला में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना के लिए 5 हजार 479 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।
स्वीकृति अनुसार मुख्यमंत्री समग्र एवं उन्नत तृतीयक स्वास्थ्य सेवा संस्था सुदृढ़ीकरण योजना (CM CARE 2025) योजना के 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 3 हजार 628 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गए है। योजना के माध्यम से तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के एक सशक्त हब के रूप में शासकीय और स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों एवं निजी क्षेत्र में सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण अंतर्गत ऑन्कोलॉजी (सर्जिकल, मेडिकल एवं रेडिएशन), कार्डियोलॉजी, कार्डियक सर्जरी तथा अंग प्रत्यारोपण इकाइयों की स्थापना आदि का प्रावधान किया जा रहा है। इसके लिए शासकीय निवेश के साथ-साथ निजी भागीदारों की विशेषज्ञता, नवीनतम तकनीक और पूंजी निवेश का उपयोग कर सेवाओं की उन्नत गुणवत्ता और उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
इसके साथ ही चिकित्सा महाविद्यालयो में उन्नयन के लिए 1 हजार 503 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए। स्वीकृति अनुसार इस योजना से चिकित्सा महाविद्यालयों में अगले 5 वर्षों तक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा सकेगा।
मण्डला में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय स्थापना के निर्माण के लिए पूर्व में स्वीकृत 249 करोड़ 63 लाख रूपये के स्थान पर 347 करोड़ 39 लाख रुपए की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। स्थल परिवर्तन के कारण तकनीकी कारणों से लागत में वृद्धि के कारण पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। मण्डला में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना से आसपास के क्षेत्र की जनता को तृतीयक स्तर की चिकित्सा सुविधाएं सुलभता से प्राप्त होंगी।
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में परिजन आवास की स्थापना की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के चुने हुए चिकित्सा महाविद्यालयों के परिसर में परोपकारी संस्थाओं के माध्यम से परिजन आवास स्थापित करने के लिए मंजूरी दी है। संस्थाएं ऐसे परिजन विश्राम गृह की स्थापना अपने वित्तीय संसाधनों से करेगी,जिसके लिए सरकार कोई कोई वित्तीय सहायता नहीं देगी। संस्था द्वारा सेवाओं के लिए लिया जाने वाला शुल्क का निर्धारण शासन द्वारा गठित समिति द्वारा किया जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था से मरीज के परिजनों को बेहतर व्यवस्था कम दरों पर मिलेंगी और मानसिक रूप से वे बेहतर स्थिति में होंगे, जिसका सीधा-सीधा लाभ अस्पताल की व्यवस्था पर पड़ेगा और व्यवस्था सुचारु होगी।
चिकित्सा महाविद्यालय से संबंधित अस्पतालों में दूर-दूर से मरीज आते हैं। इनके साथ परिजन भी आते हैं। इनमें से कई परिजन अस्पताल परिसर से बाहर ठहरने की व्यवस्था के व्यय भार को उठाने में सक्षम नहीं होने के कारण अस्पताल परिसर में हो सो जाते हैं। इससे अस्पताल परिसर की स्वच्छता व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, साथ ही परिजनों को भी ठहरने को आरामदायक स्थान नहीं मिल पाता है। इसका अप्रत्यक्ष असर अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था तथा मरीज और अस्पताल स्टॉफ के मध्य संव्यवहार पर भी पड़ता है, जिससे अस्पतालों के कार्य प्रभावित होते हैं।
छठवें राज्य वित्त आयोग के कार्यों के संपादन के लिए 15 पदों के सृजन की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद् द्वारा छठवें राज्य वित्त आयोग के कार्यों के संपादन के लिए कार्यकाल अवधि के लिए 15 पदों के सृजन की स्वीकृति दी है। राज्य शासन द्वारा छठवें राज्य वित्त आयोग का गठन किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए 24 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद् द्वारा "मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तृतीय चरण को तीन वर्ष के संचालन के लिए 23 करोड़ 90 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही लोक सेवा प्रबंधन विभाग को अग्रिम कार्यवाही तथा प्रक्रिया निर्धारण कर नियमों एवं निर्देशों को जारी कर क्रियान्वयन के लिये अधिकृत किया गया है।

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